थाने के गेट पर अचानक खुद को लगा ली आग, कानपुर की इस रूह कंपा देने वाली घटना से पुलिस महकमे में मचा हड़कंप
उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर से एक बेहद सनसनीखेज और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहाँ के महाराजपुर पुलिस थाने के मुख्य दरवाजे पर मंगलवार को एक युवक ने खुद पर कोई ज्वलनशील पदार्थ छिड़ककर आग लगा ली। इस खौफनाक कदम को उठाते देख वहां हड़कंप मच गया। युवक को बचाने की कोशिश में मौके पर मौजूद थाना प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मी भी आग की लपटों की चपेट में आकर झुलस गए। आनन-फानन में सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया गया है, जहाँ उनका उपचार चल रहा है। पुलिस प्रशासन इस पूरी घटना की बारीकी से तफ्तीश कर रहा है।
थाने पहुंचते ही मचाने लगा शोर और उठा लिया आत्मघाती कदम
पुलिस के आला अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक महाराजपुर थाना क्षेत्र के राजथोक फुफुवार का रहने वाला महेश आज अचानक पुलिस स्टेशन पहुंचा था। वहां मौजूद चश्मदीदों ने बताया कि वह लगातार न्याय की गुहार लगाते हुए चिल्ला रहा था। अभी पुलिसकर्मी उससे बातचीत करने और उसकी समस्या समझने का प्रयास कर ही रहे थे कि उसने अचानक अपनी जेब से एक बोतल निकाली। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, उसने वह लिक्विड अपने ऊपर डाल लिया और माचिस जलाकर खुद को आग के हवाले कर दिया।
जान पर खेलकर पुलिसकर्मियों ने बचाई युवक की जिंदगी
जैसे ही महेश आग की लपटों में घिरा, वह बेकाबू होकर इधर-उधर भागने लगा। उसे इस हालत में देखकर वहां ड्यूटी पर तैनात थाना प्रभारी जनार्दन सिंह, उपनिरीक्षक गौरव सौलिया और आरक्षी अरुण कुमार बिना अपनी परवाह किए तुरंत उसकी तरफ दौड़े। पुलिसकर्मियों ने सूझबूझ दिखाते हुए फौरन कंबल की मदद से आग पर काबू पाया और उसे सुरक्षित निकाला। हालांकि, इस बचाव कार्य के दौरान आग की तीव्र लपटों के कारण ये तीनों पुलिसकर्मी भी आंशिक रूप से झुलस गए।
एक दिन पहले पत्नी ने दर्ज कराया था मुकदमा
घटना की पृष्ठभूमि को लेकर शुरुआती जांच में पता चला है कि पीड़ित युवक का अपनी पत्नी के साथ काफी समय से मनमुटाव चल रहा था। उसकी शादी साल 2015 में सचेण्डी की रहने वाली पूनम के साथ हुई थी और उनके दो बच्चे भी हैं। बीते 13 जुलाई को उसकी पत्नी ने महेश के खिलाफ मारपीट करने, गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोपों में महाराजपुर थाने में एक केस दर्ज कराया था। बताया जा रहा है कि इसी अदालती मामले और पारिवारिक कलह से परेशान होकर महेश पुलिस स्टेशन पहुंचा था, जहां उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया।
अस्पताल में चल रहा है इलाज और कानूनी कार्रवाई जारी
इस हादसे के तुरंत बाद गंभीर रूप से झुलसे हुए महेश को पुलिस एम्बुलेंस की मदद से उर्सला अस्पताल लेकर गई, जहाँ डॉक्टरों की देखरेख में उसका सघन इलाज जारी है। इसके साथ ही घायल हुए तीनों पुलिसकर्मियों को भी तुरंत प्राथमिक चिकित्सा मुहैया कराई गई है। पुलिस विभाग का कहना है कि इस तरह सरेआम आत्मदाह का प्रयास करने के पीछे की असली वजहों और इस पूरे पारिवारिक झगड़े के हर एक पहलू की गहराई से जांच की जा रही है, जिसके बाद आगे की सख्त विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।