अशोक गहलोत का बड़ा खुलासा! राजस्थान की इन 4 बड़ी भर्ती परीक्षाओं में हुई धांधली का उठाया मुद्दा
राजस्थान में पेपर लीक का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के उस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें वर्तमान सरकार के कार्यकाल में एक भी पेपर लीक नहीं होने का दावा किया गया था। गहलोत ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि सरकार को यह कहने के बजाय कि कोई पेपर लीक नहीं हुआ, यह बताना चाहिए कि शिकायतों की निष्पक्ष जांच क्यों नहीं कराई गई।
'जांच होती तो सच्चाई सामने आती'
अशोक गहलोत ने अपने बयान में कहा कि यदि सभी शिकायतों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाती, तो वास्तविक स्थिति सामने आ जाती। उनके अनुसार कई मामलों में शिकायतें सामने आने के बावजूद उचित जांच नहीं कराई गई, जिससे विवाद और गहरा गया।
नीट यूजी पेपर लीक का भी किया जिक्र
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने बयान में राष्ट्रीय स्तर की मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG का उल्लेख करते हुए कहा कि कथित पेपर लीक प्रकरण का केंद्र राजस्थान रहा था और इससे लाखों विद्यार्थियों को प्रभावित होना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य स्तर पर शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया, जबकि बाद में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) तक मामला पहुंचने पर यह चर्चा में आया।
कई भर्ती परीक्षाओं के मामलों का किया उल्लेख
गहलोत ने अपने पोस्ट में राजस्थान की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं से जुड़े विवादों का भी जिक्र किया। उन्होंने नवलगढ़ में आरएएस परीक्षा का प्रश्नपत्र खुले लिफाफे में मिलने, प्राध्यापक भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र खुली सील के साथ पहुंचने, जैसलमेर में एलडीसी भर्ती परीक्षा के दौरान कथित नकल प्रकरण और राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के तकनीकी अधिकारी पर ओएमआर शीट बदलने के आरोपों का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि इन सभी मामलों में निष्पक्ष जांच कराए जाने की आवश्यकता थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।