अलवर में 3 युवकों की मौत से मचा बवाल, हादसा नहीं हत्या का आरोप
राजस्थान के अलवर शहर में शनिवार देर रात हुए एक भीषण सड़क हादसे ने रविवार को बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मोड़ ले लिया है। काली मोरी-मोती नगर क्षेत्र में एक तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार तीन युवकों को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे तीनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
मृतकों की शिनाख्त जितेंद्र सिंह, युवराज और हिमांशु के रूप में की गई है। इस हृदयविदारक घटना के बाद मृतकों के परिजनों ने इसे सामान्य सड़क दुर्घटना मानने से साफ इनकार कर दिया है और सीधे तौर पर सुनियोजित साजिश के तहत हत्या किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है।
हादसा नहीं, रंजिश में हत्या का आरोप: परिजनों ने किया चक्काजाम
मृतक युवकों के परिजनों का कहना है कि पुरानी रंजिश के चलते योजनाबद्ध तरीके से कार से कुचलकर तीनों की जान ली गई है। इस आक्रोश के चलते परिजनों और सर्व समाज के लोगों ने अस्पताल के बाहर एकत्रित होकर उग्र प्रदर्शन किया और मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया। सड़क पर आवागमन बाधित होने की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और काफी मशक्कत व समझाइश के बाद जाम को खुलवाया। हालांकि, सड़क से हटने के बाद भी लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ और विरोध प्रदर्शन अस्पताल परिसर के भीतर जारी रहा।
अस्पताल परिसर में धरना, शव लेने से किया इनकार
बड़ी तादाद में परिजन और स्थानीय नागरिक अस्पताल परिसर के भीतर धरने पर बैठ गए हैं। आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन की ओर से उचित कार्रवाई का ठोस आश्वासन और मांगें पूरी होने तक शवों का पोस्टमॉर्टम कराने व उन्हें स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया है। परिजनों ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष अपनी विस्तृत मांगें रखी हैं। प्रदर्शनकारियों में आकाश मिश्रा, ओमप्रकाश शर्मा, प्रेमसिंह राजावत, तुलसी यादव, अमित शर्मा और भूपेंद्र राठौड़ सहित सर्व समाज के कई प्रमुख लोग शामिल हैं, जो मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग पर अड़े हैं।
तीन थानों की फोर्स तैनात, प्रशासनिक अमला समझाइश में जुटा
अस्पताल परिसर में बढ़ते तनाव और स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस जाब्ता तैनात कर दिया गया है। मौके पर पुलिस उपाधीक्षक (सीओ) राजेश कसाना, तहसीलदार रोशन लाल मीणा, अरावली विहार थानाधिकारी सुनील टांक, कोतवाली थानाधिकारी दिनेश मीणा और अखेपुरा थानाधिकारी संजय शर्मा भारी पुलिस बल के साथ मोर्चा संभाले हुए हैं। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी लगातार परिजनों और समाज के प्रतिनिधियों से संवाद स्थापित कर गतिरोध समाप्त कराने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास में जुटे हैं।