यूपी में बारिश का तांडव: बरेली-शाहजहांपुर में टूटे सारे रिकॉर्ड, मकान ढहने से 6 की दर्दनाक मौत
मध्य प्रदेश के उत्तर-पश्चिमी और उत्तर प्रदेश के दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों पर सक्रिय चक्रवाती तंत्र के असर से पूरे सूबे में मूसलाधार बारिश का दौर तेज हो गया है। बीते 24 घंटों में बरेली जिले में कुदरत का ऐसा कहर देखने को मिला जहां 381.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो इस शहर के मानसूनी इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है।
इसी तरह शाहजहांपुर वेधशाला में 227 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई, जिसने पिछले सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। लखनऊ स्थित अमौसी मौसम केंद्र के मुताबिक सात सितंबर तक प्रदेशभर में कुल 641 मिलीमीटर वर्षा हो चुकी है, जो सामान्य मानसूनी औसत 645 मिलीमीटर के लगभग बराबर पहुंच चुकी है।
मौसम विभाग का अलर्ट: पूर्वी यूपी की तरफ बढ़ रहा सिस्टम
मौसम वैज्ञानिकों के विश्लेषण के अनुसार उत्तरी-पश्चिमी मध्य प्रदेश और समीपवर्ती दक्षिणी-पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर सक्रिय निम्न दबाव का क्षेत्र अब उत्तर-उत्तर-पूर्वी दिशा में गतिमान होकर राज्य के मध्यवर्ती हिस्सों की तरफ बढ़ रहा है। वहीं मानसूनी ट्रफ श्रीगंगानगर, नारनौल, निम्न दबाव के केंद्र, सीधी, डाल्टनगंज और बांकुड़ा होते हुए त्रिपुरा से उत्तर की ओर विस्थापित हो रही है। हवाओं के इस बड़े बदलाव से बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और तेज मानसूनी हवाएं अब पूर्वी उत्तर प्रदेश में अत्यंत तीव्र बारिश की परिस्थितियां निर्मित कर रही हैं।
अगस्त में प्रयागराज और बांदा में भी ध्वस्त हुए थे ऐतिहासिक रिकॉर्ड
इस मानसूनी सीजन में कई जनपदों में बारिश ने दशकों पुराने कीर्तिमान पीछे छोड़ दिए हैं। बीते अगस्त माह में प्रयागराज ने 125 साल का इतिहास बदला, जहां कुल 631.6 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। इससे पहले वहां वर्ष 1948 में 595 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी, जो 1901 के बाद से सबसे अधिक थी। 19 अगस्त को संगम नगरी में मात्र 24 घंटे में 120 मिलीमीटर पानी बरसा था। इसके अलावा पूरे राज्य में अगस्त के दौरान बांदा जिला 646 मिलीमीटर वर्षा के साथ शीर्ष स्थान पर काबिज रहा।
कानपुर में पिता और तीन बेटियों की दबकर मौत, बदायूं-बलिया में भी मातम
मूसलाधार आफत के चलते प्रदेश के कई इलाकों में जानमाल का भारी नुकसान हुआ है। कानपुर के साढ़ थाना अंतर्गत हिरनी गांव में रविवार पूर्वाह्न करीब 11 बजे लगातार बारिश से एक कच्चा मकान भरभराकर ढह गया।
पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल के अनुसार मलबे में दबने से 45 वर्षीय मुकेश कुमार और उनकी तीन बेटियों माया (17), नीतू (7) तथा पल्लवी (5) की दर्दनाक मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल बड़ी बेटी काजल (20) का इलाज लाला लाजपत राय अस्पताल में जारी है। मृतक के चचेरे भाई तेज बहादुर सिंह ने स्थानीय पुलिस और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं पर समय से न पहुंचने और लापरवाही का गंभीर आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उधर, बदायूं जिले में शनिवार देर रात दीवार गिरने से एक किसान की मौत हो गई और उसकी पत्नी घायल हो गई। वहीं बलिया जिले के चितबड़ागांव थाना क्षेत्र के नफरेपुर गांव में कच्ची दीवार गिरने से छह वर्षीय मासूम बच्ची ने दम तोड़ दिया।