छुट्टी पर घर आए थे दो दोस्त, आधी रात को बुझ गए दो घरों के चिराग! झुंझुनूं में रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा

छुट्टी पर घर आए थे दो दोस्त, आधी रात को बुझ गए दो घरों के चिराग! झुंझुनूं में रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा

राजस्थान के झुंझुनूं जिले अंतर्गत चिड़ावा क्षेत्र में शनिवार देर रात हुए एक रूह कंपा देने वाले सड़क हादसे में दो घरों के चिराग बुझ गए। सिंघाना मार्ग पर गाडाखेड़ा पुलिस चौकी के पास एक बेकाबू तेज रफ्तार बोलेरो आगे जा रही बजरी से ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली के पिछले हिस्से में जा घुसी। टक्कर इतनी प्रचंड थी कि बोलेरो के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए और वह कबाड़ में तब्दील हो गई। इस दर्दनाक दुर्घटना में बोलेरो सवार दो सगे दोस्तों की जान चली गई, जबकि दो अन्य युवक जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं।

चिड़ावा थाने के एएसआई अनिल के अनुसार, जान गंवाने वाले युवकों की शिनाख्त ढाढ़ोत कलां निवासी दीपक (26) और विकास (30) के रूप में हुई है। दोनों युवक हरियाणा के गुरुग्राम में ब्लिंकिट कंपनी में डिलीवरी ब्वॉय के पद पर कार्यरत थे और कुछ दिन पहले ही छुट्टी लेकर अपने गांव आए हुए थे। शनिवार की शाम ढाढ़ोत निवासी दीपक, विकास, सचिन और अंकुश किसी निजी काम के सिलसिले में चिड़ावा कस्बे पहुंचे थे। देर रात काम निपटाकर जब चारों दोस्त बोलेरो से वापस अपने गांव लौट रहे थे, तभी गाडाखेड़ा पुलिस चौकी के नजदीक यह भयानक हादसा घटित हो गया।

दुर्घटना की तेज गूंज सुनकर मौके पर पहुंचे राहगीरों और ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए चिड़ावा पुलिस को सूचित किया। पुलिस दल ने स्थानीय लोगों की मदद से भारी मशक्कत के बाद बोलेरो के कटे हुए मलबे से चारों युवकों को बाहर निकाला और तुरंत चिड़ावा के उपजिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने दीपक को मौके पर ही मृत घोषित कर दिया, जबकि नाजुक हालत को देखते हुए बाकी तीन घायलों को प्राथमिक इलाज के बाद झुंझुनूं बीडीके अस्पताल रेफर कर दिया गया। झुंझुनूं ले जाते समय रास्ते में विकास की सांसें भी थम गईं। गंभीर रूप से घायल सचिन और अंकुश का झुंझुनूं के अस्पताल में सघन इलाज जारी है।

भाई-बहनों का  है रो-रोकर बुरा हाल

दीपक के आकस्मिक निधन से उसके माता-पिता और भाई-बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं विकास अपने पीछे पत्नी और महज 4 साल की मासूम बेटी को छोड़ गया है। त्योहार और छुट्टियों के माहौल में जिन आशियानों में बेटों के लौटने की चहल-पहल थी, वहां अब चीख-पुकार और सन्नाटा पसर गया है। पूरे ढाढ़ोत गांव में इस हृदयविदारक घटना के बाद चूल्हे तक नहीं जले। चिड़ावा पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर मामला दर्ज करते हुए रविवार सुबह पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर दोनों शव उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिए हैं और फरार ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक व दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।