ICC का नया 'सुपर-7' नियम बना पाकिस्तान का काल! एक छोटी सी गलती और हमेशा के लिए टूट जाएगा वर्ल्ड कप का सपना
आईसीसी ने वनडे विश्व कप 2027 का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। शेड्यूल सामने आने के बाद पाकिस्तान की राह को लेकर क्रिकेट जगत में चर्चा तेज हो गई है। टूर्नामेंट का नया फॉर्मेट और ग्रुप-ए में मौजूद मजबूत टीमें पाकिस्तान के लिए शुरुआती दौर को ही काफी चुनौतीपूर्ण बना रही हैं।
पाकिस्तान को भारत, ऑस्ट्रेलिया और अफगानिस्तान के साथ ग्रुप-ए में रखा गया है। मेजबान जिम्बाब्वे और एक क्वालीफायर टीम भी इसी ग्रुप में होगी। दूसरी तरफ ग्रुप-बी में न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, श्रीलंका, बांग्लादेश और एक अन्य क्वालीफायर टीम शामिल होगी।
इस बार आगे बढ़ने का रास्ता आसान नहीं
2027 विश्व कप में कुल 14 टीमें हिस्सा लेंगी। शुरुआत में तीन निचली रैंक वाली टीमों के बीच सुपर सीरीज होगी। इसमें से एक टीम मुख्य ग्रुप चरण में पहुंचेगी।
इसके बाद 12 टीमों को दो ग्रुप में बांटा जाएगा। दोनों ग्रुप में 6-6 टीमें होंगी। हर टीम अपने ग्रुप की बाकी पांच टीमों से एक-एक मुकाबला खेलेगी।
ग्रुप की शीर्ष तीन टीमें सीधे सुपर-7 में पहुंचेंगी। इसके अलावा दोनों ग्रुप में चौथे स्थान पर रहने वाली टीमों में से बेहतर रिकॉर्ड वाली टीम को भी अगले चरण का टिकट मिलेगा। इस तरह कुल सात टीमें सुपर-7 में जाएंगी।
सुपर-7 में सभी टीमें एक-दूसरे से मुकाबला करेंगी। इसके बाद अंक तालिका की शीर्ष चार टीमें सेमीफाइनल खेलेंगी। यानी किसी टीम के लिए शुरुआत से ही लगातार अच्छा प्रदर्शन करना जरूरी होगा।
पाकिस्तान के शुरुआती मुकाबले ही बड़ा टेस्ट
पाकिस्तान के लिए ग्रुप चरण की शुरुआत आसान नहीं होगी। टीम को 8 अक्टूबर को अफगानिस्तान के खिलाफ मुकाबला खेलना है। इसके सिर्फ दो दिन बाद 10 अक्टूबर को भारत से सामना होगा। टूर्नामेंट के अंत में पाकिस्तान की भिड़ंत मौजूदा चैंपियन ऑस्ट्रेलिया से होगी।
अफगानिस्तान हाल के वर्षों में पाकिस्तान को कई बार मुश्किल में डाल चुका है। पाकिस्तान को 2022 विश्व कप में जिम्बाब्वे के खिलाफ भी हार झेलनी पड़ी थी। इस बार जिम्बाब्वे को घरेलू परिस्थितियों का लाभ भी मिल सकता है।
ऐसे माहौल में पाकिस्तान के लिए ग्रुप की शुरुआती तीन जगहों में रहना बड़ी चुनौती हो सकता है।
एक-दो हार से बिगड़ सकता है पूरा गणित
मान लीजिए भारत और ऑस्ट्रेलिया ग्रुप में मजबूत स्थिति हासिल कर लेते हैं। वहीं अफगानिस्तान भी अपने प्रदर्शन को दोहराता है। ऐसी स्थिति में पाकिस्तान के लिए मुकाबला काफी कड़ा हो जाएगा।
अगर पाकिस्तान बड़े मुकाबलों में एक-दो मैच गंवाता है तो चौथे स्थान पर भी उसे राहत नहीं मिलेगी। उसे दूसरे ग्रुप की चौथी टीम से बेहतर रिकॉर्ड बनाना होगा। तभी वह सुपर-7 में पहुंच सकेगा।
ग्रुप-बी में कई टीमों के बीच मुकाबले बराबरी के हो सकते हैं। इससे वहां अंक बंटने की संभावना रहेगी। ऐसे में ग्रुप-ए से चौथे नंबर पर आने वाली टीम के लिए आगे का रास्ता और कठिन हो सकता है।
सुपर-7 में पहुंचने के बाद भी मुश्किल बरकरार
अगर पाकिस्तान जिम्बाब्वे और अफगानिस्तान जैसे मुकाबलों में जीत दर्ज करके सुपर-7 में जगह बना भी लेता है तो चुनौती खत्म नहीं होगी।
अगले चरण में भारत, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड जैसी मजबूत टीमों से मुकाबला हो सकता है। सेमीफाइनल के लिए शीर्ष चार में जगह बनाने के लिए पाकिस्तान को इन मुकाबलों में लगातार प्रभावी प्रदर्शन करना होगा।
इसलिए पाकिस्तान के लिए 2027 विश्व कप की असली चुनौती केवल ग्रुप चरण पार करना नहीं है। टीम को शुरुआत से ही अंक जुटाने होंगे और बड़े मुकाबलों में भी नतीजे अपने पक्ष में करने होंगे। मौजूदा फॉर्मेट में छोटी सी चूक भी अगले दौर का रास्ता रोक सकती है।