न्यूजीलैंड पर जीत के बाद भी इन 3 खिलाड़ियों पर गाज गिरना तय, श्रीलंका टी20 सीरीज से होगा पत्ता साफ!
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के मैदान पर जब कोई टीम किसी मजबूत प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ सीरीज अपने नाम करती है, तो पूरा देश जश्न में डूब जाता है और ड्रेसिंग रूम का माहौल बेहद सकारात्मक हो जाता है। लेकिन इसके साथ ही यह भी एक कड़वा सच है कि जीत की चमक कई बार उन कमियों और खराब प्रदर्शन को छुपा नहीं पाती जो भविष्य के बड़े टूर्नामेंट्स के लिए खतरनाक साबित हो सकती हैं। हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली गई रोमांचक सीरीज में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत का परचम लहराया, लेकिन इस पूरी श्रृंखला के दौरान कुछ चुनिंदा खिलाड़ियों का प्रदर्शन टीम प्रबंधन और चयनकर्ताओं की उम्मीदों पर पूरी तरह से पानी फेरता नजर आया। मुख्य कोच और चयन समिति के अध्यक्ष ने सीरीज खत्म होने के बाद आंतरिक समीक्षा बैठकों का दौर शुरू कर दिया है, और शुरुआती संकेतों के मुताबिक, आगामी श्रीलंका के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज के लिए चुनी जाने वाली नई टीम में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। खराब फॉर्म और लगातार लचर प्रदर्शन के चलते टीम के तीन प्रमुख खिलाड़ियों पर अब चयनकर्ताओं की गाज गिरना लगभग तय माना जा रहा है और उनका श्रीलंका दौरे की टी20 स्कवॉड से पत्ता साफ होना तय है।
भारतीय क्रिकेट टीम का बेंच स्ट्रेंथ इस समय इतना मजबूत है कि घरेलू क्रिकेट और आईपीएल (IPL) में शानदार प्रदर्शन करने वाले युवा खिलाड़ी टीम में जगह पाने के लिए कतार में खड़े हैं। ऐसे में जो खिलाड़ी लगातार मौके मिलने के बावजूद अपने बल्ले या गेंद से प्रभाव छोड़ने में नाकामयाब रहे हैं, उन्हें अब और अधिक समय देना टीम के हित में नहीं माना जा रहा है। न्यूजीलैंड के खिलाफ कई मैचों में इन खिलाड़ियों की नाकामी की वजह से टीम को शुरुआती झटके झेलने पड़े थे। आइए विस्तार से जानते हैं कि वे कौन से 3 बदनसीब खिलाड़ी हैं जिनका खराब प्रदर्शन अब उनके करियर पर भारी पड़ने वाला है और श्रीलंका के खिलाफ आगामी टी20 सीरीज से जिन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है।
खिलाड़ी नंबर 1: उम्मीदों पर पूरी तरह खरे नहीं उतरे शीर्ष क्रम के यह बल्लेबाज
इस सूची में सबसे पहला नाम टीम के एक ऐसे शीर्ष क्रम के बल्लेबाज का आता है जिन्हें लंबे समय से भारतीय बैटिंग लाइन-अप की रीढ़ माना जाता रहा है, लेकिन पिछले कुछ अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों से उनका बल्ला खामोश चल रहा है। न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली गई इस हालिया सीरीज में भी इस खिलाड़ी का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। पावरप्ले के शुरुआती ओवरों में तेज गति से रन बनाने की जिम्मेदारी उठाने वाले इस बल्लेबाज ने क्रीज पर टिकने के बजाय लगातार सस्ते में अपना विकेट गंवाया, जिससे टीम पर शुरुआती दबाव बन गया।
चयनकर्ताओं का मानना है कि टी20 फॉर्मेट में तेजी से रन बनाना और शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलना सबसे अहम होता है, लेकिन यह खिलाड़ी लगातार ऑफ-स्टॉम बाहर जाती गेंदों पर अनावश्यक शॉट खेलकर अपना विकेट फेंक रहा था। घरेलू सर्किट और आईपीएल में रनों का अंबार लगाने वाले कई युवा बल्लेबाज इस समय अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं जो इस स्थान पर आकर टीम को आक्रामक शुरुआत दे सकते हैं। यही वजह है कि श्रीलंका के खिलाफ होने वाली आगामी टी20 सीरीज के लिए इस अनुभवी खिलाड़ी को आराम देने या टीम से बाहर करने का मन बना लिया गया है ताकि बेंच पर बैठे युवाओं को आजमाया जा सके।
खिलाड़ी नंबर 2: मध्यक्रम में लगातार फ्लॉप साबित हो रहे अनुभवी ऑलराउंडर
दूसरा बड़ा नाम टीम के एक प्रमुख ऑलराउंडर का है जिनपर मध्यक्रम को संभालने और मैच के अंतिम ओवरों में तेजी से रन बटोरने के साथ-साथ अपनी गेंदबाजी से महत्वपूर्ण विकेट निकालने की दोहरी जिम्मेदारी थी। लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज के दौरान न तो उनका बल्ला चला और न ही गेंदबाजी में वह धार दिखाई दी जिसके लिए वे जाने जाते हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुभव होने के बावजूद दबाव के क्षणों में उनका प्रदर्शन बेहद फीका रहा, जिससे टीम का संतुलन बिगड़ गया।
आधुनिक टी20 क्रिकेट में एक ऑलराउंडर से यह अपेक्षा की जाती है कि वह खेल के हर विभाग में अपना 100 प्रतिशत योगदान दे, लेकिन यह खिलाड़ी पिछले कई मैचों से अपने नाम के अनुरूप प्रदर्शन करने में पूरी तरह असफल रहा है। विपक्षी टीमों के गेंदबाजों ने उनकी कमजोरियों को भांपकर आसानी से उन्हें अपने जाल में फंसाया। चयन समिति अब इस बात पर विचार कर रही है कि मिडिल ऑर्डर में किसी नए और ऊर्जावान फिनिशर को मौका दिया जाए जो टीम की जरूरत के हिसाब से तेजी से रन बना सके। परिणामस्वरूप, इस ऑलराउंडर का श्रीलंका दौरे के लिए चुनी जाने वाली टी20 टीम से बाहर होना लगभग तय माना जा रहा है।
खिलाड़ी नंबर 3: लचर गेंदबाजी और महंगे साबित हो रहे यह प्रमुख गेंदबाज
गेंदबाजी विभाग की बात करें तो एक सीनियर तेज गेंदबाज या स्पिनर का प्रदर्शन इस पूरी सीरीज के दौरान सबसे अधिक चिंता का विषय रहा है। डेथ ओवरों या बीच के ओवरों में रनों की गति पर लगाम लगाने की जिम्मेदारी संभालने वाले यह गेंदबाज अपनी लाइन और लेंथ से पूरी तरह से भटके हुए नजर आए। न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने इनके खिलाफ आसानी से बड़े शॉट लगाए, जिससे यह गेंदबाज टीम के सबसे महंगे और दबाव बनाने में नाकाम रहने वाले खिलाड़ी साबित हुए।
टी20 क्रिकेट में एक अदद विकेट निकालने और डॉट बॉल फेंकने की जितनी अहमियत होती है, उतनी ही किसी अन्य चीज की नहीं होती। लेकिन यह गेंदबाज लगातार नो-बॉल, वाइड और खराब फील्ड प्लेसमेंट के कारण अपनी टीम पर भारी पड़ रहा था। टीम मैनेजमेंट अब युवा और तेजतर्रार गेंदबाजों को प्राथमिकता देने के मूड में है जो नई और पुरानी दोनों गेंदों से बेहतरीन नियंत्रण दिखा सकें। इस खिलाड़ी का लचर प्रदर्शन अब चयनकर्ताओं की सहनशीलता की सीमा पार कर चुका है, और तय है कि श्रीलंका सीरीज के लिए इनके नाम पर विचार नहीं किया जाएगा।
श्रीलंका सीरीज से पहले बड़े बदलाव: क्या नई दिशा में आगे बढ़ेगी टीम इंडिया?
न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज जीतने के बाद भी इस प्रकार की कड़ी समीक्षा और खराब प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों पर एक्शन लेना इस बात का सबूत है कि भारतीय क्रिकेट टीम का प्रबंधन भविष्य के बड़े आईसीसी टूर्नामेंट्स (जैसे टी20 विश्व कप) को ध्यान में रखते हुए किसी भी प्रकार का समझौता करने के मूड में नहीं है। टीम में प्रतिस्पर्धा इतनी बढ़ चुकी है कि हर खिलाड़ी को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देना ही होगा, अन्यथा उनकी जगह लेने के लिए कई युवा चेहरे तैयार बैठे हैं। श्रीलंका के खिलाफ होने वाली आगामी टी20 सीरीज में इन तीन खिलाड़ियों के बाहर होने से नए और युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का स्वर्णिम अवसर मिलेगा।
खेल प्रेमियों और क्रिकेट पंडितों की नजरें अब चयन समिति की बैठक पर टिकी हैं जिसमें आधिकारिक तौर पर श्रीलंका दौरे के लिए नई टीम की घोषणा की जाएगी। यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि चयनकर्ता किन नए चेहरों पर दांव खेलते हैं और क्या ये बदलाव टीम को और अधिक आक्रामक और संतुलित रूप दे पाते हैं। हालांकि जिन खिलाड़ियों पर गाज गिरने वाली है, उनके लिए यह समय अपने खेल की तकनीकी कमियों को दूर करने और घरेलू क्रिकेट में वापसी करके फिर से अपनी खोई हुई लय हासिल करने का है।
निष्कर्ष: प्रदर्शन ही तय करेगा राष्ट्रीय टीम में भविष्य का रास्ता
कुल मिलाकर, न्यूजीलैंड के खिलाफ शानदार जीत का जश्न अपनी जगह है, लेकिन खेल के मैदान में निरंतरता न होना किसी भी खिलाड़ी के लिए खतरे की घंटी साबित हो सकता है। इन तीन खिलाड़ियों का श्रीलंका टी20 सीरीज से बाहर होना यह साफ संदेश देता है कि अब केवल नाम या पुराने रिकॉर्ड के आधार पर भारतीय टीम में जगह नहीं बचाई जा सकती। केवल बेहतरीन फिटनेस, शानदार फॉर्म और मैच जिताने की क्षमता ही वह पैमाना है जिसके आधार पर भविष्य की टीम इंडिया का चयन किया जाएगा।