10 बजे सड़क किनारे दिखा कुछ ऐसा, देखते ही कोटा में मच गई अफरा-तफरी

10 बजे सड़क किनारे दिखा कुछ ऐसा, देखते ही कोटा में मच गई अफरा-तफरी

कोटा शहर के पॉश रिहायशी इलाके बसंत विहार में सोमवार रात उस वक्त हड़कंप और अफरा-तफरी मच गई, जब सड़क किनारे दीवार के सहारे करीब 12 फीट लंबा और 40 किलोग्राम वजनी भीमकाय अजगर रेंगता हुआ दिखाई दिया।

गणेश तालाब और आरएसी ग्राउंड के बीच बसी इस घनी आबादी वाली कॉलोनी में रात लगभग 10 बजे रास्ते से गुजर रहे राहगीरों की नजर इस विशालकाय अजगर पर पड़ी। आबादी के इतने नजदीक इतने बड़े अजगर की मौजूदगी की खबर फैलते ही कॉलोनी में दहशत फैल गई और मौके पर स्थानीय निवासियों व राहगीरों की भारी भीड़ एकत्र हो गई।

दीवार के पास कुंडली मारे बैठा था विशाल अजगर, लोगों में मची दहशत

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, रात के अंधेरे में अजगर एक बाउंड्री वॉल के पास कुंडली मारकर बैठा हुआ था। उसका भारी-भरकम आकार और मोटाई देखकर राहगीर सहम गए। कॉलोनीवासियों ने बिना कोई जोखिम उठाए तुरंत स्थानीय वन्यजीव विशेषज्ञ और स्नेक कैचर गोविंद शर्मा को मामले की जानकारी दी। सूचना मिलते ही गोविंद शर्मा रेस्क्यू उपकरणों के साथ तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और भीड़ को सुरक्षित दूरी पर रखते हुए बचाव अभियान शुरू किया।

2 से 3 बार पकड़ से फिसला अजगर, रेस्क्यू में छूटे पसीने

अजगर का वजन और ताकत इतनी ज्यादा थी कि उसे नियंत्रित करना बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। स्नेक कैचर गोविंद शर्मा के अनुसार, रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान अजगर ने बचने के लिए जबरदस्त ताकत लगाई और दो से तीन बार वह ग्रिपर व पकड़ से फिसलकर छूट गया। हर बार छूटने पर आसपास मौजूद लोगों की सांसें अटक जा रही थीं। हालांकि, करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत और सूझबूझ के बाद गोविंद शर्मा ने अजगर को सुरक्षित तरीके से प्लास्टिक के बड़े डिब्बे/बैग में काबू कर लिया।

वन विभाग को दी सूचना, लाडपुरा के घने जंगलों में किया गया रिलीज

अजगर के सुरक्षित पकड़े जाने के बाद गोविंद शर्मा ने तुरंत वन विभाग के अधिकारियों को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया। वन विभाग के दिशा-निर्देशों और अनुमति के बाद इस 40 किलो वजनी अजगर को बस्ती से काफी दूर लाडपुरा क्षेत्र के सुरक्षित प्राकृतिक वन क्षेत्र में ले जाया गया, जहां उसे अनुकूल पर्यावास में पूरी तरह सुरक्षित छोड़ दिया गया। विशालकाय शिकारी के पकड़े जाने और जंगल में छोड़े जाने के बाद बसंत विहार कॉलोनी के निवासियों ने राहत की सांस ली।