सर्दियों का मौसम आते ही गर्माहट के लिए अंडे का सेवन आम हो जाता है। खासकर ब्राउन अंडे, जिन्हें देसी अंडे भी कहा जाता है, न केवल शरीर को गर्म रखते हैं, बल्कि प्रोटीन से भरपूर होते हैं। ऐसे में सवाल उठता है, क्या इन अंडों का सेवन सर्दियों में विशेष लाभकारी होता है, और क्या सफेद अंडे से इन्हें ज्यादा फायदेमंद माना जाता है?
ब्राउन अंडा किस मुर्गी से आता है?
ब्राउन अंडे आमतौर पर लाल या भूरे रंग की पंखों वाली मुर्गियों से प्राप्त होते हैं, जबकि सफेद अंडे सफेद पंखों वाली मुर्गियों से मिलते हैं। हालांकि, यह बात जानना जरूरी है कि अंडे के पोषण का मुख्य निर्धारण केवल छिलके के रंग से नहीं होता। यह उस मुर्गी के आहार और देख-रेख पर भी निर्भर करता है।
क्या ब्राउन और सफेद अंडों में कोई खास अंतर है?
वैज्ञानिक शोध से यह बात सामने आई है कि अंडे का छिलका पोषण पर सीधा असर नहीं डालता। दोनों प्रकार के अंडों का स्वाद और गुणवत्ता लगभग समान होते हैं। हालांकि, ब्राउन अंडों की जर्दी का रंग गहरा होता है, क्योंकि इन मुर्गियों को अधिक प्राकृतिक आहार मिलता है। यही कारण है कि कई लोग ब्राउन अंडों को ज्यादा हेल्दी मानते हैं।
सर्दियों में ब्राउन अंडे के फायदे
ब्राउन अंडों में ऐसे कई पोषक तत्व होते हैं, जो सर्दियों में खासतौर पर फायदेमंद साबित हो सकते हैं:
प्रोटीन का अच्छा स्रोत: मांसपेशियों की मजबूती के लिए आदर्श।
आंखों की सेहत: विटामिन A और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर।
हड्डियों को मजबूती: कैल्शियम और विटामिन D की उपस्थिति।
बालों की ग्रोथ: बायोटिन और प्रोटीन से लाभकारी।
वजन नियंत्रण: लंबे समय तक पेट भरा रहने का एहसास।
इम्यूनिटी बढ़ाता है: शरीर की प्रतिरक्षा को मजबूत करता है।
असली ब्राउन अंडे की पहचान
आजकल बाजार में मिलावट की शिकायतें भी सामने आती हैं, ऐसे में सही अंडे की पहचान करना जरूरी है:
असली ब्राउन अंडे का छिलका थोड़ा खुरदुरा और चिकना नहीं होता।
पानी में डालने पर असली अंडा नीचे बैठ जाता है, जबकि नकली तैरने लगता है।
यदि अंडे का रंग बहुत चमकीला या पॉलिश जैसा लगे, तो यह असली नहीं हो सकता।
अंडे का सेवन: किसे कितने अंडे खाने चाहिए?
स्वस्थ व्यक्ति: रोज एक अंडा (जर्दी सहित) खा सकते हैं।
बच्चे: उनकी ग्रोथ के लिए 1-2 अंडे फायदेमंद हो सकते हैं।
कोलेस्ट्रॉल की समस्या वाले लोग: इन्हें डॉक्टर से परामर्श के बाद ही अंडे का सेवन करना चाहिए।
किन लोगों को अंडा नहीं खाना चाहिए?
ब्राउन अंडे का सेवन कुछ लोगों के लिए हानिकारक हो सकता है। जानें उन लोगों के बारे में, जिन्हें अंडा सीमित मात्रा में या बिल्कुल नहीं खाना चाहिए:
अंडे से एलर्जी: अगर अंडा खाने के बाद खुजली, उल्टी, पेट में दर्द या सांस लेने में दिक्कत हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
हाई कोलेस्ट्रॉल और हृदय रोग: जिन लोगों को हाई कोलेस्ट्रॉल, दिल की बीमारियां, या ब्लड प्रेशर की समस्या है, उन्हें अंडे की जर्दी से परहेज करना चाहिए। डॉक्टर से सलाह लेकर ही अंडे का सेवन करें।
लीवर की बीमारियां: फैटी लिवर या हेपेटाइटिस जैसी बीमारियों से पीड़ित लोगों को अंडे का सेवन सीमित करना चाहिए, क्योंकि इससे लीवर पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
किडनी रोगी: किडनी की समस्या वाले लोगों के लिए अंडे का सेवन बहुत सतर्कता से करना चाहिए, क्योंकि इसमें प्रोटीन की अधिक मात्रा किडनी पर प्रभाव डाल सकती है।
पाचन संबंधी समस्याएं: जिनका पाचन तंत्र कमजोर हो या जिन्हें एसिडिटी, गैस, पेट में भारीपन की समस्या रहती हो, उन्हें अंडे कम मात्रा में या बिल्कुल नहीं खाने चाहिए।
बुखार और इंफेक्शन: तेज बुखार, पेट के संक्रमण या फूड पॉइजनिंग के दौरान अंडे का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे पाचन में समस्या हो सकती है।

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