क्या भारत में खेला जाएगा ऐतिहासिक एशेज टेस्ट? क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के बड़े बयान से मची सनसनी!
क्रिकेट जगत से एक ऐसी हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है जो खेल के इतिहास को हमेशा के लिए बदल सकती है। सदियों पुरानी और क्रिकेट की सबसे प्रतिष्ठित प्रतिद्वंद्विता 'द एशेज' (The Ashes) का कोई मुकाबला अब भारत की सरजमीं पर भी आयोजित किया जा सकता है। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) ने एक ऐतिहासिक बयान देते हुए साफ किया है कि वे इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाले इस ब्लॉकबस्टर टेस्ट मैच को भारतीय मैदानों पर आयोजित करने के विकल्प पर गंभीरता से विचार करने के लिए तैयार हैं। अब गेंद पूरी तरह से भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) के पाले में चली गई है, क्योंकि इन तीनों बोर्ड्स की सहमति के बिना यह महामुकाबला मुमकिन नहीं होगा।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के बॉस का बड़ा खुलासा, भारत में मैच कराने के पीछे की असली वजह
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के मुख्य कार्यकारी (CEO) टोड ग्रीनबर्ग ने बीबीसी के एक पॉडकास्ट में इस बात के साफ संकेत दिए हैं कि वह भारत में टेस्ट मैच आयोजित करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। ग्रीनबर्ग ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट मार्केट है और वहां इस खेल को लेकर जो दीवानगी है, वह अतुलनीय है। ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच मार्च 2027 में मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) पर टेस्ट क्रिकेट के 150 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में एक ऐतिहासिक स्मारक टेस्ट (Commemorative Test) खेला जाना है। हालांकि, यह मैच ऑस्ट्रेलिया में ही होगा, लेकिन भविष्य में ऐसे ऐतिहासिक या नुमाइशी टेस्ट मैचों को भारत में कराने की संभावनाओं को ग्रीनबर्ग ने बिल्कुल भी खारिज नहीं किया है।
चेन्नई में होने वाले बिग बैश मैच से मिली प्रेरणा, नए बाजारों पर टिकी नजरें
ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड का भारत के प्रति यह प्रेम अचानक नहीं जागा है। दरअसल, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया पहले ही अपनी घरेलू टी20 लीग यानी बिग बैश लीग (BBL) का एक मुकाबला इस साल दिसंबर में चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम में आयोजित करने का बड़ा फैसला ले चुका है, जहां मेलबर्न रेनेगेड्स और पर्थ स्कॉर्चर्स की टीमें आमने-सामने होंगी। इसी तर्ज पर अब वे रेड-बॉल (या पिंक-बॉल) क्रिकेट को भी भारतीय दर्शकों के बीच ले जाना चाहते हैं। टोड ग्रीनबर्ग के मुताबिक, 'बिग थ्री' (भारत, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड) के बीच टेस्ट क्रिकेट का क्रेज आज भी बहुत मजबूत है और इसे वैश्विक स्तर पर और मजबूत करने के लिए भारत से बेहतर कोई और जगह नहीं हो सकती।
खचाखच भरे क्रिकेट कैलेंडर से मिलेगी चुनौती, बीसीसीआई की मंजूरी का इंतजार
भले ही यह विचार सुनने में काफी रोमांचक और आर्थिक रूप से बेहद फायदेमंद (Lucrative) लग रहा हो, लेकिन इसे हकीकत में बदलना इतना आसान भी नहीं होगा। ऑस्ट्रेलियाई बोर्ड के प्रमुख ने खुद स्वीकार किया है कि साल में केवल 365 दिन होते हैं और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का शेड्यूल पहले से ही जरूरत से ज्यादा व्यस्त रहता है। भारत में लगातार होने वाली द्विपक्षीय सीरीज और दुनिया की सबसे बड़ी टी20 लीग यानी आईपीएल (IPL) के व्यस्त शेड्यूल के बीच किसी अन्य देश के टेस्ट मैच के लिए 5 दिनों का सही स्लॉट निकालना एक बहुत बड़ी सिरदर्दी साबित हो सकता है। अब देखना यह होगा कि इस पर बीसीसीआई और ईसीबी क्या रुख अपनाते हैं।