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Up kiran,Digital Desk : मध्य प्रदेश की व्यावसायिक राजधानी इंदौर शनिवार को अखाड़े में तब्दील हो गई। दिल्ली में आयोजित 'एआई समिट' के दौरान यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के विधानसभा में दिए गए बयान को लेकर भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। कांग्रेस कार्यालय गांधी भवन के बाहर हुई इस हिंसक झड़प में जमकर पत्थरबाजी हुई, जिसमें एक महिला नेत्री, एक पुलिस अधिकारी और एक मीडियाकर्मी सहित कई लोग घायल हो गए।

घेराव की घोषणा और आमने-सामने आए दिग्गज

दिल्ली की घटना के विरोध में भाजपा ने शनिवार को देशभर में कांग्रेस कार्यालयों के घेराव का आह्वान किया था। इंदौर में भी भाजपा कार्यकर्ता दोपहर में गांधी भवन घेरने निकले। दूसरी ओर, कांग्रेस कार्यकर्ता भी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बयानों के विरोध में पहले से ही कार्यालय पर डटे हुए थे। पुलिस ने तनाव को देखते हुए बैरिकेड्स लगाए थे, लेकिन दोनों पक्षों के बीच शुरू हुई नारेबाजी जल्द ही हिंसा में बदल गई।

पथराव और अफरा-तफरी का माहौल

जैसे ही भाजपा कार्यकर्ता बैरिकेड्स के पास पहुंचे, दोनों तरफ से पत्थर, टमाटर और पानी की बोतलें फेंकी जाने लगीं।

घायल: पथराव की चपेट में आने से कांग्रेस नेत्री बिंदु चौहान को गंभीर चोट आई है, जिन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा एक पुलिस अधिकारी और कवरेज कर रहे एक मीडियाकर्मी को भी चोटें लगी हैं।

बाजार बंद: हिंसा भड़कते ही राजवाड़ा और आसपास के व्यस्त बाजारों में अफरा-तफरी मच गई और व्यापारियों ने डर के मारे अपनी दुकानें बंद कर दीं।

पुलिस की कार्रवाई और वॉटर कैनन का प्रयोग

स्थिति को अनियंत्रित होता देख पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वज्र वाहन और वॉटर कैनन का सहारा लिया। हालांकि, बताया जा रहा है कि वॉटर कैनन का प्रेशर कम होने के कारण पुलिस को लाठीचार्ज की स्थिति तक आना पड़ा। कड़ी मशक्कत के बाद दोनों दलों के कार्यकर्ताओं को मौके से हटाया गया और स्थिति को काबू में किया गया।

थाने का घेराव और कानूनी कार्रवाई की मांग

हिंसक झड़प के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने पंढरीनाथ थाने का घेराव कर दिया। भाजपा नेताओं की मांग है कि पथराव करने वाले कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ कड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया जाए। वहीं, कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा ने जानबूझकर उनके शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर हमला किया है। शहर में फिलहाल तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात है।