28 सितंबर तक यूपी में मौसम का खेल बदलेगा, इन जिलों में बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट

28 सितंबर तक यूपी में मौसम का खेल बदलेगा, इन जिलों में बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट

उत्तर प्रदेश में उमस और तीखी धूप से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य में पिछले कुछ दिनों से थमा मानसूनी सिलसिला एक बार फिर सक्रिय होने जा रहा है।

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने नए मौसमी सिस्टम के असर से बुधवार से प्रदेश के कई हिस्सों में घने बादल छाने और बारिश की गतिविधियां शुरू होने के प्रबल आसार हैं। इस नए वेदर सिस्टम के चलते अगले चार से पांच दिनों तक राज्य के विभिन्न अंचलों में रुक-रुक कर हल्की से मध्यम और कहीं-कहीं भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।

अगले 48 घंटों में 40 से ज्यादा जिलों में बारिश और वज्रपात का अलर्ट

मौसम वैज्ञानिकों के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले 48 घंटों के भीतर उत्तर प्रदेश के 40 से अधिक जिलों में अच्छी मानसूनी बारिश देखने को मिल सकती है। विशेष रूप से पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश के जिलों में 28 सितंबर तक बादलों की आवाजाही और वर्षा का असर बना रहेगा। राजधानी लखनऊ समेत कानपुर, बाराबंकी, अयोध्या और आसपास के तराई व मैदानी इलाकों में बुधवार से गरज-चमक के साथ फुहारें पड़ने और कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने की चेतावनी जारी की गई है।

पारे में आएगी 3 डिग्री तक गिरावट, उमस भरी गर्मी से मिलेगी राहत

लखनऊ में सोमवार को तेज धूप और उमस के चलते अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के स्तर पर पहुंच गया था, जिससे दिनभर लोग पसीने से तरबतर रहे। मंगलवार को भी पारे की स्थिति लगभग ऐसी ही बनी रही। हालांकि मौसम विभाग का आकलन है कि बुधवार से शुरू होने वाली बारिश के प्रभाव से वातावरण में ठंडक घुलेगी और दिन के अधिकतम तापमान में करीब 3 डिग्री सेल्सियस तक की उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे लोगों को चिपचिपी गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।

पश्चिमी यूपी में भी बदलेगा मौसम, बारिश की कमी होगी पूरी

इस नए मौसमी तंत्र का दायरा केवल अवध और पूर्वांचल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिकांश जनपदों में भी बादलों का डेरा रहेगा और बूंदाबांदी से लेकर मध्यम बारिश होगी। इस बारिश से प्रदेश में बने सूखे और बारिश के घाटे की काफी हद तक भरपाई होने की उम्मीद है। मौजूदा आंकड़ों के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में अब तक सामान्य से 11 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है, जबकि पश्चिमी यूपी में यह कमी 0.4 प्रतिशत रही है। कुल मिलाकर पूरे प्रदेश में सामान्य के मुकाबले लगभग 6 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है, जो इस स्पेल के बाद सुधर सकती है।

कब होगी यूपी से मानसून की विदाई?

मानसून के आधिकारिक विदाई चक्र को लेकर मौसम वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश से मानसून की वापसी की सामान्य तारीख 28 से 30 सितंबर के बीच मानी जाती है। वहीं लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और गोरखपुर समेत मध्य व पूर्वी उत्तर प्रदेश के इलाकों से मानसून की औपचारिक विदाई सामान्य तौर पर 4 अक्टूबर तक पूरी होती है। ऐसे में विदाई से ठीक पहले सक्रिय हुआ यह वेदर सिस्टम किसानों और आम जनता दोनों के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित होगा।