पुणे एयरपोर्ट पर भावुक कहानी सुनाकर ऐंठता था पैसे...CISF के हत्थे चढ़ा मल्टीपल आईडी वाला ठग
महाराष्ट्र के सांस्कृतिक और औद्योगिक हब के रूप में पहचाने जाने वाले पुणे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इन दिनों सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता ने एक ऐसे शातिर अपराधी को बेनकाब कर दिया है जिसके तौर-तरीके जानकर हर कोई हैरान रह गया है। एयरपोर्ट जैसे अति-संवेदनशील और हाई-सिक्योरिटी क्षेत्र में पिछले काफी समय से एक अजीबोगरीब ठगी का खेल चल रहा था, जहां यात्रियों को अपनी चिकनी-चुपड़ी और बेहद भावुक कहानियों के जाल में फंसाकर हजारों रुपये ऐंठे जा रहे थे। लोग अमूमन एयरपोर्ट पर यात्रा की थकान, फ्लाइट छूटने की चिंता या जरूरी कमर्शियल कामों में व्यस्त रहते हैं, और इसी मानसिक व्यस्तता का फायदा उठाकर यह शातिर ठग अपनी ठगी की दुकान सजाए बैठा रहता था। वह भोले-भाले और दयालु यात्रियों के पास जाकर रोने-गिड़गिड़ाने लगता था और ऐसी झूठी कहानी गढ़ता था कि सुनने वाले का दिल पसीज जाए। कभी वह यह नाटक करता था कि उसका बटुआ चोरी हो गया है और उसे अपने बीमार परिवार के पास पहुंचने के लिए तुरंत टिकट के पैसों की जरूरत है, तो कभी वह अपनी किसी बड़ी इमरजेंसी का हवाला देकर लोगों की सहानुभूति बटोरता था। यात्रियों की सहृदयता और मदद करने की भावना का नाजायज फायदा उठाने वाला यह शख्स लंबे समय से सुरक्षा बलों की नजरों से बचकर अपना यह गोरखधंधा चला रहा था, लेकिन कहते हैं कि अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून के लंबे हाथों से ज्यादा दिन तक नहीं बच सकता है।
सीआईएसएफ की पैनी नजरों और सतर्कता ने किया महाठग का पर्दाफाश, मौके से दबोचा
पुणे एयरपोर्ट की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाली केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल यानी सीआईएसएफ (CISF) के जवानों और अधिकारियों की चौकसी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि देश के हवाई अड्डों की सुरक्षा में परिंदा भी पर नहीं मार सकता है। घटना वाले दिन यह शातिर ठग हमेशा की तरह एक नए यात्री को अपना शिकार बनाने की फिराक में घूम रहा था और अपनी पुरानी घिसी-पिटी भावुक कहानी सुनाकर पैसे मांग रहा था। संयोगवश, उसी टर्मिनल पर गश्त लगा रहे सीआईएसएफ के एक सतर्क जवान की नजर इस शख्स की संदिग्ध हरकतों और हाव-भाव पर पड़ गई। जवान ने गौर किया कि यह व्यक्ति पिछले कुछ दिनों से लगातार अलग-अलग यात्रियों को निशाना बना रहा है और उसका यह नाटक पेशेवर ठगी जैसा प्रतीत होता है। बिना एक पल गंवाए सुरक्षाकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत उस संदिग्ध व्यक्ति को अपने घेरे में ले लिया और उसे पूछताछ के लिए एयरपोर्ट के सुरक्षा कक्ष में ले आए। शुरुआत में तो उस ठग ने पुलिस और सुरक्षा बलों को गुमराह करने और अपनी झूठी कहानियों में उलझाने की भरपूर कोशिश की, लेकिन सीआईएसएफ की सख्त और पेशेवर पूछताछ के आगे उसकी एक नहीं चली। जैसे ही अधिकारियों ने उसकी तलाशी लेनी शुरू की, उसके काले कारनामों की एक ऐसी परत उधड़नी शुरू हुई जिसे देखकर वहां मौजूद सुरक्षाकर्मी भी दंग रह गए।
