मौत के मुंह से वापस लौटा भारतीय मूल का ये क्रिकेटर! पत्नी ने अपने शरीर का हिस्सा देकर बचाई जान, अब लिया संन्यास

मौत के मुंह से वापस लौटा भारतीय मूल का ये क्रिकेटर! पत्नी ने अपने शरीर का हिस्सा देकर बचाई जान, अब लिया संन्यास

भारतीय मूल के क्रिकेटर सिमी सिंह ने 30 सितंबर 2026 को पेशेवर क्रिकेट को अलविदा कह दिया। सिमरनजीत सिंह के नाम से जन्मे सिमी ने पांच साल से ज्यादा समय तक आयरलैंड की अंतरराष्ट्रीय टीम का हिस्सा रहते हुए अपनी अलग पहचान बनाई।

उनकी कहानी सिर्फ मैदान पर बनाए रन और लिए गए विकेटों तक सीमित नहीं है। क्रिकेट तक पहुंचने का उनका सफर भी संयोगों से भरा रहा। वर्ष 2006 में जब वह भारत से आयरलैंड गए थे तब उनका मकसद क्रिकेट खेलना नहीं था। वह होटल प्रबंधन की पढ़ाई के लिए वहां पहुंचे थे। बाद में क्रिकेट ने उनके जीवन की दिशा बदल दी।

आयरलैंड के लिए यादगार प्रदर्शन

सिमी सिंह ने आयरलैंड की ओर से 35 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय और 53 टी20 मुकाबले खेले। उनके अंतरराष्ट्रीय करियर में 39 विकेट और 593 रन दर्ज हैं। टी20 क्रिकेट में उन्होंने 44 विकेट हासिल किए और 296 रन बनाए। टी20 विश्व कप में भी सिमी को आयरलैंड का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उन्होंने आठवें क्रम पर बल्लेबाजी करते हुए शतक जमाया था। संयुक्त अरब अमीरात के खिलाफ एक मुकाबले में उन्होंने पांच विकेट लेकर अपनी गेंदबाजी का दम भी दिखाया।

एकदिवसीय क्रिकेट में उनका गेंदबाजी इकॉनमी रेट 3.99 रहा। अपने क्रिकेट सफर को याद करते हुए सिमी ने कहा कि जब वह आयरलैंड जाने के लिए निकले थे तब उन्होंने नहीं सोचा था कि कभी इसी देश के लिए विश्व कप खेलेंगे। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शतक और एक मैच में पांच विकेट लेना उनके करियर के खास पड़ाव रहे।

2024 में क्रिकेट से ज्यादा बड़ी थी जिंदगी की लड़ाई

सिमी के करियर का सबसे मुश्किल दौर 2024 में आया। गंभीर बीमारी के कारण उन्हें क्रिकेट से दूर होना पड़ा। आयरलैंड में इलाज के दौरान उनकी बीमारी की सही वजह सामने नहीं आ सकी और उनकी हालत लगातार खराब होती गई। इसके बाद वह भारत लौटे। यहां जांच के बाद पता चला कि उनका लिवर गंभीर रूप से खराब हो चुका था और उन्हें प्रत्यारोपण की जरूरत थी। हालात बेहद नाजुक थे। मुश्किल समय में उनकी पत्नी अगमदीप कौर ने उनका साथ दिया। उन्होंने अपने लिवर का एक हिस्सा सिमी को दान किया। इस प्रत्यारोपण के बाद सिमी को नई जिंदगी मिली। क्रिकेट के मैदान पर वापसी भले ही उनके लिए आसान नहीं रही हो लेकिन इस दौर ने उनके जीवन को एक नया नजरिया जरूर दिया। बीमारी के बाद अब वह क्रिकेट से जुड़े रहकर आगे बढ़ने की तैयारी कर रहे हैं।