राजस्थान पंचायत चुनाव: 16 जिलों में वोटिंग शुरू, अलवर में EVM अटकी; जानें जमीनी समीकरण
राजस्थान के ग्रामीण सियासी दंगल का पहला चरण शुरू हो चुका है, जहां 16 जिला परिषदों और 104 पंचायत समितियों के लिए मतदाता सुबह 7 बजे से कतारों में डटे हुए हैं। मतदान की शुरुआत में अलवर जिले के वार्ड नंबर 11 स्थित बूथ नंबर 76 और 77 पर ईवीएम में अचानक तकनीकी खराबी आ गई, जिससे प्रक्रिया करीब एक घंटे तक रुकी रही।
हालांकि प्रशासन ने तुरंत तकनीकी खामी दूर कर मतदान दोबारा सामान्य कराया। शाम 6 बजे तक चलने वाले इस मतदान में 85 लाख से अधिक ग्रामीण मतदाता 6,926 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला ईवीएम का बटन दबाकर कर रहे हैं। राज्य के अजमेर, बांसवाड़ा, बाड़मेर, भीलवाड़ा, बीकानेर, बूंदी, चित्तौड़गढ़, चूरू, डूंगरपुर, हनुमानगढ़, जैसलमेर, जालौर, झालावाड़, झुंझुनू, नागौर, पाली, प्रतापगढ़, राजसमंद, सीकर, टोंक और उदयपुर जिलों में चुनावी हलचल तेज है।
इस महामुकाबले के लिए कुल 9,886 पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं, जिनमें अकेले जयपुर जिले में 797 केंद्र शामिल हैं। मुख्य टक्कर भाजपा और कांग्रेस के बीच मानी जा रही है, लेकिन राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP), भारत आदिवासी पार्टी (BAP) और स्थानीय निर्दलीय बागियों ने मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है। जिला परिषद व पंचायत समिति के बाकी चरण 29 अक्टूबर, 4 और 14 नवंबर को होंगे, जबकि पंच-सरपंच पदों के लिए वोटिंग 25 अक्टूबर से शुरू होगी।
पंचायत चुनावों के इस रण के बीच हाल ही में घोषित राजस्थान शहरी निकाय चुनाव के नतीजों ने दोनों प्रमुख दलों के समीकरण बदल दिए हैं। निकाय चुनावों में भाजपा सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है, जिसने कांग्रेस के 3,613 वार्डों के मुकाबले 4,179 वार्डों पर जीत दर्ज कर 10 में से चार नगर निगमों में स्पष्ट बहुमत हासिल किया। वहीं, कांग्रेस ने बीकानेर नगर निगम में जीत के साथ-साथ पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के सियासी प्रभाव वाले झालावाड़ नगर परिषद में कब्जा जमाकर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। इस बार निर्दलीय उम्मीदवार भी बड़े गेमचेंजर बनकर उभरे हैं, जिन्होंने 2,273 वार्डों पर जीत हासिल की। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के गृह क्षेत्र भरतपुर नगर निगम में निर्दलीयों ने अपना परचम लहराते हुए 65 में से 36 वार्ड अपने नाम किए, जबकि बारां में आम आदमी पार्टी ने अप्रत्याशित प्रदर्शन कर सबको चौंका दिया है।