बहबल कलां गोलीकांड में सुखबीर बादल पर फिर कसा शिकंजा: SIT ने 11 सितंबर को पूछताछ के लिए किया तलब
पंजाब के बहुचर्चित और संवेदनशील वर्ष 2015 के बहबल कलां गोलीकांड मामले में जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) ने एक बार फिर बड़ी कानूनी कार्रवाई करते हुए शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल को समन जारी किया है।
एसआईटी ने पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल को 11 सितंबर को पूछताछ के लिए अपने समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिए हैं। इस नए समन के सामने आने के बाद पंजाब के राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर गर्माहट आ गई है और राजनीतिक बयानबाजी का दौर तेज हो गया है।
पहले भी पेश हो चुके हैं सुखबीर बादल, जांच में पूर्ण सहयोग का दोहराया वादा
शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल इससे पूर्व भी कई मौकों पर बहबल कलां गोलीकांड की जांच कर रही विशेष जांच टीम के समक्ष उपस्थित होकर अपने बयान दर्ज करा चुके हैं। सुखबीर बादल पहले भी सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट कर चुके हैं कि वे कानून और न्यायिक प्रक्रिया का पूरा सम्मान करते हैं। उन्होंने दोहराया था कि जांच एजेंसी जब कभी भी उन्हें पूछताछ या साक्ष्य दर्ज कराने के लिए बुलाएगी, वे जांच में पूरा सहयोग देने के लिए हर बार उपस्थित होंगे।
अकाली दल का आप सरकार पर तीखा प्रहार: 'जनता का ध्यान भटकाने की साजिश'
एसआईटी द्वारा सुखबीर बादल को फिर से तलब किए जाने की कार्रवाई पर शिरोमणि अकाली दल के प्रवक्ता अर्शदीप सिंह कलेर ने पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर तीखा हमला बोला है। अकाली प्रवक्ता ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान मान सरकार इस समय प्रशासनिक विफलता, कानून-व्यवस्था और विभिन्न जनहित के मुद्दों पर चौतरफा घिरी हुई है।
उन्होंने कहा कि जमीनी हकीकत और जनता से जुड़े बुनियादी सवालों से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए पुरानी घटनाओं का सहारा लेकर राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से यह कदम उठाया गया है। कलेर ने साफ शब्दों में कहा कि इस तरह के हथकंडों से पंजाब की जनता का ध्यान सरकार की नाकामियों से नहीं हटाया जा सकता। इसके अतिरिक्त उन्होंने दावा किया कि हाल ही में अदालत ने इस प्रकरण की दो लगातार सुनवाइयों के दौरान राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सख्त टिप्पणी और फटकार लगाई थी, जिसके तुरंत बाद सरकार ने अपनी फजीहत से बचने के लिए सुखबीर बादल को पुनः तलब करवा दिया है।