जयपुर में पानी की किल्लत होगी खत्म, सरकार ने लगा लिया तगड़ा दिमाग

जयपुर में पानी की किल्लत होगी खत्म, सरकार ने लगा लिया तगड़ा दिमाग

कम बारिश के दौर के बीच राजस्थान की राजधानी जयपुर के निवासियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। गुलाबी शहर में पेयजल की बढ़ती मांग, नए इलाकों में किल्लत और बार-बार गहराते जल संकट को स्थायी रूप से हल करने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है।

सरकार बीसलपुर बांध से जयपुर तक अतिरिक्त जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सूरजपुरा से बालावाला के बीच 106 किलोमीटर लंबी नई पाइपलाइन बिछाने जा रही है। बीसलपुर प्रोजेक्ट विंग ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 2,228 करोड़ रुपये की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार कर उच्च अधिकारियों को अंतिम मंजूरी के लिए सौंप दी है। वित्तीय, प्रशासनिक और तकनीकी स्वीकृति मिलते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

2,100 एमएम व्यास की नई पाइपलाइन और 2058 तक की प्लानिंग

बीसलपुर प्रोजेक्ट विंग के अधिकारियों के अनुसार, इस नई पाइपलाइन को अगले 30 वर्षों यानी साल 2058 तक की अनुमानित आबादी और उनकी पानी की जरूरतों को ध्यान में रखकर खास तौर पर डिजाइन किया गया है। नई पाइपलाइन का साइज (व्यास) 2,100 एमएम रखा जाएगा। विभागीय अधिकारियों का आकलन है कि आगामी 30 वर्षों में जयपुर शहर की आबादी अपने चरम (पीक) पर पहुंचेगी, जिसके बाद जनसंख्या वृद्धि की दर सामान्य होने लगेगी। इसलिए यह आकार आने वाले तीन दशकों तक शहर की प्यास बुझाने के लिए पूरी तरह सक्षम साबित होगा।

17 साल पुरानी लाइन पर अत्यधिक दबाव और दोहरी सप्लाई व्यवस्था

सूरजपुरा से बालावाला के बीच पहले से बिछी मौजूदा 2,300 एमएम व्यास की पाइपलाइन लगभग 17 साल पुरानी हो चुकी है। शहर के फैलाव और आबादी में भारी बढ़ोतरी के चलते इस एकल लाइन पर क्षमता से अधिक दबाव पड़ रहा है, जिससे आए दिन पाइपलाइन फटने और लीकेज की आशंका बनी रहती है। नई योजना के तहत शहर में 'दोहरी सप्लाई व्यवस्था' लागू की जाएगी। इसका मतलब है कि नई 2,100 एमएम की लाइन चालू होने के बाद भी पुरानी 2,300 एमएम की लाइन को बंद नहीं किया जाएगा, बल्कि दोनों लाइनों से एक साथ जलापूर्ति होगी, जिससे जयपुरवासियों को निर्बाध और उच्च दबाव के साथ पानी मिल सकेगा।

जयपुर में पेयजल की मौजूदा स्थिति: 45% आबादी लो-प्रेशर से परेशान

वर्तमान में जयपुर शहर की लगभग 45 फीसदी आबादी गंभीर रूप से लो-प्रेशर जलापूर्ति की मार झेल रही है। पानी का दबाव कम होने से आम जनता को रोजमर्रा के घरेलू कार्यों के लिए महंगे सरकारी और निजी पानी के टैंकर मंगाने पर मजबूर होना पड़ रहा है। विशेष रूप से पृथ्वीराज नगर फेज-द्वितीय, झोटवाड़ा, कालवाड़ रोड और निवारू रोड जैसे नव-विकसित और बाहरी इलाकों में स्थिति बेहद विकट है, जहां लोगों को हर तीसरे दिन ही नल से पानी नसीब हो पा रहा है। नई पाइपलाइन बिछने से इन सभी इलाकों में नियमित और पर्याप्त जलापूर्ति संभव हो सकेगी।

2028 से शुरू होगा काम, 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य

परियोजना की समयसीमा (टाइमलाइन) को लेकर अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि प्रशासनिक और वित्तीय अनुमतियों की औपचारिकता पूरी होने के बाद टेंडर जारी होंगे। धरातल पर वर्ष 2028 से पाइपलाइन बिछाने का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। इस वृहद कार्य को शुरू होने के मात्र 18 महीने के भीतर पूरा करने का कड़ा लक्ष्य निर्धारित किया गया है, ताकि शहर के लोगों को आने वाले वर्षों में पेयजल संकट से स्थायी मुक्ति मिल सके। वहीं दूसरी ओर, राजनीतिक हलके में बदायूं दौरे के दौरान वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव ने सरकार की कार्यप्रणाली पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वर्तमान व्यवस्था में भ्रष्टाचार और बेईमानी के पुराने रिकॉर्ड टूट गए हैं।