खूबसूरती बढ़ाने के लिए चाय काफी की तरह पीते हैं कोबरा का खून, सेहत के लिए माना जाता है फायदेमंद

सांप जिसे देखत ही लोगों के पसीने छूट जाते हैं, वह ीं अगर किसी को सांप ने काट लिया हो और समय से इलाज न मिले तो इंसान की जान भी चली जाती है।

सांप जिसे देखते ही लोगों के पसीने छूट जाते हैं।  वहीं अगर किसी को सांप ने काट लिया हो और समय से इलाज न मिले तो इंसान की जान भी चली जाती है। दुनिया के कुछ खतरनाक जीवों में सांपों की गिनती होती है,लेकिन दुनिया में बहुत से ऐसे देश हैं जहां साँपों को खाने की परंपरा है। लोग सांप का खून भी चाय काफी की तरह बड़े चाव से पीते हैं। अब अगर आपको इसकी वजह पता चलेगी तो आप चौंक जाएंगे और सोचेंगे कि ऐसा भी कोई करता है, लेकिन यह सच है।

cobra blood

दरअसल इंडोनेशिया (Indonesia) की राजधानी जकार्ता में जहरीले कोबरा सांपों का खून पीने का चलन है। यहां के लोग कोबरा सांप का खून बड़े चाव से पीते हैं। यहां के अधिकतर इलाके ऐसे हैं जहां दुकानों पर आसानी से कोबरा के सांपों का खून मिल जाता है। यहां के लोग सुबह शाम टहलते हुए सांप के खून का स्वाद लेते हैं। सांपों के खून की बढती मांग को देखते हुए हुए यहां प्रतिदन हजारों की संख्या में सांपों को काटा जाता है।

कोबरा का खून बेचने वाली ये दुकानें शाम से लेकर रात तक खुली रहती हैं। यहां के पुरुष कोबरा का खून (cobra blood) अपनी सेहत को दुरुस्त करने के लिए पीते हैं, जबकि महिलाएं अपनी त्वचा की ख़ूबसूरती बढ़ाने के लिए पीती हैं। हालांकि कोबरा का खून (cobra blood) पीने के बाद कम से कम तीन से चार घंटे तक लोगों को चाय या काफी से दूर रहने की सलाह दी जाती है ताकि खून शरीर में अपना काम कर सके।

गौरतलब है कि वियतनाम में सांपों को खाने की परंपरा है। यहां पर उत्तरी भाग के जंगलों में से पकड़े गए सांपों के मांसों का सेवन शरीर के उच्च ताप को कम करने, सिर दर्द और पेट से जुड़ी समस्याओं में राहत पाने के लिए करते हैं।