जैसलमेर के सरकारी स्कूल में शिक्षक संकट: गुस्से में आए छात्र और ग्रामीण, मुख्य गेट पर ताला जड़कर किया जोरदार प्रदर्शन
राजस्थान के सीमावर्ती जिले जैसलमेर से शिक्षा व्यवस्था की पोल खोलती एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जिले के एक सरकारी स्कूल में लंबे समय से चल रहे शिक्षकों के पद खाली होने (Teacher Shortage) और पढ़ाई बाधित होने से नाराज छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों का सब्र का बांध आखिरकार टूट गया। आक्रोशित ग्रामीणों और स्कूली बच्चों ने मिलकर स्कूल के मुख्य प्रवेश द्वार पर बड़ा सा ताला जड़ दिया और स्कूल के बाहर ही धरने पर बैठ गए। इस दौरान ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
लंबे समय से खाली पड़े हैं शिक्षकों के पद
ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल में नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुए काफी समय बीत चुका है, लेकिन स्कूल में महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक ही उपलब्ध नहीं हैं। कई बार प्रशासनिक अधिकारियों और शिक्षा विभाग के आला अफसरों को लिखित में शिकायत देने के बावजूद इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों का भविष्य अंधकार में लटक रहा है और उनकी बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी पूरी तरह ठप पड़ी है। इसी बात से नाराज होकर बच्चों को मजबूरी में सड़कों पर उतरना पड़ा।
स्कूल के बाहर धरने पर बैठे मासूम बच्चे
प्रदर्शन के दौरान स्कूल के नन्हे-मुन्ने बच्चे अपनी पाठ्यपुस्तकों और तख्तियों के साथ स्कूल के गेट के बाहर जमीन पर बैठ गए। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक स्कूल में स्थाई रूप से नए शिक्षकों की नियुक्ति नहीं कर दी जाती और लिखित में आश्वासन नहीं मिलता, तब तक ताला नहीं खोला जाएगा और न ही किसी अधिकारी को भीतर जाने दिया जाएगा। इस तालाबंदी के कारण स्कूल का पूरा कामकाज और बच्चों की कक्षाएं पूरी तरह ठप हो गईं।
समझाइश के लिए पहुंचे शिक्षा विभाग के अधिकारी
सरकारी स्कूल में तालाबंदी और उग्र प्रदर्शन की सूचना मिलते ही शिक्षा विभाग के स्थानीय अधिकारी और प्रशासनिक टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने ग्रामीणों और स्कूल के छात्र-छात्राओं से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया है कि वैकल्पिक व्यवस्था के तहत तुरंत अन्य स्कूलों से शिक्षकों को यहां प्रतिनियुक्ति (Deputation) पर भेजा जा रहा है और खाली पदों को भरने के लिए उच्च स्तर पर पत्राचार तेज कर दिया गया है।