अगर वोटर लिस्ट में नाम नहीं है तो सावधान, 1 महीने के लिए चुनाव आयोग का सबसे बड़ा महा-अभियान शुरू
उत्तर प्रदेश में आगामी इलेक्शनों से पहले चुनाव आयोग ने मतदाता सूची को पूरी तरह दुरुस्त करने के लिए कमर कस ली है। राज्य में मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत छूटे हुए वोटर्स के नाम जोड़ने के लिए पूरे एक महीने का सघन महाअभियान शुरू किया जा रहा है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने साफ निर्देश दिए हैं कि प्रदेश का कोई भी पात्र नागरिक मताधिकार से वंचित न रहे। इस अभियान के तहत बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) खुद घर-घर दस्तक देकर वंचित नागरिकों, 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके पहली बार के युवा मतदाताओं और विशेषकर उन नवविवाहित महिलाओं के नाम मतदाता सूची में जोड़ेंगे, जिनकी शादी के बाद ससुराल क्षेत्र की वोटर लिस्ट में एंट्री नहीं हो पाई है। इसके लिए प्रत्येक बीएलओ को प्रति सप्ताह कम से कम 25 नए परिवारों से संपर्क कर नाम जोड़ने का अनिवार्य लक्ष्य सौंपा गया है।
घर-घर वेरीफिकेशन के साथ साथ मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर भी आयोजित किए जाएंगे, जहां मौके पर ही फॉर्म-6 नि:शुल्क उपलब्ध रहेगा। सामाजिक रूप से हाशिए पर मौजूद वर्गों को मतदान का अधिकार दिलाने के लिए शेल्टर होम्स, लेबर कॉलोनियों और बेघर आबादी वाले क्षेत्रों में अलग से कैंप लगाए जाएंगे। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए नए भरे गए सभी फॉर्मों का विवरण मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) के साथ भी साझा किया जाएगा। इसके साथ ही आयोग पूर्व की सूची और वर्तमान में जारी ड्राफ्ट लिस्ट का मिलान कराकर त्रुटियों को दूर कर रहा है। जो नागरिक बीएलओ के घर आने का इंतजार नहीं करना चाहते, वे भारत निर्वाचन आयोग के आधिकारिक वोटर सर्विस पोर्टल या वोटर हेल्पलाइन मोबाइल ऐप के जरिए खुद भी फॉर्म-6 ऑनलाइन सबमिट कर सकते हैं, जिसका सत्यापन बाद में बीएलओ मौके पर जाकर करेंगे।
पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, सटीक और रियल-टाइम बनाने के लिए आयोग ने डिजिटल ट्रैकिंग अनिवार्य कर दी है। बीएलओ घर-घर सर्वे के दौरान भरे गए फॉर्म-6 (नया नाम), फॉर्म-7 (नाम हटाना) और फॉर्म-8 (संशोधन या ट्रांसफर) का डेटा अपने अधिकृत मोबाइल ऐप से सीधे अपलोड करेंगे, जिसकी सीधी निगरानी लखनऊ स्थित राज्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय और जिलाधिकारियों द्वारा की जाएगी। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि पुनरीक्षण कार्य में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। यदि किसी बूथ या इलाके से पात्र मतदाताओं, युवाओं या नवविवाहिताओं के नाम बड़े पैमाने पर छूटने की शिकायत सामने आती है, तो संबंधित बीएलओ और फील्ड सुपरवाइजर पर तत्काल विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।