किसान आंदोलन का असर : वेस्ट यूपी में BJP का सूपड़ा साफ, इस पार्टी को मिली संजीवनी

मेरठ समेत पश्चिम उत्तर प्रदेश में किसान आंदोलन का पंचायत चुनाव में साफ असर दिखा। भाजपा प्रत्याशियों को हार का सामना करना पड़ा।

लखनऊ। मेरठ समेत पश्चिम उत्तर प्रदेश में किसान आंदोलन का पंचायत चुनाव में साफ असर दिखा। भाजपा प्रत्याशियों को हार का सामना करना पड़ा। वहीं रालोद को संजीवनी मिली। बसपा, सपा के प्रति भी मतदाताओं का झुकाव दिखा। मेरठ में मवाना-हस्तिनापुर, दौराला में भाजपा का खाता भी नहीं खुला। अन्य इलाकों में भी कांटे की टक्कर है। वैसे जिला पंचायत के चुनाव में साफ दिख रहा है कि आम लोग सत्ता से नाराज हैं। पहली बार भाजपा, सपा, बसपा, कांग्रेस, रालोद ने समर्थित प्रत्याशियों की घोषणा की। यह दलगत घोषणा भाजपा के लिए ठीक नहीं रही।

The impact of the peasant movement

मेरठ जिले में ही जिला पंचायत की सभी 33 सीटों पर भाजपा ने प्रत्याशी उतारे। वहीं रालोद और सपा ने 23-23 प्र्त्याशी उतारे। बसपा ने भी इतने ही उतारे। अब तक घोषित छह नतीजों में सपा और रालोद ने तीन-तीन सीटें जीत ली हैं। मतगणना के रुझानों के अनुसार मेरठ में 33 वार्डों में से भाजपा की अब तक छह सीटों पर बढ़त है। वहीं नौ सीटों पर रालोद, छह सीटों पर सपा, चार सीटों पर बसपा समर्थित प्रत्याशी आगे चल रहे हैं। अन्य में निर्दलीय आगे हैं।

इसी तरह स्थिति सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, बुलंदशहर, बागपत, हापुड़ और बिजनौर में भी है। सहानपुर में इस बार भाजपा फायदे में दिख रही है, जबकि बसपा और कांग्रेस को नुकसान हो रहा है। 49 सीटों में से भाजपा छह पर जीत चुकी है और 10 पर आगे चल रही है, जबकि पिछली बार छह सीटें ही थीं।

शामली में रालोद ने भाजपा को लगभग घुटनों पर ही ला दिया

शामली में रालोद ने भाजपा को लगभग घुटनों पर ही ला दिया है। भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष और प्रदेश राज्यमंत्री के गृह जनपद के होने के बावजूद 19 सीटों में 8 सीटों पर रालोद जीत दर्ज करा चुकी है, जबकि भाजपा मात्र 6 सीटों पर सिमट गई है। इसके अलावा सात निर्दलीय भी जीत की ओर हैं।

बुलंदशहर में भाजपा 10 सीटें लेकर आगे जरूर है लेकिन बागियों ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए लगभग सात सीटें जीती हैं। वहीं बसपा 6, सपा और रालोद 4-4 सीटों पर आगे चल रही हैं। मुजफ्फरनगर में भीम आर्मी के चंद्रशेखर की आजाद समाज पार्टी ने तीन सीटें जीतकर चौंका दिया है। भाजपा के 13 प्रत्याशी जीत की ओर हैं। रालोद का प्रदर्शन उम्मीद से कम रहा। वहीं भाकियू जिलाध्यक्ष की पत्नी भी चुनाव हार गईं। बसपा चार सीट पर आगे हैं।

हापुड़ में किसान आंदोलन का असर दिखाई दे रहा है। यहां बसपा फाइट में दिख रही है। 19 वार्ड में बसपा 3, भाजपा केवल 2, सपा 2 वार्ड में आगे चल रही है। बागपत में रालोद-भाजपा में  कड़ी टक्कर है। 20 वार्ड में अभी तक एक रालोद, एक भाजपा, एक बसपा तो कई पर निर्दलीय प्रत्याशी आगे चल रहे हैं। घोषणा अभी किसी भी सीट पर नहीं हुई है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *