ग्लासगो में भारतीय भारोत्तोलकों का जलवा! राजा मुथुपांडी ने जीता रजत पदक
स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित हो रहे राष्ट्रमंडल खेल 2026 (CWG 2026) में भारतीय भारोत्तोलकों (Weightlifters) का दबदबा पूरी रंगत में देखने को मिल रहा है। रविवार को भारतीय वेटलिफ्टरों ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए देश की झोली में एक ही दिन में तीन-तीन पदक डाल दिए।
इस स्वर्णिम यात्रा में 26 वर्षीय भारोत्तोलक राजा मुथुपांडी ने पुरुषों के 65 किलोग्राम वर्ग में कुल 286 किलोग्राम भार उठाकर रजत पदक (Silver Medal) अपने नाम किया।
राजा मुथुपांडी की दमदार लिफ्ट और पदक तालिका में भारत का दबदबा
मुथुपांडी ने प्रतियोगिता में बेहद आत्मविश्वास भरी शुरुआत की। उन्होंने स्नैच में अपने दूसरे प्रयास में 126 किलोग्राम का भार उठाया। इसके बाद क्लीन एंड जर्क के दूसरे प्रयास में 160 किलोग्राम का भार सफलतापूर्वक उठाकर अपना कुल स्कोर 286 किलोग्राम पहुंचाया।
इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक मलेशिया के दिग्गज एथलीट अजनील बिन बिदिन मुहम्मद ने जीता, जिन्होंने 299 किलोग्राम का रिकॉर्ड भार उठाकर लगातार तीसरा राष्ट्रमंडल स्वर्ण पदक (2018, 2022 और 2026) अपने नाम किया।
गंभीर चोट और संघर्ष के बाद मुथुपांडी की 'सिल्वर' वापसी
राजा मुथुपांडी के लिए ग्लासगो का यह रजत पदक सिर्फ एक जीत नहीं, बल्कि उनके अडिग हौसले का प्रतीक है। वर्ष 2019 में कोहनी के लिगामेंट में आई गंभीर चोट के कारण उन्हें लंबे समय तक खेल से दूर रहना पड़ा था। इसके बाद कोविड-19 महामारी और टीम में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के चलते वे 2022 बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों के लिए चयन से चूक गए थे।
हालांकि, 65 किग्रा वर्ग की नई शुरुआत के साथ ही मुथुपांडी ने राष्ट्रीय टीम में वापसी की और 2025 की विश्व चैंपियनशिप में 299 किलोग्राम के अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ स्कोर के साथ नौवां स्थान हासिल किया था।