राहत : उत्तर प्रदेश में कोरोना के आए इतने हजार नए मामले, ठीक होने वाले मरीज ज्यादा

उत्तर प्रदेश के राहत भरी खबर है कि कोरोना के नये केस अब कम आ रहे हैं। वहीं, स्वस्थ होने वालों की संख्या दिन प्र​तिदिन बढ़ती जा रही है।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के राहत भरी खबर है कि कोरोना के नये केस अब कम आ रहे हैं। वहीं, स्वस्थ होने वालों की संख्या दिन प्र​तिदिन बढ़ती जा रही है। बीते 24 घंटों में 31,165 नए केस आए हैं, जबकि 40,852 लोग स्वस्थ हुए हैं। प्रदेश में योगी सरकार ने एग्रेसिव टेस्टिंग नीति अपनाई है।
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बुधवार को टीम-09 के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बताया कि बीते 24 घंटों में 2,32,038 टेस्ट हुए हैं, इसमें 1,13,000 टेस्ट केवल आरटीपीसीआर माध्यम से हुए हैं। प्रदेश में अब तक 4,20,32,500 टेस्ट किए जा चुके हैं। यह देश में किसी राज्य द्वारा किया गया सर्वाधिक कोविड टेस्ट है।
अधिकारियों के अनुसार, अब तक 18-44 आयु वर्ग के 51,284 नागरिकों को टीकाकरण का पहला डोज लगाया जा चुका है। 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के टीकाकरण की प्रक्रिया सुचारु रूप से चल रही है। अब तक वर्तमान में 1,30,90,985 डोज एडमिनिस्टर किए जा चुके हैं।

सेक्टर मैजिस्ट्रेट अस्पतालों के बाहर करते रहें भ्रमण

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वैक्सीन वेस्टेज को न्यूनतम करने के लिए विशेष प्रयास किये जाएं।  18-44 आयु वर्ग के लोगों के वैक्सीनेशन के लिए ग्लोबल टेंडर भी जारी कर दिया गया है।उन्होंने कहा कि कुछ अस्पतालों में बेड व ऑक्सीजन आदि की उपलब्धता होने के बाद भी अनावश्यक अभाव दर्शा कर मरीजों और उनके परिजनों के इलाज में आनाकानी करने की शिकायतें मिली हैं।
कुछ जगहों पर नियत शुल्क की दर से अधिक की वसूली की बात भी सामने आई है। उन्होंने कहा कि सेक्टर मैजिस्ट्रेट की तैनाती ऐसी व्यवस्थाओं को बेहतर करने के लिए ही की गई है। उन्होंने कहा कि सेक्टर मैजिस्ट्रेट अस्पतालों के बाहर भी भ्रमण करते रहें, किसी मरीज व परिजन को किसी भी प्रकार की जरूरत हो तो उसे मुहैया कराएं।

97000 राजस्व गांवों में वृहद टेस्टिंग अभियान शुरू

योगी ने बताया कि को प्रदेश सरकार आज से सभी 97000 राजस्व गांवों में वृहद टेस्टिंग अभियान शुरू कर रही है। निगरानी समितियों के माध्यम से घर-घर स्क्रीनिंग हो, तापमान और ऑक्सीजन लेवल चेक किया जाएगा और लक्षणयुक्त व्यक्ति का आरआरटी द्वारा एंटीजन टेस्ट किया जाएगा।
होम आइसोलेशन वाले मरीजों को मेडिकल किट और सतर्कता बरतने के लिए जानकारी दी जाए।आवश्यकतानुसार उन्हें क्वारन्टीन अथवा हायर मेडिकल सेंटर में इलाज के लिए भर्ती कराया जाए। स्वास्थ्य विभाग आरआरटी टीम की संख्या बढ़ाए। यह अभियान कोविड संक्रमण की चेन को तोड़ने में बहुत सहायक सिद्ध होगा।

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