उत्तर प्रदेश में आतंकवाद के खिलाफ यूपी एटीएस का सबसे बड़ा और निर्णायक प्रहार
भारत की आंतरिक सुरक्षा को अस्थिर करने और देश के विभिन्न हिस्सों में अपनी नापाक साजिशों को अंजाम देने के लिए पड़ोसी देश पाकिस्तान से लगातार षड्यंत्र रचे जाते रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और खुफिया तंत्र की मुस्तैदी के चलते अक्सर इन देशविरोधी मंसूबों को समय रहते नाकाम भी कर दिया जाता है। उत्तर प्रदेश से इस वक्त देश की सुरक्षा व्यवस्था को हिला देने वाली एक बहुत बड़ी सनसनीखेज खबर सामने आ रही है, जहां उत्तर प्रदेश आतंकवाद विरोधी दस्ते (UP ATS) ने कुख्यात पाकिस्तानी आतंकी और हैंडलर शहजाद भट्टी के भारत में सक्रिय नेटवर्क के खिलाफ एक ऐतिहासिक और बहुत बड़ा एक्शन लिया है। एटीएस की टीमों ने राज्य के एक-दो नहीं बल्कि पूरे 15 जिलों में एक साथ सुनियोजित तरीके से ताबड़तोड़ छापेमारी की कार्रवाई को अंजाम दिया है, जिससे अपराधियों और उनके स्थानीय मददगारों के बीच हड़कंप मच गया है।
पाकिस्तानी हैंडलर शहजाद भट्टी का काला जाल और स्लीपर सेल्स की सक्रियता
खुफिया एजेंसियों और यूपी एटीएस को पिछले कुछ महीनों से लगातार इनपुट मिल रहे थे कि पाकिस्तान में बैठकर भारत के खिलाफ जहर उगलने वाला और आतंकी गतिविधियों को संचालित करने वाला शहजाद भट्टी उत्तर प्रदेश के युवाओं को अपने जाल में फंसाने की कोशिश कर रहा है। वह सोशल मीडिया, एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स और हवाला के जरिए पैसे भेजकर देश के भीतर अपने स्लीपर सेल्स (Sleeper Cells) और गुर्गों को तैयार कर रहा था। इन गुप्त सूचनाओं को पुख्ता करने के बाद एटीएस ने अपनी तकनीकी विंग और सर्विलांस टीमों को एक्टिव किया और यह पता लगाया कि इस पाकिस्तानी नेटवर्क के तार यूपी के किन-किन जिलों तक फैले हुए हैं। जब कड़ियां आपस में जुड़ीं, तो पता चला कि यह जाल उम्मीद से कहीं ज्यादा गहरा और खतरनाक है, जिसके बाद इस बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन की रूपरेखा तैयार की गई।
15 जिलों में एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी और कई संदिग्धों की धरपकड़
शनिवार की सुबह उत्तर प्रदेश के अलग-अलग 15 जिलों में एक साथ जब यूपी एटीएस के कमांडो और अधिकारी सादे कपड़ों व गाड़ियों में उतरे, तो स्थानीय पुलिस थानों को भी इसकी भनक अंतिम समय तक नहीं लगने दी गई। जिन जिलों में यह व्यापक छापेमारी की गई, उनमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर तराई और पूर्वी हिस्से के संवेदनशील इलाके भी शामिल हैं। एटीएस की टीमों ने संदिग्ध ठिकानों, मदरसों, किराए के मकानों और कुछ विशिष्ट व्यक्तियों के परिसरों पर अचानक दबिश दी। इस ताबड़तोड़ कार्रवाई के दौरान वहां मौजूद दस्तावेजों, मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स को कब्जे में ले लिया गया है। शुरुआती जानकारियों के अनुसार, इस पूरे ऑपरेशन में कई ऐसे संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है जो सीधे तौर पर पाकिस्तानी हैंडलर शहजाद भट्टी के संपर्क में थे और फंडिंग तथा रसद मुहैया कराने का काम कर रहे थे।
आतंकी फंडिंग और युवाओं को बरगलाने के पुख्ता सबूत आए सामने
एटीएस के उच्च पदस्थ सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक, हिरासत में लिए गए संदिग्धों से पूछताछ के दौरान कई चौंकाने वाले और देश की सुरक्षा को झकझोर देने वाले खुलासे हो रहे हैं। ये लोग सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों और आतंकियों के संपर्क में थे। इन्हें भारत की संवेदनशील संस्थाओं, धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों की रेकी करने तथा सामरिक महत्व की जानकारियां सीमा पार भेजने का टास्क सौंपा गया था। इसके एवज में इन्हें हवाला के जरिए मोटी रकम पहुंचाई जा रही थी। एटीएस इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं और उत्तर प्रदेश के अलावा देश के अन्य राज्यों में इनके कौन-कौन से स्लीपर सेल्स सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।
आंतरिक सुरक्षा को लेकर सरकार और सुरक्षा एजेंसियों का कड़ा संदेश
यूपी एटीएस द्वारा की गई यह व्यापक कार्रवाई इस बात का स्पष्ट और कड़ा संदेश देती है कि भारत की धरती पर आतंकवाद और देशविरोधी ताकतों के लिए कोई जगह नहीं है। उत्तर प्रदेश सरकार और कानून प्रवर्तन एजेंसियां राज्य की शांति और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी शख्स को बख्शने के मूड में नहीं हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय और गृह विभाग लगातार इस पूरे ऑपरेशन की मॉनिटरिंग कर रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर कुछ और बहुत बड़े खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है, क्योंकि एटीएस की टीमें पकड़े गए संदिग्धों से मिलने वाले सुरागों के आधार पर अन्य ठिकानों पर भी लगातार दबिश दे रही हैं। इस त्वरित और पेशेवर कार्रवाई से एक बार फिर यह साबित हो गया है कि हमारी सुरक्षा एजेंसियां देश की रक्षा के लिए चौबीसों घंटे पूरी मुस्तैदी से डटी हुई हैं।