उत्तर प्रदेश रोडवेज में सबसे बड़ा क्रांतिकारी बदलाव! इन 18 शहरों में बनेंगे मॉल जैसे चमचमाते बस अड्डे
उत्तर प्रदेश में सड़क मार्ग से सफर करने वाले करोड़ों यात्रियों के लिए एक बहुत ही बड़ी और सुखद खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने प्रदेश की परिवहन व्यवस्था को पूरी तरह से आधुनिक और हाईटेक स्वरूप में ढालने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है।
इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के 18 चुनिंदा स्थानों पर अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस प्रीमियम बस स्टेशन विकसित किए जाएंगे। इन सभी मेगा प्रोजेक्ट्स को जमीन पर उतारने के लिए सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है और इन्हें निजी निवेश के माध्यम से पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर धरातल पर उतारा जाएगा। इन नए बस अड्डों के बन जाने से यात्रियों को न केवल विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि ये शहर के प्रमुख ट्रांजिट हब और बड़े व्यावसायिक केंद्रों के रूप में भी अपनी एक नई पहचान बनाएंगे।
यूपी के इन 18 शहरों को मिलने जा रहा है आधुनिक बस अड्डों का बड़ा तोहफा
परिवहन निगम की इस दूरदर्शी योजना के तहत प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों और दूरदराज के क्षेत्रों के कुल 18 महत्वपूर्ण स्थानों को शामिल किया गया है, जहां अत्याधुनिक बस टर्मिनलों का निर्माण किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) द्वारा जारी सूची के अनुसार इस दूसरे चरण की विकास योजना में अकबरपुर, अमेठी, बदायूं, भिनगा, गोंडा, बलरामपुर, बस्ती, गोला, सिधौली, माती, उन्नाव, हैदरगढ़, नहटौर, सराय अकिल, बादशाहपुर, तरवा, पीलीभीत और निचलौल जैसे प्रमुख शहर शामिल हैं।
इन सभी स्थानों पर नए बुनियादी ढांचे के विकसित होने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण इलाकों से आने-जाने वाले यात्रियों को भी आवागमन में भारी सहूलियत मिलेगी और उनका सफर पहले से कहीं अधिक आरामदायक तथा सुगम हो जाएगा।
पीपीपी मॉडल के जरिए 1100 करोड़ रुपये से अधिक का होगा भारी निवेश
राज्य में परिवहन के इस आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को गति देने के लिए सरकार निजी क्षेत्र की भागीदारी का पूरा सहयोग ले रही है। इन सभी 18 आधुनिक परियोजनाओं को पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल के आधार पर विकसित किया जाएगा, जिसका साफ मतलब है कि सरकारी सहयोग के साथ-साथ इसमें निजी निवेशकों का भी बड़ा योगदान होगा।
परिवहन निगम के वरिष्ठ अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार इन सभी 18 प्रस्तावित परियोजनाओं में कुल मिलाकर 1,100 करोड़ रुपये से भी अधिक के भारी-भरकम निजी निवेश के आने की पूरी संभावना है। इस बड़े वित्तीय निवेश से न केवल निर्माण कार्य तेजी से पूरे होंगे, बल्कि बस अड्डों की बनावट और गुणवत्ता भी देश के बड़े महानगरों के एयरपोर्ट्स और मेट्रो स्टेशनों जैसी हाईटेक तर्ज पर तैयार की जाएगी।