Aaj Ka Panchang: आज से शुरू हुआ पांच दिवसीय जया पार्वती व्रत, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और पूजा की सही विधि

Aaj Ka Panchang: आज से शुरू हुआ पांच दिवसीय जया पार्वती व्रत, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और पूजा की सही विधि

सनातन धर्म में सावन के महीने से ठीक पहले आषाढ़ मास के अंत में पड़ने वाले व्रतों का विशेष महत्व है। इसी कड़ी में आज यानी 27 जुलाई 2026, सोमवार से बेहद पावन 'जया पार्वती व्रत' (Jaya Parvati Vrat 2026) की शुरुआत हो चुकी है। यह व्रत माता पार्वती और भगवान भोलेनाथ को समर्पित है, जिसे मुख्य रूप से महिलाएं और कुंवारी कन्याएं अखंड सौभाग्य, सुखी वैवाहिक जीवन और मनचाहे वर की प्राप्ति के लिए रखती हैं। गुजरात और पश्चिमी भारत के कई हिस्सों में इस व्रत को बेहद धूमधाम से मनाया जाता है, जिसे 'विजया व्रत' भी कहते हैं। अगर आप भी आज से इस पांच दिवसीय कठिन व्रत की शुरुआत कर रहे हैं, तो राहुकाल का ध्यान रखते हुए शुभ चौघड़िया और अभिजित मुहूर्त में ही पूजा संपन्न करें। आइए जानते हैं आज के पंचांग के अनुसार पूजा के सबसे उत्तम मुहूर्त और राहुकाल का समय।

उदयातिथि के साथ आज का पंचांग और ग्रहों की स्थिति

वैदिक पंचांग की गणना के अनुसार, आज आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है, जो शाम को 04 बजकर 15 मिनट तक रहेगी और इसके बाद चतुर्दशी तिथि की शुरुआत हो जाएगी। आज सोमवार का दिन होने के कारण इस व्रत का महत्व कई गुना बढ़ गया है, क्योंकि सोमवार स्वयं भगवान शिव का प्रिय दिन है। आज सुबह 10 बजकर 29 मिनट तक मूल नक्षत्र रहेगा, जिसके बाद पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र लग जाएगा। पंचांग के अनुसार आज रात 10 बजकर 55 मिनट तक वैधृति योग का निर्माण हो रहा है, जो धार्मिक कार्यों के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। आज सूर्योदय सुबह 05 बजकर 38 मिनट पर हुआ है और सूर्यास्त शाम को 07 बजकर 14 मिनट पर होगा।

नोट कर लें आज की पूजा के सबसे शुभ मुहूर्त

जया पार्वती व्रत की पूजा हमेशा शुभ मुहूर्त में ही की जानी चाहिए ताकि व्रत का पूर्ण फल प्राप्त हो सके। पंचांग के अनुसार आज दिन का सबसे सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त 'अभिजित मुहूर्त' दोपहर 12 बजकर 19 मिनट से शुरू होकर दोपहर 01 बजकर 11 मिनट तक रहेगा। इस समय में की गई पूजा बेहद फलदायी मानी जाती है। इसके अलावा दोपहर में विजय मुहूर्त दोपहर 02 बजकर 55 मिनट से दोपहर 03 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। शाम के समय माता पार्वती और शिव जी की आरती के लिए गोधूलि मुहूर्त शाम 07 बजकर 16 मिनट से शाम 07 बजकर 38 मिनट तक रहेगा। व्रत की शुरुआत और संकल्प के लिए अमृत काल का समय दोपहर 01 बजकर 57 मिनट से शाम 04 बजकर 14 मिनट तक बेहद उत्तम है।

भूलकर भी राहुकाल में न करें पूजा, देखें प्रमुख शहरों का समय

हिंदू धर्मशास्त्रों के अनुसार, राहुकाल के दौरान कोई भी नया मांगलिक कार्य या मुख्य पूजा शुरू नहीं करनी चाहिए, क्योंकि इस समय को अशुभ माना जाता है। आज सोमवार को राहुकाल का समय सुबह के भाग में रहेगा। देश के प्रमुख शहरों में राहुकाल का सटीक समय इस प्रकार है: दिल्ली में सुबह 07:22 से 09:04 बजे तक, मुंबई में सुबह 07:52 से 09:29 बजे तक, लखनऊ में सुबह 07:09 से 08:50 बजे तक, कोलकाता में सुबह 06:45 से 08:24 बजे तक और अहमदाबाद में सुबह 07:47 से 09:27 बजे तक राहुकाल रहेगा। इन समय अवधियों को छोड़कर ही महिलाएं अपनी पूजा की थाली सजाएं और व्रत का संकल्प लें। इस व्रत में नमक का सेवन पूरी तरह वर्जित होता है, इसलिए फलाहार का विशेष ध्यान रखें।

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