फर्जी डिग्री से सरकारी नौकरी हथियाने वाला PTI गिरफ्तार, डेढ़ साल से पुलिस को दे रहा था चकमा
राजस्थान में शिक्षक भर्तियों में फर्जी डिग्री रैकेट के खिलाफ स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है। शारीरिक शिक्षा अध्यापक (पीटीआई) भर्ती परीक्षा-2022 में बैक डेट की फर्जी बीपीएड डिग्री लगाकर सरकारी सेवा हासिल करने वाले बर्खास्त पीटीआई चंद्र सिंह पटेल (41) को एसओजी ने जोधपुर से गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपी जोधपुर ग्रामीण के बिलाड़ा का निवासी है। फर्जीवाड़े की पुष्टि के बाद शिक्षा विभाग ने उसे पहले ही सेवा से बर्खास्त कर दिया था, जिसके बाद से वह गिरफ्तारी से बचने के लिए पिछले डेढ़ साल से शहर के अलग-अलग ठिकानों पर छिपकर रह रहा था।
1.20 लाख रुपये में खरीदी थी यूपी की जेएस यूनिवर्सिटी से बैक डेट डिग्री
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (एसओजी) विशाल बंसल के अनुसार, शारीरिक शिक्षा अध्यापक भर्ती-2022 में दलालों के जरिए विभिन्न निजी विश्वविद्यालयों से बैक डेटेड फर्जी डिग्रियों के उपयोग की व्यापक शिकायतें मिली थीं। एसओजी थाना जयपुर में केस दर्ज कर जब जांच को आगे बढ़ाया गया तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच में खुलासा हुआ कि चंद्र सिंह पटेल ने दलाल बाबूलाल उर्फ बाबू पटेल, प्रदीप कुमार शर्मा और रवि त्यागी को 1 लाख 20 हजार रुपये देकर उत्तर प्रदेश के शिकोहाबाद स्थित जेएस यूनिवर्सिटी से बीपीएड की फर्जी डिग्री प्राप्त की थी। इसी दस्तावेज के सहारे उसने पीटीआई पद पर चयन हासिल किया था। मामले से जुड़े तीनों दलालों को एसओजी पहले ही सलाखों के पीछे भेज चुकी है।
जोधपुर पुलिस के सहयोग से घेराबंदी, कोर्ट से मिला पुलिस रिमांड
फर्जी डिग्री का भांडा फूटते ही शिक्षा विभाग द्वारा बर्खास्त किए जाने के बाद चंद्र सिंह लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस को चकमा दे रहा था। पुख्ता खुफिया इनपुट मिलने पर एसओजी की टीम ने जोधपुर ग्रामीण पुलिस के समन्वय से दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया। कोर्ट में पेशी के बाद अदालत ने आरोपी को पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। एसओजी अब आरोपी से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि इस फर्जी डिग्री सिंडिकेट से जुड़े अन्य एजेंटों और अनुचित लाभ उठाकर नियुक्त हुए अन्य अभ्यर्थियों की सूची तैयार की जा सके।