img

Up kiran,Digital Desk : हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट सोमवार को एक बड़े कूटनीतिक घटनाक्रम की गवाह बनी। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ऑर्बन के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। इस मुलाकात का सबसे बड़ा नतीजा नागरिक परमाणु ऊर्जा सहयोग समझौते के रूप में सामने आया है, जिसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पूर्ण समर्थन प्राप्त है।

परमाणु समझौता और ऊर्जा सुरक्षा: अमेरिका का नया दांव

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, जो म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन और स्लोवाकिया के दौरे के बाद बुडापेस्ट पहुंचे, ने हंगरी के साथ रणनीतिक ऊर्जा साझेदारी को नई ऊंचाई दी है। इस परमाणु समझौते का उद्देश्य मध्य यूरोप में ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है। गौरतलब है कि हंगरी और स्लोवाकिया जैसे देश यूरोपीय संघ (EU) के उन सदस्यों में शामिल हैं, जिन्होंने यूक्रेन युद्ध के दौरान पश्चिमी देशों की ऊर्जा नीतियों पर सवाल उठाए थे। अमेरिका अब इन देशों को परमाणु तकनीक के जरिए अपने पाले में और मजबूती से लाने की कोशिश कर रहा है।

12 अप्रैल के चुनाव: सत्ता बचाने की जंग में ऑर्बन

यह कूटनीतिक सक्रियता ऐसे समय में हो रही है जब हंगरी में 12 अप्रैल को आम चुनाव होने वाले हैं। प्रधानमंत्री विक्टर ऑर्बन की पार्टी 'फिदेस' (Fidesz) के लिए 2010 के बाद से यह सबसे कठिन चुनाव माना जा रहा है। विपक्ष की कड़ी चुनौती के बीच, अमेरिका के साथ यह परमाणु समझौता और ट्रंप का समर्थन ऑर्बन के लिए 'संजीवनी' साबित हो सकता है।

ऑर्बन के पक्ष में ट्रंप की 'बैटिंग': सोशल मीडिया पर किया समर्थन

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विक्टर ऑर्बन को एक "मजबूत और विजेता नेता" बताते हुए चुनाव के लिए अपना खुला समर्थन दिया है। ट्रंप और उनकी 'मागा' (MAGA) विचारधारा वाले समर्थक हंगरी को राष्ट्रवादी राजनीति का रोल मॉडल मानते हैं। प्रवासन (Migration) के खिलाफ सख्त रुख और पारंपरिक मूल्यों पर ऑर्बन की नीतियों की ट्रंप पहले भी कई बार सराहना कर चुके हैं।

रूस के साथ रिश्तों और प्रतिबंधों का गणित

यूरोपीय संघ के दबाव के बावजूद हंगरी ने रूस से ऊर्जा आयात जारी रखा है। हाल ही में वॉशिंगटन में ट्रंप और ऑर्बन की मुलाकात के बाद, हंगरी को रूसी ऊर्जा से जुड़े कुछ अमेरिकी प्रतिबंधों में बड़ी राहत मिली थी। यह समझौता दिखाता है कि ट्रंप प्रशासन हंगरी के रूस समर्थक रुख को नजरअंदाज करते हुए उसके साथ अपने रणनीतिक संबंध मजबूत करना चाहता है।

मार्च में CPAC और ट्रंप का संभावित दौरा

चुनाव से ठीक पहले, मार्च में बुडापेस्ट में कंजरवेटिव पॉलिटिकल एक्शन कॉन्फ्रेंस (CPAC) का आयोजन होने वाला है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि यदि राष्ट्रपति ट्रंप चुनाव से पहले खुद हंगरी का दौरा करते हैं, तो यह ऑर्बन की राजनीतिक बढ़त को सुनिश्चित कर सकता है। बुडापेस्ट अब वैश्विक दक्षिणपंथी और राष्ट्रवादी राजनीति का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है।