जयपुर-अजमेर में ओलावृष्टि, सवाई माधोपुर में झमाझम; राजस्थान में पारे की भारी गिरावट से उड़े होश

जयपुर-अजमेर में ओलावृष्टि, सवाई माधोपुर में झमाझम; राजस्थान में पारे की भारी गिरावट से उड़े होश

राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) के गुजरते असर ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। सवाई माधोपुर में सोमवार तड़के करीब 3 बजे से सुबह 8 बजे तक रुक-रुककर झमाझम और रिमझिम बारिश का दौर चला, जिससे जहां सुबह-शाम गुलाबी ठंडक घुल गई, वहीं जिले के खंडार क्षेत्र में पकी फसलों को नुकसान के अंदेशे से अन्नदाताओं की चिंताएं बढ़ गई हैं। इससे ठीक पहले रविवार को राजधानी जयपुर, अजमेर, टोंक और बारां में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई, जबकि जयपुर और अजमेर के कई इलाकों में ओलावृष्टि दर्ज की गई। कमजोर धूप और ठंडी हवाओं के चलते दिन के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आई है, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली है।

बारिश और ओलों के असर से प्रदेश के 10 से ज्यादा प्रमुख शहरों में रात का न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे फिसल चुका है। पर्वतीय पर्यटन स्थल माउंट आबू 15.3 डिग्री के साथ सबसे ठंडा रहा, जबकि सिरोही में 16, फतेहपुर में 17, डूंगरपुर में 18.6, सीकर में 18.8, पाली में 19, पिलानी में 19.3, टोंक में 19.4, अलवर में 19.5 और श्रीगंगानगर व झुंझुनूं में 19.7 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। दिन के पारे में भी नरमी आई है; अलवर में अधिकतम तापमान 31.8, हनुमानगढ़ में 31.2, करौली व झुंझुनूं में 32.4, सीकर में 32, पिलानी में 33 और अजमेर में 33.7 डिग्री सेल्सियस रहा। हालांकि पश्चिमी राजस्थान के रेगिस्तानी हिस्सों में अब भी दिन में तीखी धूप का असर बरकरार है, जहां बाड़मेर में सर्वाधिक 38 डिग्री, जोधपुर में 36.8, फलोदी में 36.2, जालोर में 36, सिरोही में 37.1 और जैसलमेर में 35.9 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान बना हुआ है।

मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के मुताबिक, अगले तीन से चार दिनों के दौरान राज्यभर में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा और दिन में तेज धूप खिलेगी। हालांकि यह राहत ज्यादा दिन नहीं टिकने वाली, क्योंकि 22 और 23 अक्टूबर को उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के मजबूत संकेत हैं। इस नए वेदर सिस्टम के असर से राज्य के तापमान में फिर से उलटफेर होगा और ठंड की रफ्तार में तेजी देखने को मिल सकती है।