'डबल इंजन' को जनता ने दिया 'डबल जीरो', MLC नतीजों के बाद अखिलेश यादव का अब तक का सबसे बड़ा सियासी हमला
उत्तर प्रदेश विधान परिषद (MLC) चुनाव में समाजवादी पार्टी के मजबूत प्रदर्शन से पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव बेहद उत्साहित नजर आ रहे हैं। शुक्रवार को लखनऊ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने एमएलसी नतीजों को लेकर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पर तीखे सियासी तीर चलाए। सपा प्रमुख ने तंज कसते हुए कहा कि इस चुनाव में जनता ने तथाकथित 'डबल इंजन' को 'डबल जीरो' थमा दिया है। गृह मंत्री अमित शाह के उत्तर प्रदेश दौरे पर चुटकी लेते हुए अखिलेश ने कहा कि 'बड़ी देर कर दी मेहरबां आते-आते।'
उन्होंने दावा किया कि इस दौरे के बाद भाजपा के भीतर की आंतरिक कलह खुलकर सामने आएगी, पार्टी में भगदड़ मचेगी और आने वाले चुनावों में भाजपा की टिकट खिड़की पूरी तरह खाली नजर आएगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं और युवाओं ने सपा के पक्ष में जमकर मतदान किया है और जब किसी दल का जनाधार ऊपर की ओर बढ़ता है, तो वह लगातार आगे ही जाता है। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि चुनाव नतीजों के बाद अब शासन-प्रशासन के कई अधिकारियों पर गाज गिरना तय है।
स्कूल बंद करने और यूजीसी के मुद्दे पर सरकार को घेरा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने राज्य सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश में 27 हजार प्राथमिक विद्यालयों को बंद करने की साजिश रची जा रही है, जबकि दूसरी तरफ 27 हजार नई शराब की दुकानें खोलने की तैयारी है। केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) से जुड़े नियमों को लागू करने की बात पर पलटवार करते हुए सपा सुप्रीमो ने कहा कि वर्तमान स्वरूप में यूजीसी के दिशा-निर्देश पूरी तरह अव्यावहारिक हैं और लागू करने लायक नहीं हैं। उन्होंने महिला आरक्षण के मुद्दे पर भी भाजपा को घेरते हुए कहा कि संसद में कानून पारित होने के बावजूद महिलाओं को जमीनी तौर पर उनका अधिकार नहीं दिया गया। अखिलेश ने कहा कि जनता ने इस चुनाव में स्पष्ट संदेश देकर भाजपा की विदाई की पटकथा लिख दी है।
1 नवंबर को दिल्ली की महारैली में होंगे शामिल, चुनावी सुधारों की उठाई मांग
विपक्षी एकजुटता का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने घोषणा की कि वे 1 नवंबर को नई दिल्ली में आयोजित होने वाली विपक्ष की महारैली में शिरकत करेंगे। इस दौरान उन्होंने निर्वाचन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि वोटर लिस्ट में व्यापक सुधार की सख्त जरूरत है, क्योंकि वर्तमान मतदाता सूचियों में दर्ज तस्वीरें इतनी धुंधली हैं कि पहचान करना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने निष्पक्ष चुनाव के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन, मेटल कार्ड और आधार कार्ड आधारित मतदान व्यवस्था लागू करने की मांग दोहराई, ताकि फर्जीवाड़े की कोई गुंजाइश न बचे।
वाराणसी में झटका, छल से 6 सीटें जीतने का लगाया आरोप
वाराणसी सीट के नतीजों का विशेष उल्लेख करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र के मतदाताओं ने भाजपा के अहंकार को तोड़ते हुए शून्य पर ला पटका है। उन्होंने बताया कि प्रत्याशी आकाश अग्रवाल जब उनके पास आए तो उन्होंने बिना किसी देरी के 1 मिनट में टिकट फाइनल किया, जिसका परिणाम ऐतिहासिक जीत के रूप में सामने आया। अखिलेश ने कहा कि कागजों पर भले ही सपा 5 सीटें जीती दिख रही हो, मगर असलियत यह है कि भाजपा 50 से अधिक जिलों के फैलाव में चुनाव हारी है।
आगे उन्होंने आरोप लगाया कि मतगणना के दौरान रातभर जो खींचतान और दबाव बनाया गया, जनता उस घपले को भली-भांति समझ चुकी है। सपा अध्यक्ष ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी जनता के समर्थन के बल पर जीती है, जबकि भाजपा ने जो 6 सीटें हासिल की हैं, वे सिर्फ छल-कपट और प्रशासनिक दबाव का नतीजा हैं, अन्यथा वे इतनी सीटें भी नहीं जीत पाते।