शपथ ग्रहण समारोह : ममता-राज्यपाल के बीच दिखा टकराव, दोनों ने एक दूसरे पर किया प्रहार

तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान ममता बनर्जी और राज्यपाल जगदीप धनखड़ के बीच राजनीतिक टकराव खुलकर सामने आ गया। 

कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान ममता बनर्जी और राज्यपाल जगदीप धनखड़ के बीच राजनीतिक टकराव खुलकर सामने आ गया।  समारोह में राज्यपाल ने चुनाव परिणाम के बाद राज्य में हो रही हिंसा को राज्य प्रायोजित आतंकवाद बताया और सरकार से इस पर नियंत्रण लगाने की अपील की।

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मुख्यमंत्री कहती हैं कि वह सत्ता में नहीं थीं, तो सत्ता में कौन था

समारोह में अपने संबोधन के दौरान राज्यपाल धनखड़ ने ममता बनर्जी पर संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। शपथ ग्रहण समारोह के बाद पत्रकारों से वार्ता करते हुए धनखड़ ने कहा कि हमारी प्राथमिकता यह है कि हमें इस संवेदनहीन हिंसा का अंत करना चाहिए, जिसने बड़े पैमाने पर समाज को प्रभावित किया है।

मुझे पूरी उम्मीद है कि कानून के शासन को बहाल करने के लिए मुख्यमंत्री तत्काल सभी कदम उठाएंगी। ममता बनर्जी के पिछले तीन माह तक मुख्यमंत्री न रहने के बयान पर राज्यपाल ने कहा, यह राज्य प्रायोजित आतंकवाद है। मुख्यमंत्री कहती हैं कि वह सत्ता में नहीं थीं, तो सत्ता में कौन था। यह हिंसा किसने की। राज्यपाल ने कहा कि मैं ममता को उनके तीसरे कार्यकाल के लिए बधाई देता हूं।
उल्लेखनीय है कि चुनाव परिणाम आने के बाद राज्य में हुई हिंसक घटनाओं के लिए तृणमूल कांग्रेस के लोगों पर आरोप लगे हैं।

ममता बनर्जी ने राज्यपाल द्वारा दी गई नसीहतों का तुरंत ही जवाब दिया

ममता बनर्जी ने राज्यपाल द्वारा दी गई नसीहतों का तुरंत ही जवाब दिया। ममता बनर्जी ने माइक थामते ही कहा कि मैंने आज ही शपथ ली है, तीन महीने से राज्य की पूरी सरकार चुनाव आयोग के हाथ में है। चुनाव आयोग ने इस दौरान कई अफसरों का तबादला किया, नियुक्ति भी की, जिन्होंने कोई काम नहीं किया है. ऐसे में अब वो कमान संभाल रही हैं और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करती हैं।

तृणमूल के सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने कहा कि जो हो रहा है, वह वांछित नहीं

इधर, तृणमूल के सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने कहा कि जो हो रहा है, वह वांछित नहीं है। तृणमूल नेता अरुप विश्वास ने कहा कि हमें काम करना है और आगे बढ़ना है। मैंने बंगाली में नारे दिए। दुनिया के बंगालियों को रास्ता दिखाया है। लोग विकास के पक्ष में हैं। उन्होंने एकता के लिए वोट किया।

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