रन-विकेट नहीं, अब 'रवैया' भी होगा सम्मानित! टीम इंडिया में शुरू हुआ नया अवॉर्ड
जिम्बाब्वे के खिलाफ जारी तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज के दौरान भारतीय क्रिकेट टीम प्रबंधन ने खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने के लिए एक अनोखी और नई परंपरा की शुरुआत की है। फील्डिंग मेडल की तर्ज पर अब टीम में "सर्वश्रेष्ठ रवैया पुरस्कार" (Best Attitude Award) शुरू किया गया है। हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए पहले टी20 मुकाबले के बाद मध्यक्रम के स्टार बल्लेबाज तिलक वर्मा को इस पहले पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
'रवैया भी कौशल के बराबर': अंतरिम मुख्य कोच वीवीएस लक्ष्मण
पूर्व दिग्गज बल्लेबाज और भारतीय टीम के अंतरिम मुख्य कोच वीवीएस लक्ष्मण के मार्गदर्शन में यह विशेष पहल शुरू की गई है। इस अवॉर्ड का मुख्य उद्देश्य केवल रन बनाने या विकेट लेने तक सीमित न रहकर मैदान पर और मैदान के बाहर खिलाड़ियों की प्रतिबद्धता, कार्य नैतिकता (Work Ethic) और मानसिकता को सम्मानित करना है।
इस पहल के पीछे की सोच को स्पष्ट करते हुए वीवीएस लक्ष्मण ने कहा, "टीम प्रबंधन के तौर पर हमारा मानना है कि रवैया (Attitude) भी कौशल (Skill) के जितना ही महत्वपूर्ण है। इसलिए हमने इस सीरीज में केवल बल्लेबाजी, गेंदबाजी या फील्डिंग के व्यक्तिगत आंकड़ों को ही नहीं, बल्कि खिलाड़ी के रवैये को भी खास पहचान देने का फैसला किया है।"
स्ट्रेंथ कोच हर्षा और जॉय ने तिलक को क्यों चुना?
दिलचस्प बात यह रही कि मुख्य कोच लक्ष्मण ने इस विजेता का चयन खुद करने के बजाय यह जिम्मेदारी टीम के स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच हर्षा और परफॉर्मेंस कोच जॉय को सौंपी।
भले ही पहले मैच में सांख्यिकीय रूप से तिलक वर्मा का योगदान मामूली दिखा—उन्होंने एक कैच लपका, एक चौका लगाया और विजयी रन बनाकर मैच समाप्त किया—लेकिन प्रैक्टिस सेशन और पूरे मैच के दौरान उनका समर्पण सबसे अलग था।
पुरस्कार की घोषणा करते हुए हर्षा ने कहा, "इस खिलाड़ी ने न केवल मैदान पर, बल्कि मैदान के बाहर भी खुद को पूरी तरह से झोंक दिया। प्रशिक्षण के दौरान जब किसी ड्रिल में बहुत ज्यादा तीव्रता की जरूरत नहीं भी होती थी, तब भी तिलक पूरी ऊर्जा और प्रतिबद्धता के साथ वहां डटे रहते थे।"
'टीम के लिए योगदान देना ही मेरी प्राथमिकता': तिलक वर्मा
साथी खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ की तालियों के बीच पदक स्वीकार करते हुए तिलक वर्मा ने खुशी जाहिर की। तिलक ने कहा, "मेरा ध्यान हमेशा टीम को अपना शत-प्रतिशत योगदान देने पर रहता है। मैदान के बाहर मैं अभ्यास और अनुशासन में जो भी करता हूं, वही मैदान पर मुझे बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करता है।"
भारत ने पहले टी20 में दर्ज की 7 विकेट से धमाकेदार जीत
गौरतलब है कि 23 जुलाई को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए सीरीज के पहले टी20 मैच में भारत ने जिम्बाब्वे को 7 विकेट से करारी शिकस्त दी।
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जिम्बाब्वे की पारी: पहले बल्लेबाजी करते हुए जिम्बाब्वे की टीम 20 ओवरों में 7 विकेट खोकर 125 रन ही बना सकी। वेस्ली माधेवेरे (39 रन) शीर्ष स्कोरर रहे। भारत की ओर से मयंक यादव, प्रिंस यादव (2/19) और रवि बिश्नोई (1/24) ने बेहतरीन गेंदबाजी की।
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भारत की पारी: 126 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने महज 13.2 ओवरों में 3 विकेट खोकर जीत हासिल कर ली। 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने मात्र 18 गेंदों में तूफानी अर्धशतक जड़कर अंतरराष्ट्रीय टी20 में सबसे कम उम्र में फिफ्टी बनाने का विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया। ईशान किशन ने 35 रन बनाए जबकि कप्तान श्रेयस अय्यर 28 रन बनाकर नाबाद रहे।
इस जीत के साथ ही भारतीय टीम ने तीन मैचों की टी20 सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है।