क्रिस गेल का घमंड चूर-चूर, T20 क्रिकेट का सबसे बड़ा रिकॉर्ड तोड़कर आगे निकले जोस बटलर
द हंड्रेड 2026 का तीसरा मुकाबला भले ही मैनचेस्टर सुपर जायंट्स और लंदन स्पिरिट के बीच रोमांचक मुकाबले के रूप में याद किया जाएगा, लेकिन इस मैच में सबसे ज्यादा चर्चा जोस बटलर की ऐतिहासिक उपलब्धि की रही। 23 जुलाई को लंदन के लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में खेले गए इस मुकाबले में मैनचेस्टर सुपर जायंट्स ने लंदन स्पिरिट को 7 रन से हराकर जीत हासिल की।
मैनचेस्टर सुपर जायंट्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 138 रन बनाए। टीम की ओर से खेलते हुए जोस बटलर बड़ी पारी नहीं खेल सके और केवल 16 रन बनाकर आउट हो गए। हालांकि उनकी यह छोटी पारी भी टी20 क्रिकेट के इतिहास में बड़ा रिकॉर्ड बनाने के लिए काफी साबित हुई।
बटलर ने क्रिस गेल का रिकॉर्ड तोड़ा
जोस बटलर ने अपनी 16 रन की पारी के साथ टी20 क्रिकेट में कुल 14,572 रन पूरे कर लिए। इसी के साथ उन्होंने वेस्टइंडीज के दिग्गज बल्लेबाज क्रिस गेल को पीछे छोड़ दिया, जिनके नाम टी20 क्रिकेट में 14,562 रन दर्ज थे।
अब बटलर टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। उनसे आगे सिर्फ किरोन पोलार्ड हैं, जिन्होंने टी20 क्रिकेट में 14,803 रन बनाए हैं।
यह उपलब्धि बटलर की टी20 क्रिकेट में शानदार निरंतरता को दिखाती है। उन्होंने दुनिया के सबसे सफल टी20 बल्लेबाजों में अपनी जगह और मजबूत कर ली है।
मैनचेस्टर सुपर जायंट्स ने सात रन से जीता मुकाबला
मैच की बात करें तो मैनचेस्टर सुपर जायंट्स की पूरी टीम पहली पारी में 138 रन पर सिमट गई। इसके जवाब में लंदन स्पिरिट की टीम 131 रन ही बना सकी और मुकाबला 7 रन से हार गई।
लंदन स्पिरिट के कप्तान लियाम लिविंगस्टोन ने टीम को जीत दिलाने के लिए शानदार प्रयास किया। जब टीम का शीर्ष क्रम जल्दी आउट हो गया, तब लिविंगस्टोन ने जिम्मेदारी संभाली और 40 गेंदों में 69 रन की बेहतरीन पारी खेली। हालांकि उनकी यह कोशिश टीम को जीत तक नहीं पहुंचा सकी।
लियाम लिविंगस्टोन बने प्लेयर ऑफ द मैच
हार के बावजूद लियाम लिविंगस्टोन को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया। उन्होंने बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी में भी अहम योगदान दिया।
मैच के बाद लिविंगस्टोन ने हार पर निराशा जताते हुए कहा कि मुकाबला काफी अच्छा था और पिच भी बल्लेबाजी के लिए बेहतर थी। उन्होंने माना कि उनकी टीम लक्ष्य के बेहद करीब पहुंच गई थी, लेकिन अंत में कुछ रन से पीछे रह गई।
आखिरी ओवरों में गेंदबाजी को लेकर कप्तान ने बताई रणनीति
मैच के बाद बातचीत के दौरान लिविंगस्टोन से पूछा गया कि उन्होंने आखिरी 25 गेंदों में से 20 गेंदें खुद क्यों डालीं। इस पर उन्होंने बताया कि यह पहले से तय योजना नहीं थी।
उन्होंने कहा कि जब बाएं हाथ का बल्लेबाज क्रीज पर आया तो उन्होंने शुरुआत में कुछ डॉट गेंदें डालने की कोशिश की। जब यह रणनीति काम करती दिखी तो उन्होंने उसी तरीके को जारी रखने का फैसला किया।
लिविंगस्टोन के अनुसार पिच पर शॉट खेलना आसान नहीं था और टीम ने उसी हिसाब से अपनी रणनीति बनाई। हालांकि उनका शानदार प्रयास लंदन स्पिरिट को जीत नहीं दिला सका।