कौन हैं कोटा पुलिस के वो जांबाज जिन्होंने पकड़ा टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के आरोपियों को
बॉलीवुड के लोकप्रिय एक्शन स्टार टाइगर श्रॉफ पर मुंबई के जुहू इलाके में हुए सनसनीखेज फायरिंग मामले (Tiger Shroff Firing Case) के आरोपियों को धर दबोचने में राजस्थान की कोटा पुलिस ने ऐतिहासिक और बेहद सराहनीय भूमिका निभाई है। मुंबई पुलिस और खुफिया एजेंसियों से मिले महत्वपूर्ण इनपुट और आधुनिक तकनीकी सर्विलांस का बेहतरीन इस्तेमाल करते हुए कोटा सिटी पुलिस ने ट्रेन से भाग रहे तीन संदिग्ध हमलावरों को दबोचने में बड़ी सफलता हासिल की है। इस त्वरित कार्रवाई के बाद से हर तरफ कोटा पुलिस की जांबाज टीम की सूझबूझ और तत्परता की चर्चा हो रही है। आइए विस्तार से जानते हैं कि किस प्रकार कोटा पुलिस के इन जांबाजों ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाकर उन शातिर शूटरों को रेलवे स्टेशन पर ही घेर लिया, जो गुजरात या अन्य राज्यों की तरफ भागने की फिराक में थे।
कैसे मिला सुराग और किसने निभाई मुख्य भूमिका?
घटना के बाद जब मुंबई पुलिस ने आरोपियों की तलाश में देश भर की एजेंसियों को अलर्ट किया, तो यह जानकारी सामने आई कि शूटर ट्रेन के जरिए राजस्थान या उसके आगे के रूट से भागने की कोशिश कर रहे हैं। कोटा की पुलिस अधीक्षक (Kota SP) तेजस्विनी गौतम के कुशल नेतृत्व और निर्देशन में कोटा पुलिस की विशेष टीमों को तुरंत एक्टिव किया गया। रेलवे स्टेशन और आसपास के संभावित ठिकानों पर पुलिस ने गुप्त रूप से अपनी तैनाती बढ़ा दी। अत्याधुनिक कैमरों, सीसीटीवी फुटेज के मिलान और ट्रेन के पैसेंजर चार्ट की बारीकी से जांच करते हुए कोटा पुलिस के इन जांबाजों ने पलक झपकते ही संदिग्धों की पहचान कर ली। पुलिस टीम ने बिना किसी चूक के एक समन्वित ऑपरेशन के तहत ट्रेन के अंदर ही उन तीनों आरोपियों को घेर लिया, जिसमें एक नाबालिग भी शामिल बताया जा रहा है।
कोटा जंक्शन पर फिल्माया गया वह जांबाजी भरा ऑपरेशन
जैसे ही संबंधित ट्रेन कोटा जंक्शन पर पहुंची, पहले से सतर्क बैठी कोटा पुलिस की क्विक रिस्पांस टीम और लोकल इंटेलिजेंस ने बिना एक पल गंवाए उस कोच को चारों तरफ से घेर लिया। अपराधियों को संभलने या भागने का कोई मौका ही नहीं मिला। पुलिस बल की मुस्तैदी इतनी जबरदस्त थी कि शातिर अपराधी समझ ही नहीं पाए कि उन्हें इतनी जल्दी कैसे ट्रैक कर लिया गया। इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाले कोटा पुलिस के उन जांबाज अधिकारियों और जवानों ने अदम्य साहस और पेशेवर दक्षता का परिचय दिया है। शुरुआती पूछताछ में यह बात सामने आई है कि पकड़े गए आरोपी हरियाणा और अन्य इलाकों के रहने वाले हैं और लॉरेंस बिश्नोई गैंग या अन्य आपराधिक syndicates से जुड़े होने के एंगल से इनकी संलिप्तता की गहन जांच की जा रही है।
देश भर में हो रही है कोटा पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की तारीफ
फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े एक बड़े हाई-प्रोफाइल मामले में इस तरह से महज कुछ ही घंटों के भीतर दूसरे राज्य से भाग रहे आरोपियों को धर दबोचना भारतीय पुलिस तंत्र के आपसी तालमेल और काबिलियत का एक बेहतरीन उदाहरण पेश करता है। महाराष्ट्र और राजस्थान पुलिस के संयुक्त प्रयासों की बदौलत अपराधियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया गया है। कोटा पुलिस के इस साहसिक कदम ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि खाकी का खौफ अपराधियों के दिलों में किस हद तक कायम है। आम नागरिकों और सोशल मीडिया पर लोग कोटा पुलिस की इस जांबाज टीम की जमकर तारीफ कर रहे हैं, और उम्मीद जताई जा रही है कि इस मामले से जुड़े अन्य राज भी बहुत जल्द पुलिस की पूछताछ में सामने आ जाएंगे।