क्रिकेट के मैदान पर विराट कोहली के नाम जुड़ा एक अनचाहा और चौंकाने वाला रिकॉर्ड
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत के सबसे महान और सफल बल्लेबाजों में गिने जाने वाले 'किंग' विराट कोहली जब भी मैदान पर कदम रखते हैं, तो हर कोई उनके बल्ले से रनों की आंधी देखने की उम्मीद करता है। लेकिन क्रिकेट का खेल अनिश्चितताओं का ऐसा समंदर है जहां दुनिया के बड़े से बड़े दिग्गज भी खराब दौर या मुश्किल पलों का शिकार हो जाते हैं। भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले जा रहे तीसरे और निर्णायक वनडे मुकाबले में कुछ ऐसा ही देखने को मिला जिसने पूरी दुनिया के क्रिकेट प्रेमियों को सन्न कर दिया। भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली इस मैच में बिना अपना खाता खोले ही पवेलियन लौट गए। क्रिकेट के इस फॉर्मेट में उनका शून्य पर आउट होना कोई आम बात नहीं है, और इस बार इस डक के साथ उनके करियर में एक ऐसा अनचाहा रिकॉर्ड जुड़ गया है जिसके बारे में शायद ही किसी ने कभी सोचा होगा।
वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज जेडन सील्स ने बनाया किंग कोहली को अपना शिकार
इस मुकाबले में कैरेबियाई टीम के युवा और आक्रामक तेज गेंदबाज जेडन सील्स ने एक बेहतरीन और अनुशासित गेंदबाजी का मुज़ाहिरा पेश किया। पारी के शुरुआती ओवरों में जब पिच पर नमी और नई गेंद की सीम मूवमेंट का पूरा फायदा मिल रहा था, तब जेडन सील्स ने अपनी सटीक लाइन और लेंथ से भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। विराट कोहली जैसे अनुभवी और तकनीकी रूप से दक्ष बल्लेबाज के खिलाफ गेंदबाजी करना किसी भी गेंदबाज के लिए एक बड़ी चुनौती होती है, लेकिन सील्स ने अपनी योजना को बेहद शानदार तरीके से अंजाम दिया। उन्होंने एक ऐसी खतरनाक और बाहर की तरफ निकलती हुई गेंद फेंकी जिसे विराट समझ नहीं पाए और गेंद उनके बल्ले का बाहरी किनारा लेते हुए सीधे विकेटकीपर के दस्तानों में समा गई। इस तरह जेडन सील्स ने महान बल्लेबाज को शून्य के स्कोर पर वापस भेजकर इतिहास रच दिया।
अंतरराष्ट्रीय करियर में 41वीं बार शून्य पर आउट होने का शर्मनाक आंकड़ा
क्रिस्टल क्लियर आंकड़ों पर अगर नजर डाली जाए तो विराट कोहली के महान अंतरराष्ट्रीय करियर में यह 41वां मौका है जब वे बिना कोई रन बनाए यानी 'डक' (Duck) पर आउट होकर पवेलियन लौटे हैं। हालांकि, क्रिकेट के जानकार अच्छी तरह समझते हैं कि जो बल्लेबाज जितना लंबा खेलता है और जितने ज्यादा मैच खेलता है, उसके नाम इस तरह के आंकड़े जुड़ना स्वाभाविक है, लेकिन फिर भी विराट जैसे लीजेंड के लिए यह आंकड़ा थोड़ा चौंकाने वाला जरूर है। सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और ग्राहम गूच जैसे महान खिलाड़ियों के नाम भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा बार शून्य पर आउट होने के रिकॉर्ड दर्ज हैं, और अब इस फेहरिस्त में विराट का नाम भी मजबूती के साथ शामिल हो चुका है। फैंस के लिए यह जरूर एक दिल तोड़ने वाला पल था, क्योंकि वे अपने चहेते खिलाड़ी को मैदान पर लंबा टिकते हुए देखना चाहते थे।
सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं और फैंस का अटूट समर्थन
जैसे ही विराट कोहली शून्य पर आउट होकर पवेलियन की तरफ लौट रहे थे, स्टेडियम में सन्नाटा छा गया और टीवी स्क्रीन के सामने बैठे करोड़ों फैंस का दिल टूट गया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे एक्स (पूर्व ट्विटर), इंस्टाग्राम और फेसबुक पर तुरंत ही 'विराट कोहली' और 'डक' ट्रेंड करने लगा। एक तरफ जहां विरोधी टीमों के फैंस और ट्रोलर्स ने इस आंकड़े को लेकर मीम्स और चुटकुलों की बाढ़ ला दी, वहीं दूसरी तरफ विराट के सच्चे प्रशंसकों ने खुलकर उनका समर्थन किया। फैंस का कहना है कि फॉर्म आती-जाती रहती है, लेकिन विराट का जो योगदान भारतीय क्रिकेट के लिए पिछले डेढ़ दशक में रहा है, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। महान खिलाड़ी भी इंसान होते हैं और उनके करियर में भी ऐसे बुरे दिन आते हैं, जिससे उबरकर वे और अधिक मजबूती के साथ वापसी करते हैं।
खराब दौर से सीखकर दमदार वापसी करने की पुरानी आदत है किंग कोहली की
विराट कोहली के पूरे क्रिकेट करियर का इतिहास इस बात गवाह रहा है कि जब-जब उन पर सवाल उठाए गए हैं या जब-जब उनका बल्ला खामोश हुआ है, उन्होंने आलोचकों को अपने बल्ले से करारा जवाब दिया है। 41वीं बार शून्य पर आउट होने का यह अनचाहा रिकॉर्ड भले ही उनके आंकड़ों में दर्ज हो गया हो, लेकिन उनकी काबिलियत और फाइटिंग स्पिरिट पर कोई शक नहीं कर सकता। भारतीय टीम प्रबंधन और खुद विराट भी यह अच्छी तरह जानते हैं कि आगामी बड़े टूर्नामेंट्स और सीरीज में टीम को जीत दिलाने के लिए उनका फॉर्म में होना कितना जरूरी है। नेट्स पर पसीना बहाने और अपनी तकनीक की कमियों को दूर करने के बाद, यह उम्मीद पूरी तरह से की जा रही है कि किंग कोहली एक बार फिर अपनी पुरानी लय में लौटेंगे और मैदान पर उतरकर अपने आलोचकों को शांत करते हुए शतकों का अंबार लगाएंगे।