नारी गरिमा से खिलवाड़ स्वीकार नहीं', सीएम योगी ने गोरखपुर में किया कन्या पूजन

नारी गरिमा से खिलवाड़ स्वीकार नहीं', सीएम योगी ने गोरखपुर में किया कन्या पूजन

शक्ति की आराधना, भक्ति, संयम और नौ दिनों के कठोर अनुष्ठान के बाद सनातन आस्था के महान पर्व शारदीय नवरात्रि का समापन महानवमी के पावन अवसर पर पूरे देश में अत्यंत धूमधाम और श्रद्धा के साथ हो रहा है। इस पवित्र अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने गृह जनपद गोरखपुर पहुंचे, जहां उन्होंने गोरखनाथ मंदिर में पारंपरिक विधि-विधान के साथ कन्या पूजन किया। मंदिर के गरिमामयी माहौल में मुख्यमंत्री ने नौ कन्याओं और बटुकों के चरण धोए, उनके माथे पर रोली-अक्षत का तिलक लगाया, उन्हें चुनरी ओढ़ाई और अपने हाथों से भोजन परोसकर उनका आशीर्वाद लिया। सनातन संस्कृति में कन्याओं को माता दुर्गा का सीधा स्वरूप माना गया है, और सीएम योगी द्वारा हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी महानवमी के दिन पूर्ण निष्ठा के साथ यह अनुष्ठान संपन्न किया गया। हालांकि, इस धार्मिक और आध्यात्मिक अनुष्ठान के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन और संदेश के जरिए महिला सुरक्षा, नारी शक्ति और सामाजिक न्याय को लेकर एक बहुत ही कड़ा और स्पष्ट राजनीतिक व नैतिक संदेश भी दिया, जिसने पूरे प्रदेश का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है।

नारी शक्ति और सनातन संस्कृति में कन्या पूजन का आध्यात्मिक महत्व

सनातन धर्म की प्राचीन परंपरा के अनुसार, नवरात्रि की महाअष्टमी और महानवमी तिथियों का विशेष महत्व होता है। इस दिन साधक अपनी साधना को पूर्ण करने के लिए मां दुर्गा के सिद्धिदात्री स्वरूप की पूजा करते हैं और कन्या पूजन (कंजीर) के माध्यम से समाज में स्त्री शक्ति के प्रति अपने सम्मान को प्रदर्शित करते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में आयोजित इस पारंपरिक अनुष्ठान के दौरान कहा कि भारत की सनातन संस्कृति हमेशा से मातृ शक्ति की पूजक रही है। जिस समाज में महिलाओं और कन्याओं का सम्मान होता है, वहां देवता निवास करते हैं। उन्होंने कहा कि नवरात्र के ये नौ दिन हमें यह सिखाते हैं कि नारी केवल एक गृहणी या समाज का हिस्सा भर नहीं है, बल्कि वह सृजन, पालन और संहार तीनों शक्तियों की अधिष्ठात्री है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को महानवमी की शुभकामनाएं देते हुए यह आह्वान किया कि हमें अपने दैनिक जीवन में भी महिलाओं के प्रति आदर भाव रखना चाहिए और उनके अधिकारों व सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को आगे आना चाहिए।

'नारी गरिमा से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा': सीएम योगी की दो-टूक चेतावनी

धार्मिक अनुष्ठान के बाद अपने सख्त तेवरों के लिए पहचाने जाने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था और विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर बेहद कड़े शब्दों में चेतावनी जारी की। उन्होंने दो-ूक अंदाज में कहा कि उत्तर प्रदेश की धरती पर नारी की गरिमा, अस्मिता और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी अपराधी या उपद्रवी को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार ऐसे तत्वों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और जो भी लोग मातृ शक्ति की सुरक्षा में सेंध लगाने की कोशिश करेंगे, उन्हें कानून के दायरे में रहकर ऐसी सजा दी जाएगी जो भविष्य के लिए एक मिसाल बनेगी। उन्होंने कहा कि एंटी-रोमियो स्क्वाड, महिला थानों और मिशन शक्ति अभियानों के जरिए सरकार ने पहले ही यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश की बेटियों और बहनों की सुरक्षा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री का यह बयान स्पष्ट संदेश देता है कि अपराधियों के लिए देवभूमि और उत्तर प्रदेश में कोई जगह नहीं है।

प्रदेश भर में महानवमी की धूम, मंदिरों में उमड़ी भक्तों की भारी भीड़

गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर के अलावा पूरे उत्तर प्रदेश में महानवमी का पर्व अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। विंध्याचल, देवीपाटन, महानगरों के बड़े मंदिरों और छोटे स्थानीय देवालयों में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा हुआ है। लोग मां दुर्गा के दर्शन कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं। मंदिरों और पूजा पंडालों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे इस पावन पर्व पर समाज के दबे-कुचले, कमजोर और जरूरतमंद लोगों की मदद करें और महिला सशक्तिकरण के संकल्प को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। महानवमी के इस पवित्र और ऊर्जावान माहौल ने पूरे उत्तर प्रदेश की फिजा को भक्तिमय और सुरक्षित बना दिया है, जहाँ एक तरफ आस्था का सैलाब उमड़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ सरकार के कड़े तेवर ने अपराधियों के मन में खौफ पैदा कर दिया है।