'अभी काम खत्म नहीं हुआ है...' विश्व कप फाइनल से ठीक पहले सचिन तेंदुलकर ने जेमिमा को क्यों किया था फोन
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने इतिहास रचते हुए अपना पहला महिला वनडे विश्व कप खिताब अपने नाम कर लिया है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ डीवाई पाटिल स्पोर्ट्स अकादमी में खेले गए इस ऐतिहासिक फाइनल मुकाबले में मिली खिताबी जीत के बाद अब ड्रेसिंग रूम के कई बड़े और दिलचस्प राज सामने आ रहे हैं। भारतीय स्टार बल्लेबाज जेमिमा रोड्रिग्स ने एक बेहद भावुक और चौंकाने वाला खुलासा किया है। जेमिमा ने बताया कि सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ करियर की सबसे सर्वश्रेष्ठ पारी खेलने के बाद वे भारी मानसिक दबाव और ध्यान भटकाने वाले माहौल से जूझ रही थीं। ऐसे नाजुक समय पर क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले महान सचिन तेंदुलकर के एक गुप्त संदेश ने उनके दिमाग को पूरी तरह से रीसेट किया और टीम इंडिया को विश्व विजेता बनाने की राह आसान कर दी।
सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ठोके नाबाद 127 रन, लेकिन फाइनल से पहले भटक सकता था ध्यान
टूर्नामेंट के सबसे कड़े मुकाबले यानी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में मुंबई की धाकड़ बल्लेबाज जेमिमा रोड्रिग्स ने नाबाद 127 रनों की ऐतिहासिक मैच जिताने वाली पारी खेलकर भारत को फाइनल का टिकट दिलाया था। इस पारी के बाद देश भर में जेमिमा को लेकर जबरदस्त हाइप और मीडिया अटेंशन बन गई थी। जेमिमा ने स्वीकार किया कि इस तरह की भारी तारीफ और जश्न के माहौल में फाइनल जैसे महामुकाबले से पहले किसी भी खिलाड़ी का ध्यान भटकना बेहद स्वाभाविक था। वे समझ नहीं पा रही थीं कि इतनी बड़ी कामयाबी के खुमार से बाहर निकलकर खुद को मानसिक रूप से दोबारा कैसे शांत और केंद्रित करें।
सचिन तेंदुलकर ने जेमिमा के कोच प्रशांत शेट्टी को लगाया फोन, दिया 'रीसेट' होने का गुरुमंत्र
जेमिमा रोड्रिग्स के इसी मानसिक कशमकश के बीच मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर संकटमोचक बनकर सामने आए। उन्होंने सीधे जेमिमा के बचपन के कोच प्रशांत शेट्टी से संपर्क साधा। उस वाकये को याद करते हुए जेमिमा ने जियोहॉटस्टार को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि सचिन सर ने उनके कोच से कहा कि वे अच्छी तरह समझते हैं कि ऑस्ट्रेलिया को हराने और इतनी बड़ी पारी खेलने के बाद पिछले कुछ दिन जेमिमा के लिए काफी भावनात्मक और तनावपूर्ण रहे होंगे। लेकिन उन्होंने कड़े शब्दों में याद दिलाया कि अभी काम खत्म नहीं हुआ है, क्योंकि असली मकसद फाइनल की ट्रॉफी उठाना है। सचिन सर का संदेश था कि सेमीफाइनल की पारी को वहीं भूल जाओ और फाइनल में बिल्कुल नए सिरे से शून्य से शुरुआत करो।
'अतीत के रनों से अगला मैच नहीं जीता जा सकता', मास्टर ब्लास्टर की सलाह से मिली मानसिक स्पष्टता
सचिन तेंदुलकर के इस जादुई संदेश ने जेमिमा रोड्रिग्स के सोचने का तरीका पूरी तरह बदल दिया। जेमिमा ने आगे बताया कि क्रिकेट के इतने बड़े दिग्गज की इस छोटी सी सलाह ने उन्हें फाइनल से पहले मानसिक रूप से पूरी स्पष्टता दे दी थी। उन्हें यह गहराई से समझ आ गया कि आपने अतीत में चाहे कितना भी शानदार प्रदर्शन क्यों न किया हो, उससे आने वाला मैच नहीं जीता जा सकता। हर मैच एक नई चुनौती और एक नई शुरुआत की तरह होता है। इसी का नतीजा रहा कि पूरी टीम इंडिया दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैदान पर बिना किसी पुराने दबाव के उतरी और देश का सपना सच कर दिखाया।
शेफाली वर्मा के पिता का वो जादुई वॉइस नोट, जिसने मैदान पर आग लगाने के लिए किया मजबूर
सचिन तेंदुलकर के अलावा फाइनल मैच में भारत की जीत की एक और बड़ी इनसाइड स्टोरी सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा से जुड़ी है। खिताबी मुकाबले में 87 रनों की आतिशी पारी खेलने के साथ-साथ गेंदबाजी में 2/36 का शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन करने वाली शेफाली ने अपनी प्रेरणा का श्रेय अपने पिता को दिया। शेफाली ने बताया कि फाइनल से पहले मिले दो दिनों के ब्रेक के दौरान उनके पिता ने उन्हें एक स्पेशल वॉइस नोट भेजा था। उस वॉइस नोट में उनके पिता ने कहा था कि मैदान पर अपनी जान झोंक दो, इतिहास के पन्नों में यह लिखित में दर्ज होना चाहिए कि शेफाली वर्मा ने भारत को विश्व कप जिताया था। पिता के इस एक संदेश ने शेफाली के भीतर ऐसा जोश भरा कि उन्होंने फाइनल में दक्षिण अफ्रीका के परखच्चे उड़ा दिए।