अमृतसर एयरपोर्ट के ऊपर मंडराए संदिग्ध ड्रोन, 7 फ्लाइट्स डायवर्ट, मचा हड़कंप

अमृतसर एयरपोर्ट के ऊपर मंडराए संदिग्ध ड्रोन, 7 फ्लाइट्स डायवर्ट, मचा हड़कंप

पंजाब के अमृतसर से एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। रविवार 7 सितंबर की रात करीब 10 बजे श्री गुरु राम दास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के परिचालन क्षेत्र में अचानक दो से चार संदिग्ध ड्रोन या ड्रोन जैसे दिखने वाले उड़ने वाले उपकरण देखे गए, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों को तुरंत हाई अलर्ट पर रख दिया गया।

रनवे के पास इस प्रकार की संदिग्ध गतिविधि का पता चलते ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) ने फौरन आपातकालीन अलर्ट जारी कर दिया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, ये संदिग्ध ड्रोन राजला गांव की दिशा से हवाई अड्डे के प्रतिबंधित क्षेत्र की ओर आते हुए दिखाई दिए और कुछ मिनटों तक रनवे तथा अन्य बेहद संवेदनशील इलाकों के ऊपर मंडराते रहे।

सात आने वाली उड़ानों का बदला गया मार्ग, यात्रियों को हुई परेशानी

सुरक्षा और यात्रियों की जान की एहतियात को सर्वोपरि रखते हुए अमृतसर आने वाली सात प्रमुख उड़ानों के मार्ग में तुरंत बदलाव किया गया और उन्हें दिल्ली तथा चंडीगढ़ एयरपोर्ट की ओर डायवर्ट कर दिया गया।

प्रभावित होने वाली उड़ानों में मलेशिया एयरलाइंस की फ्लाइट (MH-118) को कुआलालंपुर से अमृतसर आने के बजाय दिल्ली की ओर मोड़ा गया, जबकि इंडिगो की मुंबई से आने वाली फ्लाइट (6E-5028) और दिल्ली से आने वाली फ्लाइट (6E-2045) को चंडीगढ़ की ओर डायवर्ट किया गया। इसके अलावा, एयर इंडिया की फ्लाइट (AI-479) और (AI-855) के साथ-साथ शारजाह से आ रही इंडिगो की फ्लाइट (6E-1428) और एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट (IX-138) को भी सुरक्षा कारणों के चलते दिल्ली वापस या दिल्ली की ओर मोड़ना पड़ा।

भारत-पाकिस्तान सीमा के बेहद करीब स्थित है यह रणनीतिक रूप से संवेदनशील एयरपोर्ट

अमृतसर शहर के केंद्र से करीब 11 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में राजा सांसी में स्थित श्री गुरु राम दास जी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा पंजाब का सबसे बड़ा और सबसे व्यस्त एयरपोर्ट है। सिखों के चौथे गुरु राम दास के नाम पर रखे गए इस हवाई अड्डे का सामरिक महत्व बहुत अधिक है, क्योंकि यह भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से हवाई मार्ग से 30 किलोमीटर यानी करीब 18.6 मील से भी कम दूरी पर स्थित है। सीमा के इतने करीब होने के कारण यहाँ सुरक्षा व्यवस्था हमेशा से बेहद चाक-चौबंद रहती है और इस तरह की संदिग्ध ड्रोन गतिविधियां राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बहुत संवेदनशील मानी जाती हैं।