फुटबॉल इतिहास का सबसे बड़ा बदलाव, फीफा वर्ल्ड कप 2026 में लागू होंगे ये 5 नए कड़े नियम
फुटबॉल की दुनिया के सबसे महाकुंभ यानी फीफा विश्व कप 2026 (FIFA World Cup 2026) के शुरू होने से पहले खेल के नियमों में अब तक का सबसे बड़ा और क्रांतिकारी बदलाव कर दिया गया है। संयुक्त राज्य अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा की संयुक्त मेजबानी में खेले जाने वाले इस आगामी विश्व कप में खिलाड़ियों को अब बिल्कुल नए और कड़े नियमों के तहत मैदान पर उतरना होगा। इंटरनेशनल फुटबॉल एसोसिएशन बोर्ड (IFAB) ने खिलाड़ियों के व्यवहार, मैच मैनेजमेंट, वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) की शक्तियों और सब्स्टीट्यूशन (खिलाड़ियों के स्थान परिवर्तन) से जुड़े कई बड़े संशोधनों को अपनी अंतिम मंजूरी दे दी है। फुटबॉल को और अधिक पारदर्शी, अनुशासित और तेज बनाने के उद्देश्य से लाए गए ये नियम मैदान पर खिलाड़ियों की जरा सी चालाकी या बहसबाजी को बर्दाश्त नहीं करेंगे और इसके लिए टीमों को मैच तक गंवाना पड़ सकता है।
प्रतिद्वंद्वी से बहस के दौरान मुंह ढका तो मिलेगा सीधा रेड कार्ड, विनीसियस जूनियर की घटना के बाद फीफा का बड़ा एक्शन
फीफा द्वारा किए गए बदलावों में सबसे ज्यादा चर्चा उस नियम की हो रही है जो मैदान पर खिलाड़ियों के बीच होने वाली झड़पों से जुड़ा है। नए नियम के मुताबिक, मैच के दौरान अगर कोई खिलाड़ी प्रतिद्वंद्वी टीम के खिलाड़ी या रेफरी से भिड़ते समय अपने हाथ, बांह या जर्सी (शर्ट) से अपना मुंह ढकता हुआ पाया गया, तो रेफरी उसे बिना किसी चेतावनी के सीधे 'रेड कार्ड' दिखाकर मैदान से बाहर भेज देगा। फीफा ने यह सख्त कदम चैंपियंस लीग के एक मुकाबले के दौरान रियल मैड्रिड के स्टार खिलाड़ी विनीसियस जूनियर और बेनफिका के जियानलुका प्रेस्टियानी के बीच हुई एक बेहद विवादास्पद घटना के बाद उठाया है, जहां खिलाड़ी मुंह छिपाकर अपशब्दों का इस्तेमाल कर रहे थे।
सब्स्टीट्यूशन के लिए 10 सेकंड की समय सीमा तय, देरी करने पर टीम को भुगतना होगा भारी नुकसान
मैच के दौरान जानबूझकर समय बर्बाद करने (टाइम वेस्टिंग) की रणनीति अपनाने वाले खिलाड़ियों पर भी फीफा ने पूरी तरह नकेल कस दी है। अब जब भी मैदान पर किसी खिलाड़ी का प्रतिस्थापन (सब्स्टीट्यूशन) किया जाएगा, तो उस खिलाड़ी को मैदान के सबसे नजदीकी निकास द्वार (एग्जिट पॉइंट) से महज 10 सेकंड के भीतर बाहर जाना होगा। अगर कोई खिलाड़ी इस समय सीमा का उल्लंघन करता है, तो उसे खेल में अगली रुकावट (स्टोपेज) आने तक मैदान में दोबारा प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसका मतलब यह हुआ कि इस दौरान उसकी टीम को एक खिलाड़ी की कमी के साथ ही मैच खेलना पड़ेगा। यदि अगली रुकावट एक मिनट के भीतर आ भी जाती है, तब भी यह कड़ा प्रतीक्षा काल जारी रहेगा।
थ्रो-इन और कॉर्नर किक पर रेफरी शुरू करेंगे 5 सेकंड का रिवर्स काउंटडाउन, बदल जाएगा गेंद का कब्जा
