इंस्टाग्राम पर दोस्ती, लड़की का सीकर वाले फ्लैट पर बुलावा

इंस्टाग्राम पर दोस्ती, लड़की का सीकर वाले फ्लैट पर बुलावा

सोशल मीडिया आज के दौर में लोगों को आपस में जोड़ने का एक ऐसा माध्यम बन चुका है, जहां दुनिया के किसी भी कोने में बैठा व्यक्ति चंद पलों में किसी से भी दोस्ती कर सकता है। फेसबुक, इंस्टाग्राम और स्नैपचैट जैसे आधुनिक प्लेटफॉर्म्स ने युवाओं के बीच दोस्ती के दायरे को बहुत व्यापक बना दिया है। लेकिन यही चमक-धमक वाली सोशल मीडिया दुनिया कई बार मासूम और भोले-भाले युवाओं के लिए एक ऐसा खौफनाक जाल साबित होती है, जिससे बाहर निकलना उनके लिए नामुमकिन सा हो जाता है। राजस्थान के जयपुर शहर से एक ऐसा ही सनसनीखेज और रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया पर होने वाली दोस्ती की आड़ में चल रहे खतरनाक अपराधों की पोल खोलकर रख दी है। इंस्टाग्राम पर हुई एक मामूली सी दोस्ती ने एक युवक की जिंदगी को न सिर्फ खतरे में डाल दिया, बल्कि उसे हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग के एक ऐसे दलदल में धकेल दिया, जिसकी उसने कभी सपने में भी कल्पना नहीं की थी। आइए विस्तार से जानते हैं कि किस तरह से एक लड़की ने प्यार और मुलाकातों के झांसे में लेकर जयपुर के युवक को सीकर बुलाया और वहां फ्लैट के अंदर पहुंचते ही क्या खौफनाक मंजर देखने को मिला।

इंस्टाग्राम की वर्चुअल दुनिया से शुरू हुई दोस्ती और मिलने का खतरनाक न्यौता

इस पूरी घटना की शुरुआत कुछ हफ्ते पहले इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी, जब जयपुर में रहने वाले एक युवक की प्रोफाइल पर एक खूबसूरत लड़की की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। धीरे-धीरे दोनों के बीच चैटिंग का सिलसिला शुरू हो गया, जो देखते ही देखते फोन पर लंबी बातचीत और वर्चुअल मुलाकातों में बदल गया। लड़की ने अपनी चिकनी-चुपड़ी बातों और मीठे लहजे से उस युवक का विश्वास पूरी तरह जीत लिया। युवक को इस बात का जरा भी अहसास नहीं हुआ कि वह जिस लड़की को अपनी बहुत बड़ी हितैषी समझ रहा है, वह असल में एक बड़े और संगठित अपराधी गिरोह का मोहरा मात्र है। कई दिनों तक लगातार बातचीत करने के बाद उस लड़की ने युवक को मिलने के बहाने राजस्थान के सीकर जिले में अपने एक फ्लैट पर आमंत्रित किया। लड़की ने बड़े ही प्यार से उसे यह कहकर बुलाया कि वे दोनों वहां सुकून से कुछ वक्त बिताएंगे। जयपुर से अपनी गाड़ी उठाकर वह युवक पूरी तरह बेखबर होकर सीकर के लिए रवाना हो गया, उसे क्या पता था कि यह मुलाकात उसकी जिंदगी की सबसे बड़ी और डरावनी भूल साबित होने वाली है।

