यूपी चुनाव से पहले अखिलेश से कांग्रेस की बड़ी डिमांड, SP के नए 'फॉर्मूले' से फंसा पेंच
उत्तर प्रदेश विधानसभा इलेक्शन की सुगबुगाहट तेज होते ही राजनीतिक दलों के भीतर सियासी बिसात बिछने लगी है। इंडिया (INDIA) गठबंधन और एनडीए (NDA) दोनों ही खेमों में चुनावी रणनीति पर मंथन जारी है, मगर विपक्ष के लिए सबसे बड़ी चुनौती 'सीट शेयरिंग' बनती दिख रही है।
गठबंधन के सहयोगी दल अपने लिए ज्यादा से ज्यादा सीटों की सौदेबाजी करने के लिए दबाव की राजनीति पर उतर आए हैं। उत्तर प्रदेश में मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर रस्साकशी शुरू हो गई है।
कांग्रेस की नजर 150 सीटों पर, बढ़ा रही दबाव
राज्य में अपना खोया हुआ जनाधार वापस पाने की कोशिश में जुटी कांग्रेस अब 'फ्रंट फुट' पर खेलने की तैयारी में है। यूपी कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और सहारनपुर के दिग्गज नेता व सांसद इमरान मसूद कई सार्वजनिक मंचों से यह ऐलान कर चुके हैं कि पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में कम से कम 150 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारना चाहती है। राजनीतिक सूत्रों की मानें तो कांग्रेस के प्रदेश स्तर के नेता इस बड़े आंकड़े के जरिए सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।
सपा का 'विनिंग फॉर्मूला' और 53-55 सीटों का ऑफर
कांग्रेस के इस भारी-भरकम दावे के उलट समाजवादी पार्टी किसी भी तरह के दबाव में झुकने के मूड में नजर नहीं आ रही है। सपा की रणनीति पूरी तरह से 'विनिंग एबिलिटी' (जीतने की क्षमता) पर केंद्रित है। सूत्रों के मुताबिक, अखिलेश यादव कांग्रेस को 53 से 55 सीटें ही ऑफर करने की रूपरेखा बना रहे हैं, जबकि सपा खुद 350 सीटों पर चुनाव लड़ने की पुख्ता तैयारी कर रही है। सपा का स्पष्ट रुख है कि जो दल जिस सीट पर मजबूत है, वहां उसी का उम्मीदवार मैदान में उतारा जाएगा।
2024 लोकसभा चुनाव के आंकड़ों पर टिका है सपा का गणित
सपा के इस 55 सीटों वाले ऑफर के पीछे एक दिलचस्प गणित है। दरअसल, समाजवादी पार्टी 2024 के लोकसभा चुनाव के नतीजों को आधार बना रही है। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने यूपी में 6 सीटों पर जीत दर्ज की थी। एक लोकसभा क्षेत्र में औसतन 5 विधानसभा सीटें आती हैं, इस हिसाब से कांग्रेस 30 विधानसभा क्षेत्रों में आगे रही।
और तो और कांग्रेस ने जिन 11 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ा और हारी, वहां मिले वोटों और बढ़त का सटीक आकलन करने के बाद ही सपा 53-55 सीटों का फॉर्मूला लेकर आई है। वहीं, सपा ने लोकसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए 37 सीटें जीती थीं, जिसके बंपर जनाधार के दम पर पार्टी 350 सीटों पर अपना दावा ठोक रही है।