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UP Kiran,Digital Desk: उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के माध्यम से 9.12 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 13 प्रतिशत अधिक है। यह बजट सरकार के दूसरे कार्यकाल का अंतिम बजट है और आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए इसे तैयार किया गया है। इस बार का बजट राज्य के विकास को प्राथमिकता देते हुए, विशेष रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण घोषणाओं का हिस्सा बना है।

शिक्षा में निवेश: भविष्य की दिशा में कदम

बजट में शिक्षा के क्षेत्र में 6,591 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो पिछले वर्ष से 7 प्रतिशत अधिक है। यह राशि उच्च शिक्षा के लिए है, जो विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों की शैक्षिक गुणवत्ता को सुधारने और नई सुविधाओं को विकसित करने में सहायक होगी। इस निवेश से न केवल छात्रों को बेहतर शिक्षा मिलेगी, बल्कि राज्य में उच्च शिक्षा के स्तर को भी बढ़ावा मिलेगा।

स्वास्थ्य सेवा में बड़े बदलाव की शुरुआत

प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बजट में 8,641 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिनका इस्तेमाल राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHRM) के तहत किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, कैंसर उपचार के लिए 315 करोड़ रुपये और असाध्य रोगों के इलाज के लिए 130 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह कदम राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को और सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

चिकित्सा शिक्षा और नई मेडिकल कॉलेजों की दिशा में प्रगति

उत्तर प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए 14 नए मेडिकल कॉलेजों के निर्माण के लिए 1,023 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इस कदम से प्रदेश में चिकित्सकों की संख्या बढ़ेगी और ग्रामीण इलाकों में चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता भी बेहतर होगी। कुल मिलाकर, राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा पर 52,000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे।

कृषि क्षेत्र का पुनर्निर्माण: किसानों के लिए नई उम्मीदें

कृषि क्षेत्र और उससे जुड़ी सेवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार ने बजट का 9 प्रतिशत हिस्सा कृषि क्षेत्र के लिए आवंटित किया है। यह कदम किसानों की आय को बढ़ाने और कृषि उत्पादकता को सुधारने में मददगार साबित होगा। सरकार ने किसानों के लिए नई योजनाओं की घोषणा की है, जो कृषि से संबंधित मुद्दों को हल करने में सहायक होंगी।

पुनर्निर्माण के लिए पूंजीगत खर्च पर जोर

बजट में कुल पूंजीगत खर्च का हिस्सा 19.5 प्रतिशत रखा गया है। इसमें शिक्षा पर 12.4 प्रतिशत और स्वास्थ्य पर 6 प्रतिशत खर्च की योजना बनाई गई है। यह खर्च राज्य के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने और सामाजिक कल्याण योजनाओं को बेहतर बनाने के लिए होगा।

प्रौद्योगिकी और कौशल विकास: एक नई दिशा

बजट में प्रौद्योगिकी के क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसमें एआई मिशन और 'टेक युवा समर्थ युवा' योजना का प्रस्ताव किया गया है, जिससे युवा पीढ़ी को तकनीकी रूप से सशक्त बनाया जाएगा। इसके साथ ही, डीजल आधारित नलकूपों को सौर ऊर्जा आधारित बनाने और कौशल विकास केंद्रों की क्षमता को बढ़ाने की योजना भी शामिल है।

डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर और नई योजनाओं का आगाज

प्रदेश में 43 हजार करोड़ रुपये की नई योजनाएं शुरू की जाएंगी, जिनमें स्टेट डाटा अथॉरिटी और डेटा सेंटर क्लस्टर्स की स्थापना की जाएगी। इन कदमों से सरकार की सेवाओं में डिजिटल सुधार होगा और डेटा प्रबंधन को और सशक्त किया जाएगा। यह योजनाएं न केवल सरकारी कामकाजी प्रणाली को प्रभावी बनाएंगी, बल्कि आम लोगों को भी बेहतर सेवाएं मिलेंगी।