मैच के दौरान खेल को दोबारा शुरू करने में होने वाली देरी से निपटने के लिए ऑन-फील्ड अंपायरों और रेफरियों को असीमित अधिकार सौंपे गए हैं। अब अगर रेफरी को लगता है कि कोई खिलाड़ी थ्रो-इन लेने या कॉर्नर किक मारने में जरूरत से ज्यादा समय ले रहा है, तो वे तुरंत 5 सेकंड की उल्टी गिनती (रिवर्स काउंटडाउन) शुरू कर सकते हैं। इस निर्धारित समय के भीतर यदि खेल दोबारा शुरू नहीं किया गया, तो पेनल्टी के तौर पर गेंद का पूरा पजेशन (कब्जा) तुरंत सामने वाली बचाव पक्ष की टीम को दे दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, मेजबान देशों में अत्यधिक गर्मी और उच्च तापमान को ध्यान में रखते हुए खिलाड़ियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए प्रत्येक हाफ में अनिवार्य 'हाइड्रेशन ब्रेक' (पानी पीने के लिए ब्रेक) की शुरुआत की गई है।
वीएआर (VAR) की शक्तियों का हुआ ऐतिहासिक विस्तार, गलत कॉर्नर किक और सेकेंड येलो कार्ड की होगी समीक्षा
तकनीक के इस्तेमाल को और अधिक सटीक बनाने के लिए इस मेगा टूर्नामेंट में वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) के दायरे को काफी बढ़ा दिया गया है। अब वीएआर अधिकारी मैदान पर गलत तरीके से दिए गए कॉर्नर किक के फैसलों की भी समीक्षा कर सकेंगे, बशर्ते खेल दोबारा शुरू होने में कोई देरी न हुई हो। इसके साथ ही, खेल दोबारा शुरू होने से ठीक पहले अगर कोई फाउल होता है, तो उसकी भी बारीक जांच की जाएगी। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यदि मैदान पर मुख्य रेफरी द्वारा किसी खिलाड़ी को दिया गया दूसरा 'येलो कार्ड' (पीला कार्ड) स्पष्ट रूप से गलत नजर आता है या गलत पहचान के कारण किसी निर्दोष खिलाड़ी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हो जाती है, तो वीएआर सीधे तौर पर हस्तक्षेप करके फैसले को बदलवा सकेगा।
मैदान पर रेफरी के फैसले का विरोध करने पर कोच और टीम पर गिरेगी गाज, मैच भी हो सकता है रद्द
नए नियमों में खिलाड़ियों के इलाज (मेडिकल ट्रीटमेंट) की प्रक्रियाओं को भी सुधारा गया है। अब मैदान पर चोटिल होने के बाद उपचार प्राप्त करने वाले आउटफील्ड खिलाड़ियों को दोबारा खेल में लौटने से पहले कम से कम एक मिनट तक अनिवार्य रूप से मैदान से बाहर ही इंतजार करना होगा। हालांकि, गोलकीपर, आपस में टकराने वाले खिलाड़ियों और गंभीर रूप से चोटिल एथलीटों को इस नियम से पूरी तरह छूट दी गई है। इसके अलावा, रेफरी के किसी भी फैसले के विरोध में एकजुट होकर मैदान छोड़ने वाली टीमों के खिलाफ फीफा ने सबसे सख्त रुख अपनाया है। विरोध स्वरूप मैदान से बाहर जाने वाले किसी भी खिलाड़ी को तत्काल रेड कार्ड थमा दिया जाएगा और खिलाड़ियों को इस काम के लिए उकसाने वाले हेड कोच को भी यही सजा भुगतनी होगी। यदि विरोध के कारण मैच रद्द होता है, तो जिम्मेदार टीम को सीधे हारा हुआ घोषित कर दिया जाएगा।