राजस्थान में अवैध बांग्लादेशी नेटवर्क का बड़ा पर्दाफाश: जयपुर-नागौर समेत 4 शहरों में ताबड़तोड़ रेड, सिंदूर-मंगलसूत्र पहनकर ऐसे छिपा रही थीं पहचान

राजस्थान में अवैध बांग्लादेशी नेटवर्क का बड़ा पर्दाफाश: जयपुर-नागौर समेत 4 शहरों में ताबड़तोड़ रेड, सिंदूर-मंगलसूत्र पहनकर ऐसे छिपा रही थीं पहचान

देश के सीमावर्ती राज्यों के बाद अब राजस्थान में भी अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों और घुसपैठियों के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। हाल ही में जयपुर, नागौर, भीलवाड़ा और अजमेर जैसे प्रमुख जिलों में चलाए गए संयुक्त ऑपरेशन के दौरान एक ऐसे शातिर नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसने पुलिस और खुफिया एजेंसियों के भी होश उड़ा दिए हैं। अवैध तरीके से भारत में दाखिल होने वाली ये महिलाएं और नागरिक अपनी असली पहचान छिपाने के लिए हिंदू रीति-रिवाजों और फर्जी दस्तावेजों का सहारा ले रहे थे।

जयपुर और नागौर समेत चार शहरों में बड़ा एक्शन

खुफिया इनपुट के आधार पर राजस्थान पुलिस ने राज्य के कई जिलों में एक साथ दबिश दी। जयपुर के विभिन्न थाना क्षेत्रों (जैसे नारायण विहार, मानसरोवर और सांगानेर सदर) से पुलिस ने तीन मुख्य आरोपियों को दबोचा है, जिनमें एक महिला भी शामिल है। जांच में यह बात सामने आई है कि जयपुर के अलावा नागौर, भीलवाड़ा और अजमेर में सक्रिय इस नेटवर्क की जड़ें आपस में जुड़ी हुई हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इन घुसपैठियों को भारत में बसाने और उनके फर्जी कागजात तैयार करने के पीछे कौन सा संगठित गिरोह काम कर रहा है।

मांग में सिंदूर, गले में मंगलसूत्र और हिंदू युवकों से रचाई शादी

इस पूरे मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि पकड़ी गई विदेशी महिलाएं अपनी पहचान पूरी तरह बदलकर स्थानीय समाज में घुल-मिल गई थीं।

  • बदली पहचान: जयपुर में पकड़ी गई रुबिया नाम की महिला असम के रास्ते अवैध रूप से भारत में दाखिल हुई थी। किसी को भी उस पर शक न हो, इसके लिए वह नियमित रूप से मांग में सिंदूर भरती और गले में मंगलसूत्र पहनती थी।

  • प्रेम विवाह का जाल: इस महिला ने नागौर जिले के मेड़ता निवासी एक युवक से कथित तौर पर प्रेम विवाह कर लिया था और उसी के साथ रह रही थी। शुरुआती जांच में ऐसे कई और संकेत मिले हैं कि इस नेटवर्क की अन्य महिलाओं ने भी अपनी असली पहचान छिपाने के लिए राजस्थान के अलग-अलग स्थानों पर हिंदू युवकों से शादियां की हैं।

फर्जी आधार कार्ड और बांग्लादेशी पासपोर्ट बरामद

पुलिस की तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से संदिग्ध और कूटरचित दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

  • बिना वैध एंट्री के प्रवेश: गिरफ्तार महिला के पास से बांग्लादेश का पासपोर्ट मिला है, लेकिन उस पर भारत में कानूनी रूप से प्रवेश करने या इमिग्रेशन का कोई वैध वैध स्टांप या रिकॉर्ड दर्ज नहीं है।

  • फर्जी आधार कार्ड की जांच: आरोपियों के पास से जो आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्र मिले हैं, वे प्रथम दृष्टया संदिग्ध और फर्जी प्रतीत हो रहे हैं। एजेंसियां अब इस बात की गहराई से छानबीन कर रही हैं कि आखिर ये फर्जी दस्तावेज किस ईमित्र या सिंडिकेट के जरिए तैयार करवाए गए थे।

सुरक्षा एजेंसियों की रडार पर पूरा सिंडिकेट

हालांकि पुलिस की शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने इलाज कराने या रोजगार की तलाश में सीमा पार कर भारत आने की बात कही है, लेकिन अधिकारियों का मानना है कि मामला सिर्फ व्यक्तिगत घुसपैठ का नहीं बल्कि एक बड़े मानव तस्करी या सुनियोजित षड्यंत्र का हो सकता है। कुछ महिलाओं के कथित रूप से अन्य संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े होने की आशंका के बिंदुओं पर भी तकनीकी और कागजी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। फिलहाल, सभी पकड़े गए आरोपियों से केंद्रीय व राज्य स्तर की खुफिया एजेंसियां संयुक्त पूछताछ कर रही हैं ताकि इस अवैध नेटवर्क के बाकी चेहरों को भी बेनकाब किया जा सके।

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