शादी समारोह से ले जाकर युवक की चाकू मारकर हत्या: 20 महीने बाद कोर्ट का बड़ा फैसला, 2 नाबालिगों को 10-10 साल की जेल
शादी के जश्न के बीच से एक युवक को अगवा कर उसकी चाकू गोदकर बेरहमी से हत्या करने के बेहद चर्चित और खौफनाक मामले में अदालत ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। वारदात के ठीक 20 महीने बाद कोर्ट ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में शामिल दो नाबालिग (विधि से संघर्षरत) आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोनों ही दोषियों को उनके जघन्य अपराध के लिए 10-10 साल की कड़ी सजा सुनाई है। इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने न्याय मिलने पर राहत की सांस ली है।
शादी के जश्न के बीच रची गई थी हत्या की साजिश
यह पूरा मामला करीब 20 महीने पुराना है, जब एक शादी समारोह के दौरान हर तरफ खुशियों का माहौल था। उसी दौरान आरोपियों ने सुनियोजित साजिश के तहत पीड़ित युवक को बहला-फुसलाकर कार्यक्रम स्थल से बाहर एक सुनसान जगह पर बुलाया। वहां पहले से घात लगाए बैठे हमलावरों ने आपसी रंजिश या किसी पुराने विवाद को लेकर युवक पर चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। युवक को लहुलूहान हालत में छोड़कर आरोपी मौके से फरार हो गए थे, जिसके बाद इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया।
20 महीने तक चली कानूनी लड़ाई, वैज्ञानिक साक्ष्यों ने किया पुख्ता
वारदात के बाद पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए दोनों नाबालिग आरोपियों को गिरफ्तार कर बाल सुधार गृह भेज दिया था। क्योंकि अपराध की प्रकृति बेहद जघन्य और क्रूर थी, इसलिए कोर्ट में पुलिस ने पुख्ता वैज्ञानिक साक्ष्य, फॉरेंसिक रिपोर्ट और चश्मदीदों के बयान दर्ज कराए। अभियोजन पक्ष ने मजबूती से दलील पेश करते हुए आरोपियों की कम उम्र के बावजूद उनके द्वारा किए गए कृत्य को गंभीर श्रेणी में रखने की मांग की थी। 20 महीने तक चले कड़े ट्रायल के बाद आखिरकार अदालत ने दोनों को हत्या का दोषी माना।
अदालत का सख्त संदेश, 10-10 साल के लिए भेजे गए जेल
अदालत ने फैसला सुनाते हुए साफ किया कि समाज में इस तरह के जघन्य अपराधों के लिए कोई जगह नहीं है, चाहे अपराधी की उम्र कुछ भी हो। कोर्ट ने दोनों दोषियों को 10-10 साल की सजा सुनाते हुए उन्हें सुरक्षित अभिरक्षा (बाल सुधार गृह/विशेष गृह) में रखने का आदेश दिया है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि आज (24 जुलाई 2026) आए इस फैसले से उन अपराधियों में कड़ा संदेश जाएगा जो कानून की कमियों या उम्र का फायदा उठाकर संगीन वारदातों को अंजाम देते हैं।