कागजों में समाजसेवा, खाते से करोड़ों कैश! जैसलमेर में ED की जांच से सामने आया चौंकाने वाला मामला

कागजों में समाजसेवा, खाते से करोड़ों कैश! जैसलमेर में ED की जांच से सामने आया चौंकाने वाला मामला

राजस्थान का रणनीतिक रूप से संवेदनशील सीमावर्ती जिला जैसलमेर जासूसी के मामलों के बाद अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित एक संदिग्ध विदेशी फंडिंग और धर्मांतरण सिंडिकेट को लेकर सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर आ गया है।

ईडी द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि यूरोपीय देश बेल्जियम की राजधानी ब्रुसेल्स में सक्रिय एक संस्था के जरिए पिछले कुछ वर्षों के भीतर लगभग 5.10 करोड़ रुपये की विदेशी धनराशि जैसलमेर ट्रांसफर की गई थी। इस भारी-भरकम राशि के प्रवाह और उसके उपयोग को लेकर केंद्रीय जांच एजेंसी ने अपनी तफ्तीश तेज कर दी है।

कागजों पर पारिवारिक भरण-पोषण और सांस्कृतिक काम, धरातल पर शून्य

बैंकिंग दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड के विश्लेषण से सामने आया है कि इस रकम को विदेश से भेजते समय आधिकारिक तौर पर पारिवारिक भरण-पोषण, शैक्षणिक सहायता और स्थानीय सांस्कृतिक गतिविधियों के मद में दर्ज कराया गया था। हालांकि, जब जांच अधिकारियों ने जमीनी स्तर पर इन दावों का सत्यापन किया, तो शिक्षा, संस्कृति या समाज सेवा से जुड़ा कोई भी ठोस काम मौके पर संचालित होता नहीं पाया गया। इससे यह स्पष्ट संकेत मिले कि संस्थागत फंडिंग के नाम पर सीमावर्ती इलाके में अवैध गतिविधियों और धर्मांतरण के नेटवर्क को वित्तीय खाद-पानी मुहैया कराया जा रहा था।

मुख्य आरोपी देउराम ने निकाले 2.60 करोड़ नकद, लेन-देन का रिकॉर्ड गायब

जांच एजेंसी के अनुसार, इस पूरे मामले का मुख्य सूत्रधार देउराम नामक व्यक्ति है। देउराम ने संबंधित बैंक खातों में विदेशी मुद्रा प्राप्त होने के बाद लगभग 2.60 करोड़ रुपये की भारी रकम सीधे नकद (Cash) के रूप में निकाली। सबसे गंभीर बात यह है कि इस नकद निकाली गई करोड़ों की रकम को कहां और किस उद्देश्य से खर्च किया गया, इसका कोई भी वैध वित्तीय ब्योरा या अकाउंटिंग रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया। जब वित्तीय निगरानी एजेंसियों ने संदिग्ध गतिविधियों को भांपते हुए मुख्य खातों में सीधी विदेशी आवक पर तकनीकी रोक लगाई, तो सिंडिकेट ने फंडिंग का सिलसिला जारी रखने के लिए दूसरे डमी व्यक्तियों के व्यक्तिगत बैंक खातों का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया।

जैसलमेर में दो ठिकानों पर ED की छापेमारी, बड़े सिंडिकेट की पड़ताल जारी

बैंक खातों में हुए इस असामान्य लेन-देन और वित्तीय विचलनों के पुख्ता इनपुट मिलने के बाद प्रवर्तन निदेशालय की विशेष टीमों ने जैसलमेर स्थित दो अलग-अलग ठिकानों पर सघन छापेमारी की कार्रवाई को अंजाम दिया। तलाशी अभियान के दौरान जांचकर्ताओं ने लेन-देन से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य और डायरियां बरामद की हैं। केंद्रीय एजेंसी अब इस बात की गहनता से तहकीकात कर रही है कि ब्रुसेल्स से आई इस करोड़ों की विदेशी फंडिंग का वास्तविक अंतिम उद्देश्य क्या था, नकद निकाली गई राशि को किन-किन लोगों में बांटा गया और क्या इस सीमावर्ती नेटवर्क के तार किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय षड्यंत्र से भी जुड़े हैं।