सोलन के बोर्डिंग स्कूल में सिख छात्र से रैगिंग पर भड़के अकाल तख्त जत्थेदार: प्रिंसिपल को हटाने की मांग

सोलन के बोर्डिंग स्कूल में सिख छात्र से रैगिंग पर भड़के अकाल तख्त जत्थेदार: प्रिंसिपल को हटाने की मांग

हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के एक प्रतिष्ठित बोर्डिंग स्कूल में सिख छात्र के साथ कथित रैगिंग और प्रताड़ना का गंभीर मामला सामने आने के बाद सिख समुदाय में भारी रोष है। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने कड़ा संज्ञान लेते हुए गहरी चिंता व्यक्त की है।

उन्होंने इस पूरे प्रकरण को अत्यंत निंदनीय करार देते हुए शिक्षण संस्थान और स्कूल प्रबंधन की कार्यशैली व जवाबदेही पर सीधे तौर पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

'छात्रों को सुरक्षित माहौल देना पहली प्राथमिकता, प्रताड़ना बर्दाश्त नहीं'

श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी आवासीय या गैर-आवासीय शिक्षण संस्थान की यह प्राथमिक जिम्मेदारी है कि वह विद्यार्थियों को पूर्णतः सुरक्षित, अनुशासित और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराए। उन्होंने कहा कि किसी भी छात्र को डराना, मानसिक या शारीरिक रूप से प्रताड़ित करना अथवा उसका अपमान करना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं हो सकता। इस प्रकार की अमानवीय घटनाओं से बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य, मनोबल और शैक्षणिक जीवन पर गहरा और दीर्घकालिक दुष्प्रभाव पड़ता है।

पीड़ित परिवार से संपर्क साधा, दिया 'चढ़दी कला' का संदेश

ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने जानकारी दी कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से पीड़ित सिख छात्र और उसके परिजनों से संपर्क कर पूरे घटनाक्रम और बालक की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली है। उन्होंने संकट की इस घड़ी में परिवार को ढांढस बंधाते हुए भरोसा दिलाया कि श्री अकाल तख्त साहिब हर कदम पर उनके साथ मजबूती से खड़ा है। जत्थेदार ने छात्र और उसके अभिभावकों को 'चढ़दी कला' में रहने का संदेश देते हुए न्याय सुनिश्चित कराने का संकल्प दोहराया।

हिमाचल पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, आरोपियों पर कार्रवाई शुरू

जत्थेदार के अनुसार, पीड़ित परिवार द्वारा औपचारिक शिकायत दर्ज कराने के बाद हिमाचल प्रदेश पुलिस हरकत में आ गई है। पुलिस प्रशासन ने रैगिंग और उत्पीड़न के आरोपों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध संबंधित कानूनी धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर विधिक जांच शुरू कर दी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पुलिस निष्पक्षता और तत्परता से जांच पूरी कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी।

प्रिंसिपल को हटाने की मांग, स्कूल प्रबंधन ने दिया एक सप्ताह का आश्वासन

घटना में स्कूल प्रशासन की उदासीनता पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जत्थेदार ने कहा कि छात्र के अभिभावकों ने स्कूल के प्रिंसिपल की भूमिका को लेकर भी गंभीर शिकायतें दर्ज कराई हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि यदि किसी संस्थान का मुखिया अपने ही परिसर में विद्यार्थियों की सुरक्षा और सख्त अनुशासन बनाए रखने में अक्षम साबित हो रहा है, तो उसे उस जिम्मेदार पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। जत्थेदार ने सीधे स्कूल प्रबंधन से बातचीत कर वर्तमान प्रिंसिपल को तत्काल पद से हटाने की मांग रखी। इसके जवाब में स्कूल प्रबंधन ने अकाल तख्त जत्थेदार को लिखित व मौखिक आश्वासन दिया है कि एक सप्ताह के भीतर प्रिंसिपल को बदलने की प्रशासनिक प्रक्रिया पूर्ण कर ली जाएगी।