UP के लाखों आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी! बीमारी में 78 दिन की Paid Leave, महिलाओं को 180 दिन

UP के लाखों आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी! बीमारी में 78 दिन की Paid Leave, महिलाओं को 180 दिन

उत्तर प्रदेश के लाखों आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए योगी सरकार की ओर से बड़ी और बहुप्रतीक्षित राहत भरी खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के माध्यम से विभिन्न सरकारी विभागों में अपनी सेवाएं दे रहे संविदा और आउटसोर्स कर्मियों को अब बीमारी एवं गंभीर व्याधियों की स्थिति में कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) की संपूर्ण सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं का प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

इस नई व्यवस्था के तहत किसी गंभीर बीमारी की चपेट में आने पर पात्र कर्मियों को 78 दिनों तक का सवैतनिक अवकाश (पेड लीव) प्रदान किया जाएगा, जिससे इलाज के दौरान उनकी आजीविका और वेतन पर कोई आंच नहीं आएगी।

महिला कर्मचारियों को 180 दिनों का सवैतनिक मातृत्व अवकाश

प्रदेश की महिला आउटसोर्स कर्मियों के कल्याण और स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब महिला कर्मियों को प्रसव के दौरान 26 सप्ताह यानी पूरे 180 दिनों का सवैतनिक मातृत्व अवकाश (Maternity Leave) मिलेगा। इस अवकाश अवधि के दौरान उनका पूरा वेतन सुरक्षित रहेगा। नियमों के अनुसार यह विशेष मातृत्व लाभ महिला कर्मियों को अधिकतम दो जीवित बच्चों के जन्म तक प्रदान किए जाने का स्पष्ट प्रावधान तय किया गया है।

कर्मचारी और पूरे परिवार को ईएसआईसी से मुफ्त इलाज की गारंटी

इस व्यापक स्वास्थ्य सुरक्षा तंत्र के अंतर्गत केवल कर्मचारी ही नहीं, बल्कि उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को भी चौतरफा चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। आपातकालीन स्थिति अथवा नियमित स्वास्थ्य समस्याओं के दौरान कर्मचारी और उनके परिजन ईएसआईसी के अधिकृत अस्पतालों के साथ-साथ पैनल में शामिल निजी चिकित्सालयों में कैशलेस इलाज करा सकेंगे। इसमें ओपीडी, आईपीडी, बड़ी सर्जरी और जटिल पैथोलॉजिकल व रेडियोलॉजिकल जांच जैसी उच्चस्तरीय सुविधाएं पूरी तरह शामिल रहेंगी।

आकस्मिक निधन पर 15 हजार की अंत्येष्टि सहायता और ₹7500 तक पेंशन

सेवाकाल के दौरान यदि किसी आउटसोर्स कर्मी का दुर्भाग्यवश निधन हो जाता है, तो उसके पीड़ित परिवार को तत्काल राहत के रूप में अंतिम संस्कार के लिए 15 हजार रुपये की एकमुश्त आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अतिरिक्त कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) नियमों के तहत निगम में न्यूनतम 10 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले कर्मियों को वृद्धावस्था पेंशन का सुरक्षा कवच मिलेगा। इसके तहत सेवानिवृत्ति के बाद कर्मी को न्यूनतम 1000 रुपये से लेकर अधिकतम 7500 रुपये प्रतिमाह तक की पेंशन सुनिश्चित होगी।

समय पर मानदेय भुगतान और भर्ती में पारदर्शिता के कड़े आदेश

राज्य सरकार ने सभी संबंधित प्रशासनिक विभागों और एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आउटसोर्स कर्मचारियों के मासिक मानदेय का भुगतान प्रत्येक माह समय पर सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही कर्मियों के ईपीएफ और ईएसआईसी अंशदान को तय समयसीमा के भीतर उनके खातों में जमा कराने तथा नई भर्तियों में पूर्ण पारदर्शिता बरतने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। सरकार के इस कदम से प्रदेश के संविदा और आउटसोर्स कर्मियों को रोजगार की स्थिरता के साथ-साथ मजबूत सामाजिक व आर्थिक सुरक्षा हासिल होगी।