5 करोड़ की विधायक निधि में से 20% स्कूलों को, राजस्थान में शिक्षा को लेकर बड़ा फैसला

5 करोड़ की विधायक निधि में से 20% स्कूलों को, राजस्थान में शिक्षा को लेकर बड़ा फैसला

राजस्थान में प्राथमिक और माध्यमिक स्तर की स्कूली शिक्षा के आधारभूत ढांचे को सुरक्षित और हाईटेक बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। कमजोर और बदहाल स्कूल भवनों को आधुनिक स्वरूप देने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2028-29 तक तीन साल का विशेष रोडमैप लागू किया जा रहा है। इस योजना के तहत लगभग 12,500 करोड़ रुपये का बड़ा बजट आवंटित कर स्कूलों को डिजिटल सुविधाओं और सुरक्षित भवनों से लैस किया जाएगा।

हजारों नए भवनों और आधुनिक क्लासरूम का होगा निर्माण

जारी वित्तीय रोडमैप के अनुसार प्रदेश में 3,587 नए विद्यालय भवनों की आधारशिला रखी जाएगी जिसके लिए करीब 2,487.75 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही विद्यार्थियों के बैठने की समस्या को दूर करने के लिए 8,378.30 करोड़ रुपये खर्च करके 83,783 नए कक्षा-कक्ष तैयार किए जाएंगे। योजना में 22,589 पुराने विद्यालयों के बड़े स्तर पर जीर्णोद्धार (मेजर रिपेयर) हेतु 1,129.45 करोड़ रुपये और छात्राओं व छात्रों की स्वच्छता के लिए 13,616 नए शौचालय परिसरों के निर्माण पर 340.40 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे।

41 जिलों के जमीनी सर्वे के बाद तैयार हुआ एक्शन प्लान

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर प्रदेश के सभी 41 जिलों में जिला प्रशासन की तकनीकी टीमों द्वारा गहन सर्वेक्षण करवाया गया था। इस सर्वे रिपोर्ट के आधार पर ही दीर्घकालिक और आपातकालीन जरूरतों को चिन्हित किया गया। गौरतलब है कि बीते पांच वर्षों के दौरान इस मद में कुल 2,200 करोड़ रुपये खर्च हुए थे जबकि वर्तमान में 3,006.34 करोड़ रुपये की विकास योजनाएं स्वीकृति और टेंडर के विभिन्न चरणों में पहुंच चुकी हैं। इनमें 518 नए भवनों के लिए 620 करोड़ रुपये के टेंडर जारी हो चुके हैं और 181 भवनों पर निर्माण कार्य शुरू भी हो गया है।

विधायक निधि का 20 प्रतिशत हिस्सा अनिवार्य रूप से शिक्षा पर खर्च

सरकारी स्कूलों को वित्तीय कमी से बचाने के लिए सरकार ने एक अनिवार्य नीतिगत फैसला लिया है। अब सभी विधायकों को मिलने वाली सालाना 5 करोड़ रुपये की विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास निधि का 20 फीसदी हिस्सा सीधे स्कूल विकास कार्यों में लगाया जाएगा। इसके तहत नाबार्ड और वित्त विभाग के सहयोग से 894 नए स्कूल भवनों के लिए लगभग 600 करोड़ के ऋण प्रस्ताव तैयार हुए हैं। वहीं 2,906 कक्षाओं के निर्माण के लिए 300 करोड़ और सुरक्षात्मक कार्यों के लिए 550 करोड़ रुपये की स्वीकृतियां जारी हो चुकी हैं।