शादी के बाद दिव्यांग दंपतियों को मिलेंगे 35 हजार, UP सरकार की योजना में ऐसे करें आवेदन
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा राज्य के दिव्यांग नागरिकों के सामाजिक और आर्थिक पुनर्वास को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 'दिव्यांग शादी-विवाह प्रोत्साहन योजना' का संचालन किया जा रहा है। इस कल्याणकारी योजना के अंतर्गत नवविवाहित दिव्यांग दंपतियों को उनकी दिव्यांगता की स्थिति के अनुसार अधिकतम 35 हजार रुपये तक की एकमुश्त प्रोत्साहन राशि सीधे उनके बैंक खाते में दी जाती है। इसी क्रम में चंदौली जिले के दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग ने वित्तीय वर्ष के तहत जिले के सभी पात्र दिव्यांग दंपतियों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं।
दिव्यांगता के आधार पर तय होती है राशि: दोनों के दिव्यांग होने पर मिलेंगे ₹35,000
योजना के आधिकारिक प्रावधानों के मुताबिक, प्रोत्साहन राशि का निर्धारण दंपती की व्यक्तिगत दिव्यांगता के आधार पर किया जाता है। यदि नवविवाहित जोड़े में केवल पति दिव्यांग है, तो उसे 15 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। वहीं यदि केवल पत्नी दिव्यांग है, तो प्रोत्साहन राशि के रूप में 20 हजार रुपये प्रदान किए जाते हैं। इसके अतिरिक्त, यदि पति और पत्नी दोनों ही दिव्यांगता की श्रेणी में आते हैं, तो उन्हें सरकार की ओर से संयुक्त रूप से कुल 35 हजार रुपये की अधिकतम प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक के पास मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) द्वारा जारी न्यूनतम 40 प्रतिशत दिव्यांगता का वैध प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। साथ ही दंपती का उत्तर प्रदेश का स्थाई मूल निवासी होना और राज्य की निर्धारित आवासीय शर्तों को पूरा करना आवश्यक है।
कौन कर सकता है आवेदन? जानिए आयु सीमा और पात्रता की शर्तें
योजना का लाभ लेने के लिए विवाह के समय और आवेदन के दौरान पति की न्यूनतम आयु 21 वर्ष तथा अधिकतम आयु 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए। वहीं पत्नी की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम 45 वर्ष निर्धारित की गई है। वित्तीय पात्रता के तहत दंपती में से कोई भी व्यक्ति आयकरदाता (इनकम टैक्स पेयर) नहीं होना चाहिए। सामाजिक नियम के अनुसार, विवाह के समय दोनों में से किसी का भी पहले से कोई जीवित जीवनसाथी नहीं होना चाहिए, यानी यह उनका वैध और कानूनी विवाह होना चाहिए। इसके अलावा, शादी के बाद विभाग द्वारा निर्धारित समय-सीमा के भीतर विवाह का आधिकारिक पंजीकरण (मैरिज रजिस्ट्रेशन) होना आवश्यक है।
आवेदन के लिए किन दस्तावेजों की होगी जरूरत?
पात्र दंपतियों को योजना के आधिकारिक वेब पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन फॉर्म भरते समय वर और वधू दोनों की संयुक्त अथवा एकल पासपोर्ट साइज फोटो, पहचान पत्र, न्यूनतम 40% दिव्यांगता प्रमाण पत्र, विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र (मैरिज सर्टिफिकेट), आयु प्रमाण पत्र (जैसे हाईस्कूल अंकपत्र या जन्म प्रमाण पत्र) और उत्तर प्रदेश का निवास प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से अपलोड करना होगा। इसके अलावा, सरकारी अनुदान राशि प्राप्त करने के लिए पति-पत्नी के संयुक्त बैंक खाते (Joint Bank Account) का पासबुक विवरण देना होगा। विभागीय सत्यापन के दौरान आवश्यकता पड़ने पर सक्षम स्तर से जारी आय प्रमाण पत्र और जाति प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत करने होंगे।