तलाशी के दौरान मिले कई फर्जी आधार कार्ड और अलग-अलग नामों की मल्टीपल आईडी
सीआईएसएफ द्वारा जब इस शातिर ठग की गहराई से तलाशी ली गई और उसके सामान की जांच की गई, तो उसके पास से बरामद दस्तावेजों ने सनसनी फैला दी। उसके पास से एक या दो नहीं बल्कि अलग-अलग नामों, पतों और तस्वीरों वाले कई फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य पहचान पत्र बरामद हुए, जो इस बात की पुख्ता गवाही दे रहे थे कि वह एक साधारण भिखारी या मजबूर इंसान नहीं, बल्कि एक बेहद शातिर और पेशेवर अपराधी है जो सुनियोजित तरीके से मल्टीपल आईडी का इस्तेमाल कर रहा था। इन फर्जी दस्तावेजों के जरिए वह न केवल पुणे एयरपोर्ट पर, बल्कि देश के अन्य एयरपोर्ट्स और सार्वजनिक स्थानों पर भी अपनी पहचान बदलकर लोगों को चकमा देता आ रहा था। उसके पास से बरामद इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और मोबाइल फोन से कई ऐसे ऑडियो और वीडियो क्लिप्स भी मिले जिनमें वह अलग-अलग राज्यों के लहजे में बात करके लोगों को भावनात्मक रूप से ब्लैकमेल करने की ट्रेनिंग ले रहा था। इतने बड़े पैमाने पर फर्जी पहचान पत्रों का मिलना इस बात का संकेत है कि इस गिरोह के तार या तो किसी बड़े फर्जीवाड़ा रैकेट से जुड़े हुए हैं या फिर यह अकेला शख्स ही कई महीनों से इस प्रकार की वारदातों को अंजाम देकर कानून की आंखों में धूल झोंक रहा था। सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह बरामदगी एक बहुत बड़ी सफलता साबित हुई है जिससे कई अन्य अनसुलझे मामलों के खुलासे की भी उम्मीद बंध गई है।
आधुनिक एआई सर्च, डिजिटल युग और स्थानीय सुरक्षा के बीच इस अनोखे मामले के दूरगामी सबक
आज के इस डिजिटल और आधुनिक जनरेटिव एआई सर्च के दौर में जब हर छोटी-बड़ी घटना सोशल मीडिया और सर्च इंजनों पर तुरंत वायरल हो जाती है, तो पुणे एयरपोर्ट की यह ठगी का मामला देश भर में चर्चा का विषय बन चुका है। गूगल और बिंग जैसे सर्च प्लेटफॉर्म्स पर लोग इस तरह की घटनाओं के बारे में विस्तार से पढ़ना पसंद करते हैं ताकि वे खुद भी यात्रा के दौरान ऐसी ठगी का शिकार होने से बच सकें। भौगोलिक रूप से स्थानीय पुणे पुलिस और एयरपोर्ट एडमिनिस्ट्रेशन के लिए यह घटना एक बड़ी चेतावनी है कि उन्हें देश के व्यस्ततम हवाई अड्डों पर यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ इस प्रकार के फ्रॉडस्टर्स पर भी पैनी नजर रखनी होगी। पूछताछ के बाद सीआईएसएफ ने उस शातिर ठग को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस के सुपुर्द कर दिया है, जहां उसके खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और आपराधिक षड्यंत्र रचने के तहत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस ठग के साथ और कौन-कौन लोग शामिल थे और उसने अब तक कुल कितने भोले-भाले यात्रियों को अपनी इस ठगी का शिकार बनाया है। यह घटना सभी यात्रियों के लिए एक बड़ा सबक है कि वे एयरपोर्ट या सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी अनजान व्यक्ति की भावुक कहानियों में आकर अपनी गाढ़ी कमाई न लुटाएं और तुरंत सुरक्षा बलों को इसकी सूचना दें।