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Up kiran,Digital Desk : उत्तराखंड के श्रीनगर (गढ़वाल) से आ रही यह खबर पहाड़ों पर रहने वाले लोगों के लिए डराने वाली है। आजकल वहां शाम होते ही गलियों में सन्नाटा पसर जाता है। वजह है—'गुलदार' (Leopard) का खौफ।

श्रीनगर की बस्तियों में हालात ऐसे हैं कि लोगों ने शाम के वक्त घर से निकलना बंद कर दिया है। जहाँ इन दिनों शादियों की रौनक होनी चाहिए थी, वहां लोग दावत खाने जाने से भी कतरा रहे हैं।

शादियों का सीजन, लेकिन दावत से तौबा

सोचिए, किसी के घर शादी हो और मेहमान आने से डरें। श्रीनगर के भक्तियाना, डाकबंगला, और श्रीकोट जैसे इलाकों में यही हो रहा है। गुलदार की धमक इतनी ज्यादा है कि लोग शादियों में सिर्फ शगुन देने जा रहे हैं और रात गहराने से पहले ही वापस भाग रहे हैं। अजय काला और समीर बिष्ट जैसे स्थानीय लोग बताते हैं कि बच्चों का तो घर से निकलना ही बंद हो गया है।

CCTV में कैद हुई दहशत

लोगों का डर बेवजह नहीं है। अभी मंगलवार रात का ही वाकया है, जब 'बजीरो के बाग' इलाके में एक गुलदार को गाय का पीछा करते हुए देखा गया। इसके अलावा, शीतला देवी मंदिर रोड और महिला थाना के पास भी गुलदार मजे से टहलता हुआ कैमरों में कैद हुआ है। दिनदहाड़े रिहायशी इलाकों में गुलदार का दिखना खतरे की बड़ी घंटी है।

राहत की खबर: एक गुलदार पिंजरे में कैद

हालांकि, इस दहशत के बीच एक अच्छी खबर भी है। खंडाह और नयालगढ़ इलाके में वन विभाग ने पिंजरा लगाया था, जिसमें बृहस्पतिवार की सुबह एक गुलदार फंस गया। इसकी उम्र करीब 4 साल बताई जा रही है और इसे पौड़ी भेज दिया गया है।

अभी खतरा टला नहीं है

  1. गाँव वालों का कहना है कि इलाके में एक नहीं, बल्कि कई गुलदार सक्रिय हैं।
  2. वन विभाग भी अलर्ट पर है: खंडाह क्षेत्र में टीम और शूटर्स तैनात कर दिए गए हैं। स्कूली बच्चों और घास लेने जाने वाली महिलाओं की सुरक्षा के लिए गश्त बढ़ा दी गई है।
  3. रेंज ऑफिसर दिनेश नौटियाल ने अपील की है कि लोग सावधान रहें, अकेले न निकलें और शाम होते ही सुरक्षित जगहों पर रहें।

कुल मिलाकर, श्रीनगर और आसपास के इलाकों में लोग अभी भी सहमे हुए हैं। वन विभाग पूरी कोशिश कर रहा है, लेकिन सावधानी ही फिलहाल सबसे बड़ा बचाव है।