सीकर के फ्लैट पर जैसे ही रखा कदम, अंदर मौजूद मुस्टंडों ने शुरू कर दिया नंगा नाच

जब वह युवक सीकर पहुंचा और बताए गए पते के अनुसार उस फ्लैट के दरवाजे पर पहुंचा, तो उसने घंटी बजाई। लड़की ने खुद दरवाजा खोला और उसे अंदर आने का इशारा किया। जैसे ही युवक ने उस फ्लैट के अंदर अपना पहला कदम रखा, अंदर का नजारा पूरी तरह से बदला हुआ था। जिस प्यार और अपनेपन की उम्मीद लेकर वह वहां गया था, उसकी जगह वहां पहले से घात लगाकर बैठे कुछ खूंखार और भारी-भरकम मुस्टंडे (बदमाश) मौजूद थे। दरवाजा अंदर से बंद होते ही उन बदमाशों ने उस पर हमला बोल दिया। युवक कुछ समझ पाता या विरोध कर पाता, उससे पहले ही उन दबंग किस्म के युवकों ने उसे दबोच लिया। बदमाशों ने उसे बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया और उसके हाथ-पैर बांधकर एक कोने में पटक दिया। उस फ्लैट के अंदर का खौफनाक माहौल देखकर युवक के होश उड़ गए और उसे समझ आ गया कि वह एक सुनियोजित हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग के जाल में बुरी तरह फंस चुका है।

ब्लैकमेलिंग, जबरन वसूली और वीडियो बनाने का खौफनाक खेल

फ्लैट के अंदर बंद करने के बाद उन मुस्टंडों ने युवक का मोबाइल फोन छीन लिया और उसके साथ अमानवीय सलूक करना शुरू कर दिया। बदमाशों ने उस लड़की के साथ युवक की जबरन कुछ आपत्तिजनक और डरावनी तस्वीरें व वीडियो बना लीं, जिनके आधार पर वे उसे जान से मारने की धमकी देने लगे। इसके बाद शुरू हुआ पैसों की उगाही का गंदा खेल। बदमाशों ने उसके परिवारवालों और जानकारों को फोन करके मोटी फिरौती (रुपये) की मांग की और चेतावनी दी कि यदि पुलिस को सूचना दी गई, तो उसके प्राण ले लिए जाएंगे और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए जाएंगे। डरा-सहमा और प्रताड़ित वह युवक उस वक्त अपनी जान बचाने के लिए गिड़गिड़ाता रहा, लेकिन उन अपराधियों के दिल में ज़रा भी रहम नहीं आया। इस प्रकार की घटनाएं आज के समय में इस बात की गवाही देती हैं कि सोशल मीडिया पर अजनबी लोगों पर आंख मूंदकर भरोसा करना कितना घातक साबित हो सकता है।

पुलिस की एंट्री और इस सनसनीखेज हनीट्रैप गैंग का हुआ बड़ा पर्दाफाश

जब काफी वक्त बीत जाने के बाद भी जयपुर से गया वह युवक वापस नहीं लौटा और उसके फोन बंद आने लगे, तो उसके परिजनों की चिंता बढ़ गई। परिजनों ने तुरंत इस मामले की गंभीरता को समझते हुए जयपुर और सीकर पुलिस से संपर्क किया और अपनी आशंका जताई। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और मोबाइल लोकेशन (Cyber Cell Tracing) का उपयोग करते हुए तुरंत एक्शन लिया और उस संदिग्ध फ्लैट का पता लगा लिया जहां उसे बंधक बनाया गया था। सीकर पुलिस ने बिना देर किए उस फ्लैट पर अचानक दबिश (Raids) दी और वहां से बंधक बनाए गए युवक को सुरक्षित मुक्त करवा लिया। पुलिस को देखते ही फ्लैट के अंदर मौजूद वे मुस्टंडे और मुख्य साजिशकर्ता लड़की भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उनमें से कई मुख्य आरोपियों को मौके पर ही धर दबोचा। पुलिस पूछताछ में इस बात का खुलासा हुआ है कि यह गैंग पहले भी कई अन्य भोले-भाले युवकों को इसी तरह इंस्टाग्राम और सोशल मीडिया के जरिए अपने जाल में फंसाकर उनसे लाखों रुपये ऐंठ चुका है। इस घटना ने एक बार फिर से सभी सोशल मीडिया यूजर्स को यह गंभीर चेतावनी दी है कि वे इंटरनेट की वर्चुअल दुनिया में किसी भी अजनबी व्यक्ति पर आंख मूंदकर भरोसा न करें और अपनी सुरक्षा को हमेशा प्राथमिकता दें।